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  • कवर्धा में आज रजत जयंती राज्योत्सव का भव्य समापन — मुख्य अतिथि होंगे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, स्टार नाइट में पं. विवेक शर्मा देंगे प्रस्तुति

    कवर्धा में आज रजत जयंती राज्योत्सव का भव्य समापन — मुख्य अतिथि होंगे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, स्टार नाइट में पं. विवेक शर्मा देंगे प्रस्तुति

    कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मनाए जा रहे छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत कवर्धा में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव का आज भव्य समापन होगा। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समापन समारोह का आयोजन आज शाम जिला मुख्यालय स्थित पी.जी. कॉलेज मैदान में किया जाएगा।

    कार्यक्रम के तहत उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा शाम 05ः30 बजे रायपुर से सड़क मार्ग से प्रस्थान कर 07ः30 बजे कवर्धा पहुंचेंगे। वे राज्योत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित होकर जिलेवासियों के साथ छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने की खुशी साझा करेंगे।

    राज्योत्सव के अंतिम दिवस को यादगार बनाने के लिए सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गायक पं. विवेक शर्मा और उनके साथी कलाकारों की प्रस्तुति होगी। ‘स्टार नाइट’ शीर्षक से आयोजित यह संध्या छत्तीसगढ़ी लोकगीतों, पारंपरिक संगीत और नृत्य की मधुर छटा बिखेरेगी। पं. शर्मा ‘मोर छत्तीसगढ़ महतारी तोला बारम-बार प्रणाम हे’, ‘बैला के घाघर’, ‘मोला बेटा कहिके बुलाए वो’ जैसे लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर करेंगे।

    राज्योत्सव स्थल को छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोकसज्जा की झलक से सजाया गया है। रोशनी, लोकपरिधान और पारंपरिक प्रतीकों से सुसज्जित पी.जी. कॉलेज मैदान में उत्साह का माहौल है। शहर के नागरिक, कलाकार और संगीतप्रेमी बड़ी संख्या में इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने की तैयारी में हैं।

    राज्योत्सव के पहले दो दिनों में जