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  • छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती पर खुला शिकायत मंच, 21 दिसंबर को गृह मंत्री विजय शर्मा स्वयं करेंगे सुनवाई

    छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती पर खुला शिकायत मंच, 21 दिसंबर को गृह मंत्री विजय शर्मा स्वयं करेंगे सुनवाई

    अंकिता शर्मा, रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रही आपत्तियों और शिकायतों के समाधान के लिए राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर पहल की है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस आरक्षक भर्ती पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप संपन्न की गई है। भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की मांग पर सभी उम्मीदवारों के प्राप्तांक सार्वजनिक किए गए हैं, जिन्हें वेबसाइट और क्यूआर कोड के माध्यम से आसानी से देखा जा सकता है।

    गृहमंत्री ने एक अभ्यर्थी के एक से अधिक जिलों में चयन को लेकर उठे सवालों पर स्पष्ट किया कि शारीरिक परीक्षा के लिए खुली प्रतिस्पर्धा के तहत अभ्यर्थियों को विभिन्न जिलों में परीक्षा देने की अनुमति दी गई थी। ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने एक से अधिक स्थानों पर शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण की, उनके लिखित परीक्षा अंकों को संबंधित जिलों में जोड़ा गया। हालांकि, यह सुनिश्चित किया गया है कि अंतिम चयन केवल एक ही स्थान पर होगा, जबकि अन्य स्थानों पर प्रतीक्षा सूची से प्रावीण्यता के आधार पर चयन किया जाएगा।

    शिकायत निवारण की विशेष व्यवस्था
    भर्ती से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए 19 एवं 20 दिसंबर 2025 को पुलिस मुख्यालय रायपुर में एडीजी एसआरपी एसपी कल्लूरी द्वारा खुला मंच आयोजित किया जाएगा। अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की शिकायत लिखित प्रमाणों के साथ प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे पूर्व 12 से 14 दिसंबर तक सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों द्वारा शिकायतें प्राप्त की जा चुकी हैं।

    21 दिसंबर को गृह मंत्री से सीधी मुलाकात
    गृहमंत्री विजय शर्मा स्वयं 21 दिसंबर को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में अभ्यर्थियों से मुलाकात कर शिकायतें सुनेंगे। जो अभ्यर्थी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, वे अपने संबंधित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के ठोस प्रमाण सामने आते हैं, तो निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    5,967 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा
    एडीजी कल्लूरी ने बताया कि पुलिस आरक्षक के 5,967 पदों के लिए लगभग 7 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे और भर्ती परीक्षा का परिणाम 9 दिसंबर को घोषित किया गया। आवेदनों की संख्या अधिक होने के कारण शंकाओं का उत्पन्न होना स्वाभाविक है, इसी को ध्यान में रखते हुए शिकायत निवारण की यह विशेष व्यवस्था की गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होगी।

  • पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन स्थलों के विकास व उन्नयन एवं उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहन का उठाया मुद्दा

    पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन स्थलों के विकास व उन्नयन एवं उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहन का उठाया मुद्दा


    अंकिता शर्मा, कवर्धा। छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र की तीसरे दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने पर्यटन स्थलों के विकास व उन्नयन, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और स्वास्थ्य सेवाओं के सन्दर्भ में विधानसभा में प्रश्न किया। इस दौरान उन्होंने विगत पांच वर्षों में प्रदेश के पर्यटन स्थलों के विकास और उन्नयन, प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रदत्त सुविधाओं, डॉ.भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में उपकरणों के संधारण और लैब में रिएजेंट किट का मुद्दा सदन के समक्ष उठाया।

    भावना बोहरा ने मरीजों को मुख्य शारीरिक जांच हेतु निजी लैब में जांच कराने की हो रही असुविधा के बारे में प्रश्न पूछा की प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी विभाग की कौन-कौन सी प्रमुख मशीनें (जैसे-एमआरआई, सिटी स्कैन,एक्स-रे,सोनोग्राफी) पिछले 3 महीने या उससे अधिक समय से खराब या बंद पड़ी हैं? क्या शासन ऐसी स्थिति में बीपीएल (BPL) और आयुष्मान कार्ड धारकों द्वारा बाहर से कराई गई जाँच का पैसा प्रतिपूर्ति करने का प्रावधान रखता है? और खराब मशीनों को सुधारने के लिए एनुअल मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई है और ये मशीनें कब तक सुधार कर जनता के लिए उपलब्ध हो जाएंगी? जिसके लिखित प्रतिउत्तर में लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल जी ने बताया कि चिकित्सालय में उपलब्ध जॉच बी.पी.एल. (BPL) आयुष्मान कार्ड धारकों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है, आवश्यकतानुसार डी. के. एस. सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सालय, रायपुर से जांच कराए जाने पर भुगतान इस चिकित्सालय के स्वशासी मद से किया जाता है। बी.पी.एल.  और आयुष्मान कार्ड धारकों द्वारा बाहर कराई गयी जांच का पैसा प्रतिपूर्ति करने का प्रावधान नहीं है। चूंकि जाँच सुविधाएं चिकित्सालय में उपलब्ध है। चिकित्सालय में स्थापित मशीनें के वार्षिक रख-रखाव  का प्रावधान किया गया है। मंत्री जी ने बताया की अस्पताल में 1 एमआरआई, 1 यूएसजी, सिटी स्कैन,2 एक्स-रे,1 पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, 1 ऑटोमेटेड टीश्यू प्रोसेसर मशीन, 1 ऑटोमेटीक स्टेनिंग मशीन, 1 एल.बी.सी मशीन वर्तमान समय में अपनी निर्धारित आयु पूर्ण कर चुकी है जिस वजह से बंद है।

    भावना बोहरा ने प्रदेश के विभिन्न शासकीय अस्पतालों एवं चिकित्सालयों में रिएजेंट किट्स के सन्दर्भ प्रश्न किया कि राज्य के विभिन्न शासकीय अस्पतालों एवं चिकित्सालयों के लैब में रिएजेंट किट्स की कुल कितनी आवश्यकता है? क्या मांग के अनुरूप रिएजेंट किट्स की आपूर्ति विभाग द्वारा की जा रही है? कबीरधाम जिले के किन-किन शासकीय अस्पतालों एवं चिकित्सालयों के लैब में वर्तमान में कौन-कौन सी जारी परीक्षणों के लिए आवश्यक रिएजेंट किट्स की कमी है? रिएजेंट किट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों द्वारा मांग, विभाग द्वारा खरीदी, निविदा एवं वितरण की क्या प्रक्रिया है ? उक्त प्रक्रिया की अवधि पूर्ण होने तक मरीजों के परीक्षण हेतु अस्पताल प्रबंधनों को कितना बफर स्टॉक रखने का निर्देश है? माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी ने लिखित उत्तर देते हुए बताया कि सी.जी.एम.एस.सी. में क्रय की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में रिएजेंट किट्स की मांग के अनुरूप आपूर्ति हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन को राशि जारी किया गया अवधि पूर्ण होने तक मरीजों के जाँच परीक्षण हेतु अस्पताल प्रबंधकों को रिएजेंट किट का वार्षिक मांग के 10 प्रतिशत बफर स्टॉक रखने का निर्देश है। मंत्री जी ने बताया कि कबीरधाम जिला अंतर्गत जिला चिकित्सालय कबीरधाम, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स.लोहारा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पंडरिया, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोडला एवं झलमला और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया में रिएजेंट किट्स की कमी होना बताया जिसके लिए भावना बोहरा ने स्वास्थ्य  मंत्री जी से रिएजेंट किट्स की कमी को यथासंभव उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

    भावना बोहरा ने प्रदेश एवं विशेषकर पंडरिया विधानसभा में पर्यटन स्थलों के विकास व उन्नयन के विषय में प्रश्न किया कि पिछले पाँच वर्षों में सरकार द्वारा पर्यटन स्थलों के विकास, उन्नयन एवं रखरखाव पर कुल कितना व्यय किया गया है? राज्य में पर्यटन से पिछले पाँच वर्षों में कुल कितनी आय हुई है? किन-किन स्रोतों से आय प्राप्त हुई है? पिछले पाँच वर्षों में कितने नए पर्यटन स्थलों का किस-किस योजना के तहत विकास किया गया है और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है? राज्य में पर्यटन विकास हेतु संचालित कितने प्रोजेक्ट PPP ( पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालित हैं? ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने कितने एवं कौन कौन से नए स्थलों का चयन किया गया है? राज्य में पर्यटन को ‘उद्योग’ का दर्जा तो दिया गया है किन्तु क्या इसके क्रियान्वयन, निवेश एवं सेट अप हेतु कोई समुचित परियोजना, नीतिगत उपाय या योजना तैयार की गई है?

    माननीय विभागीय मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी ने लिखित उत्तर देते हुए बताया कि पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के द्वारा चिन्हांकित पर्यटन स्थलों के विकास हेतु कुल राशि रुपये 9707,63 लाख व्यय किया गया है। राज्य में पर्यटन से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को पिछले पांच वित्तीय वर्षों में कुल राशि रू. 40,67,35,907 की आय प्राप्त हुई है. आय का मुख्य स्त्रोत जिसमें होटल/मोटल/रिसॉर्ट/विश्रामगृह से प्राप्त राशि एवं निजी होटल के पंजीयन शुल्क से प्राप्त राशि है, पिछले पांच वर्षों में चिन्हांकित किए गए नए पर्यटन स्थलों में विकास कार्य नहीं किया गया है। भारत सरकार, वित्त मंत्रालय की “कैपिटल इंवेस्टमेंट हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना 2024-25 ग्लोबल स्केल स्तर के आइकॉनिक टूरिस्ट सेंटर के विकास” के अंतर्गत नवा रायपुर में “वित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण कार्य एवं “ट्रायबल एवं कल्चरल कंवेन्शन सेंटर” के निर्माण, दोनों योजनाओं का क्रियान्वयन PPP मॉडल पर संचालित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नवीन पर्यटन नीति तैयार की जा रही है जिसके अंतर्गत ईको टूरिज्म स्थलों का चयन एवं ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने संबंधी प्रावधान किया जायेगा। नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 में पर्यटन को सेवा क्षेत्र में सम्मिलित किया गया है। इस योजना के तहत देश एवं राज्य के प्रमुख शहरों में पर्यटक संपर्क एवं रोड-शो का आयोजन किया जा रहा है। अब तक तीन स्थानों बस्तर, रायपुर तथा नई दिल्ली में इनका आयोजन किया जा चुका है जिसमें 1581,30 करोड़ के निवेश प्रस्ताव हेतु निवेश आमंत्रण तथा स्वीकृति पत्र प्रदाय किये गये, जिससे इस सेक्टर में लगभग 3928 व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन का अनुमान है।

    उन्होंने राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने हेतु वर्तमान में लागू नीति के बारे में प्रश्न किया कि पिछले पाँच वर्षों में दुर्ग संभाग के कितने उत्कृष्ट खिलाड़ियों को किस खेल श्रेणी के अंतर्गत कौन-कौन से पदों पर सरकारी नौकरी प्रदान की गई है? खिलाड़ियों को दी जाने वाली अन्य सुविधाएँ-जैसे छात्रवृत्ति, खेल प्रोत्साहन राशि, नौकरी में आरक्षण/प्राथमिकता, विशेष प्रशिक्षण, आवास/भोजन सुविधा वर्तमान में सरकार द्वारा क्या-क्या सुविधाएं दी जा रही हैं? और क्या सरकार भविष्य में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए नई या संशोधित नीति लाने पर विचार कर रही है? उनके प्रश्न के प्रतिउत्तर में लिखित जवाब देते हुए माननीय उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव जी ने बताया कि राज्य में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने हेतु वर्तमान में “छत्तीसगढ़ राज्य शासकीय सेवा में उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियम, 2010 के संशोधन दिनांक 20 मई 2016 के बिन्दु “छ” लोक सेवा आयोग की परिधि में आने वाले सीधी भर्ती के पदों को छोड़कर, शासन के सभी विभागो के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के सीधी भर्ती के उपलब्ध रिक्त पदों पर, उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति का प्रावधान है।” खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत पिछले पाँच वर्षों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान नहीं की गई है।

  • बस्तर संभाग के सरपंचों ने नए विधानसभा भवन में देखी लोकतांत्रिक प्रक्रिया, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की मुलाकात

    बस्तर संभाग के सरपंचों ने नए विधानसभा भवन में देखी लोकतांत्रिक प्रक्रिया, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की मुलाकात

    रायपुर। बस्तर संभाग से आए विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने आज नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विधानसभा की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नजदीक से समझा। भ्रमण के अवसर पर सरपंचों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर संवाद भी किया।

    बस्तर संभाग के सरपंचों ने नए विधानसभा भवन में देखी लोकतांत्रिक प्रक्रिया, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की मुलाकात

    बस्तर क्षेत्र में लोकतंत्र के प्रति विश्वास और जागरूकता को सशक्त करने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर यह भ्रमण आयोजित किया गया, जिसमें बस्तर संभाग के विभिन्न ग्रामों का प्रतिनिधित्व करने वाले सरपंच शामिल हुए।

    भ्रमण के दौरान सरपंचों को सदन की कार्यवाही, प्रश्नकाल, चर्चा की प्रक्रिया और निर्णय प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्राम स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए यह अनुभव अत्यंत प्रेरणादायी रहा।

    उपमुख्यमंत्री से संवाद के दौरान सरपंचों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखने से उन्हें शासन व्यवस्था और जनसेवा की बेहतर समझ मिली है। उन्होंने कहा कि सदन में विभिन्न मुद्दों पर दोनों पक्षों द्वारा सकारात्मक चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है, जिससे यह विश्वास होता है कि जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जाता है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं और ग्रामीण विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बस्तर संभाग के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और पंचायतों के सशक्तिकरण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

    सरपंचों ने इस अवसर के लिए राज्य सरकार एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के अनुभव उन्हें अपने-अपने गांवों में बेहतर नेतृत्व, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।

  • कबीरधाम पुलिस की बड़ी कामयाबी: 2017 के ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा

    कबीरधाम पुलिस की बड़ी कामयाबी: 2017 के ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा

    कवर्धा। जिला कबीरधाम पुलिस ने वर्ष 2017 के एक 8 साल पुराने अंधे कत्ल के सनसनीखेज प्रकरण का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कबीरधाम श्री धर्मेन्द्र सिंह (भापुसे) के निर्देशन में की गई।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र कुमार बघेल एवं श्री पंकज पटेल के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कवर्धा श्री भूपत सिंह के सतत पर्यवेक्षण में थाना कुकदूर पुलिस टीम द्वारा यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई।

    उल्लेखनीय है कि दिनांक 17 मई 2017 को थाना कुकदूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमनिया निवासी 14 वर्षीय बालिका राजबाई गोड का शव कोलिहामाड़ा नाला के पास भेलवा पेड़ पर उसकी चुनरी से फांसी के फंदे में लटका हुआ मिला था। प्रारंभिक जांच में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें डॉक्टर द्वारा मृत्यु का कारण गला दबाने से दम घुटना बताया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि मामला आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का था।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 52/2017 धारा 302 एवं 201 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया, किंतु वर्षों तक यह प्रकरण अंधा कत्ल बना रहा।

    वर्ष 2025 में कबीरधाम पुलिस द्वारा पुराने लंबित मामलों की पुनः समीक्षा के दौरान इस केस को प्राथमिकता में लिया गया। सघन विवेचना, मुखबिर तंत्र की सक्रियता एवं लगातार पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए। साक्षी लक्ष्मण टेकाम द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर न्यायालय में धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत बयान दर्ज कराया गया।

    जांच के दौरान आरोपी रमला उर्फ राम धुर्वे एवं दयाल उर्फ दयालाल बैगा की भूमिका सामने आई। पूछताछ में यह तथ्य उजागर हुआ कि मृतिका की गला दबाकर हत्या की गई थी और हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पेड़ पर लटकाया गया। आरोपी दयाल उर्फ दयालाल बैगा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    गौरतलब है कि कबीरधाम पुलिस ने विगत एक वर्ष में जिले के कुल 14 पुराने ब्लाइंड मर्डर मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है, जिनमें चर्चित डॉक्टर दंपत्ति हत्याकांड सहित अन्य गंभीर प्रकरण शामिल हैं।

    इस कार्रवाई में थाना कुकदूर पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही। निरीक्षक संग्राम सिंह धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सतत फील्डवर्क एवं सटीक विवेचना के माध्यम से ठोस साक्ष्य संकलित किए।

    कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अपराध चाहे कितने भी पुराने क्यों न हों, अपराधी कानून से बच नहीं सकते। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी कार्यवाहियां निरंतर जारी रहेंगी।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का तीसरा दिन: सदन में गूंजा राशन कार्ड का मुद्दा

    छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का तीसरा दिन: सदन में गूंजा राशन कार्ड का मुद्दा

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को सदन में राशन कार्ड से जुड़ा मामला प्रमुखता से उठा। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को घेरते हुए आरोप लगाया कि राज्य में राशन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एपीएल राशन कार्डों को गलत तरीके से बीपीएल कार्ड में बदला गया है, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को नुकसान हो रहा है।

    विधायक ने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, मंत्री दयालदास बघेल ने आरोपों पर जवाब देते हुए विभागीय प्रक्रिया और नियमों का हवाला दिया।

  • छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष: संघर्ष, संकल्प और समग्र विकास की स्वर्णिम यात्रा

    छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष: संघर्ष, संकल्प और समग्र विकास की स्वर्णिम यात्रा

    रायपुर। 1 नवंबर 2000 को भारत के मानचित्र पर छत्तीसगढ़ एक नए राज्य के रूप में उभरा। मध्यप्रदेश से पृथक होकर बने इस राज्य ने 25 वर्षों की यात्रा में न केवल अपनी पहचान गढ़ी, बल्कि विकास, सामाजिक न्याय और सुशासन के कई नए प्रतिमान भी स्थापित किए। प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर, आदिवासी संस्कृति से समृद्ध और कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ की यह यात्रा चुनौतियों से शुरू होकर आत्मविश्वास और उपलब्धियों तक पहुँची है।

    राज्य गठन और प्रारंभिक चुनौतियाँ

    राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ के सामने अनेक समस्याएँ थीं, कमजोर अधोसंरचना, सीमित औद्योगिक आधार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की चुनौती। ग्रामीण और आदिवासी बहुल अंचलों में सड़क, बिजली, पानी और प्रशासनिक पहुंच का अभाव स्पष्ट था। ऐसे में शुरुआती वर्षों में सरकार का प्रमुख लक्ष्य मजबूत प्रशासनिक ढांचा खड़ा करना और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार रहा। नई राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) की परिकल्पना, जिलों और तहसीलों का पुनर्गठन, पंचायत और नगरीय निकायों को सशक्त बनाना, इन प्रयासों ने विकास की नींव रखी। विकेंद्रीकरण के माध्यम से योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया गया।

    हैं। स्टार्टअप, डिजिटल सेवाएं और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और सतत विकास के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है। छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष केवल समय की गणना नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी यात्रा हैं, जहां संघर्ष से संकल्प और संकल्प से सफलता की कहानी लिखी गई। यह विकास केवल इमारतों, सड़कों और आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान की समृद्धि, आदिवासी के अधिकार, महिला की आत्मनिर्भरता और युवा के सपनों में दिखाई देता है। रजत जयंती के इस पड़ाव पर छत्तीसगढ़ आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर देख रहा है। एक ऐसा भविष्य, जो समावेशी, टिकाऊ और उज्ज्वल है। यही 25 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि और आने वाले कल की सबसे मजबूत नींव है।

  • नितिन नबीन बने BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, पीएम मोदी ने दी बधाई — संगठन को नई ऊर्जा देने की जताई उम्मीद

    नितिन नबीन बने BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, पीएम मोदी ने दी बधाई — संगठन को नई ऊर्जा देने की जताई उम्मीद

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठनात्मक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार सरकार के मंत्री और छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन को पार्टी का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी।

    नितिन नबीन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने नितिन नबीन को एक युवा, कर्मठ और विनम्र स्वभाव का नेता बताते हुए कहा कि उनकी व्यावहारिक कार्यशैली और संगठनात्मक ऊर्जा पार्टी को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भाजपा का संगठन और अधिक सशक्त होगा।

    नितिन नबीन बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता स्व. नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र हैं। वे बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार सफल विधायक रहे हैं। वर्ष 2006 के उपचुनाव से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले नितिन नबीन 2010, 2015, 2020 और 2025 में भी विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। नीतीश सरकार में वे पथ निर्माण मंत्री और शहरी विकास एवं आवास विभाग के मंत्री के रूप में अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दे चुके हैं।

    छत्तीसगढ़ में भाजपा की शानदार वापसी में भी नितिन नबीन की भूमिका अहम मानी जाती है। 2018 की हार के बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सत्ता में वापसी और 2024 के लोकसभा चुनाव में 11 में से 10 सीटों पर जीत के पीछे उनकी रणनीतिक और संगठनात्मक भूमिका को पार्टी नेतृत्व ने विशेष रूप से सराहा।

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन की यह नियुक्ति भाजपा के संगठन को नई ऊर्जा देने और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए मजबूत रणनीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉफी टेबल बुक का किया अनावरण

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉफी टेबल बुक का किया अनावरण

    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी हुआ शुभारंभ

    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक आकर्षक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। यह पुस्तक राज्य में ग्रामीण आवास योजना के तहत प्राप्त ऐतिहासिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य को प्राप्त 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

    इसी अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी भी शामिल हैं, की निजी भूमि पर इन डबरियों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।

    कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए, जो सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • कबीरधाम में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन, 31,877 प्रकरणों का निराकरण कर 39.16 करोड़ रुपये से अधिक के वाद सुलझे

    कबीरधाम में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन, 31,877 प्रकरणों का निराकरण कर 39.16 करोड़ रुपये से अधिक के वाद सुलझे

    कवर्धा । छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 13 दिसंबर 2025 को जिले सहित प्रदेशभर में तालुका न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला कबीरधाम में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम द्वारा किया गया।

    नेशनल लोक अदालत के सफल संचालन हेतु जिले में कुल 12 खण्डपीठों का गठन किया गया, जिनमें 11 खण्डपीठ जिला मुख्यालय कबीरधाम एवं 01 खण्डपीठ व्यवहार न्यायालय पण्डरिया में गठित की गई थी। लोक अदालत में राजीनामा योग्य दाण्डिक प्रकरण, चेक बाउंस प्रकरण, सिविल वाद, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, प्री-लिटिगेशन प्रकरण जैसे बिजली बिल, दूरभाष, बैंक ऋण, जलकर आदि से संबंधित मामलों का निराकरण किया गया।

    लोक अदालत में कुल 31,877 लंबित प्रकरणों का निराकरण करते हुए 39,16,94,541 रुपये से संबंधित वादों का आपसी सहमति के आधार पर समाधान किया गया।
    खण्डपीठ क्रमांक-01 में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में 38.50 लाख रुपये एवं सिविल वादों में 8.24 लाख रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। परिवार न्यायालय में 29 वैवाहिक प्रकरणों का निराकरण कर टूटते संबंधों में पुनः मधुरता स्थापित की गई। राजस्व न्यायालय द्वारा 25,187 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 32.71 करोड़ रुपये से अधिक के मामलों का समाधान किया गया। वहीं नगर पालिका द्वारा जलकर एवं दुकान किराया से संबंधित 174 प्रकरणों में 3.74 लाख रुपये की वसूली की गई।

    लोक अदालत में कई मानवीय और प्रेरणादायी प्रकरण सामने आए, जहां वर्षों से चले आ रहे विवादों का शांतिपूर्ण समाधान हुआ। तीन वर्ष पुरानी पड़ोसी दुश्मनी समझौते के आधार पर समाप्त हुई, वहीं वैवाहिक विवादों में समझौते से बिखरे परिवार पुनः एक हुए। 25 वर्षों से लंबित वृद्ध दंपत्ति के भरण-पोषण विवाद का भी सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया।

    नेशनल लोक अदालत को यादगार बनाने के लिए जिला न्यायालय परिसर में सेल्फी प्वाइंट एवं स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था की गई, जिसका पक्षकारों ने भरपूर लाभ उठाया।
    लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायालयीन कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, पैरालीगल वालंटियर्स, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर पालिका, बैंकों एवं अन्य विभागों का सराहनीय सहयोग रहा।

  • कवर्धा प्रेस वार्ता में आंकड़ों के साथ बड़ा दावा: भाजपा के 2 साल, कांग्रेस के 5 साल पर भारी

    कवर्धा प्रेस वार्ता में आंकड़ों के साथ बड़ा दावा: भाजपा के 2 साल, कांग्रेस के 5 साल पर भारी

    कवर्धा। कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल की तुलना में उपमुख्यमंत्री माननीय विजय शर्मा के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में कबीरधाम जिले में कहीं अधिक व्यापक और ठोस विकास कार्य हुए हैं। यह बात जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी ने आज आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता में आंकड़ों और तथ्यों के साथ कही।

    प्रेस वार्ता में श्री चंद्रवंशी ने कहा कि भाजपा सरकार ने अल्प समय में गरीब कल्याण, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, पर्यटन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए हैं, जिनका लाभ सीधे आम जनता को मिल रहा है।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में जहां जिले में केवल 13,268 पक्के मकान स्वीकृत हुए थे, वहीं मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री माननीय विजय शर्मा के प्रयासों से मात्र दो वर्षों में 60 हजार से अधिक गरीब परिवारों को पक्के आवास की स्वीकृति दी गई है।

    सड़क विकास के क्षेत्र में भी बड़ा अंतर सामने आया है। कांग्रेस शासन में पूरे जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 27 सड़कों के लिए 171 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जबकि भाजपा सरकार के दो वर्षों में केवल कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में ही 73 सड़कों के लिए 172 करोड़ 32 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। पूर्व सरकार द्वारा जर्जर छोड़ी गई सड़कों का अब नवीनीकरण भी किया जा रहा है।

    किसानों के सम्मान के लिए कवर्धा एसडीएम कार्यालय परिसर, लोहारा, बोडला और शक्कर कारखाना भोरमदेव में किसान विश्राम गृह बनाए गए हैं। वहीं सिंचाई रकबा बढ़ाने के उद्देश्य से लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से बड़ौदा, जगमड़वा, घटोला, सुतियापाठ नहर विस्तार, छीरपानी जलाशय विस्तार, रेंगाखार जलाशय मरम्मत एवं रामपुर–भोरमदेव सकरी फीडर विस्तार के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

    शिक्षा के क्षेत्र में कबीरधाम को नया मुकाम दिलाते हुए 10 मई 2025 को भोरमदेव विद्यापीठ की स्थापना की गई, जहां गरीब एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पीएससी, व्यापम सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। एक वर्ष के भीतर ही यहां से आठ छात्रों का चयन शासकीय सेवाओं में हुआ है। इसके साथ ही 4.41 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नालंदा लाइब्रेरी 24 घंटे खुली रहेगी, जिसमें आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    स्वास्थ्य सेवाओं में भी ऐतिहासिक सुधार हुआ है। ग्राम घोठिया में 306 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। जिला अस्पताल कवर्धा में 4 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीटी स्कैन मशीन शुरू की गई है। गर्भवती माताओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी, एंबुलेंस सुविधा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण सहित दो वर्षों में 350 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत की गई है।

    खेल एवं युवा विकास के लिए गांव-गांव में मिनी स्टेडियमों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जिससे भोरमदेव मंदिर, मड़वा महल, छेरकी महल और सरोदा जलाशय को जोड़ा जाएगा।

    महिला सशक्तिकरण के तहत 19 महतारी सदन का निर्माण, 96 महिलाओं को सिलाई मशीन वितरण एवं प्रशिक्षण, 100 से अधिक दिव्यांगजनों को पेट्रोल चलित स्कूटी वितरण तथा सुदूर वनांचल क्षेत्रों में 5,000 से अधिक बैगा आदिवासियों को कंबल वितरण किया गया है।

    बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के लिए जिले में 8 नए विद्युत उपकेंद्र स्वीकृत किए गए हैं, जिनका शीघ्र भूमि पूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। साथ ही गौ अभ्यारण्य का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे बेसहारा पशुओं को आश्रय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

    प्रेस वार्ता में नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला भाजपा उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य लोकचंद साहू एवं वीरसिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।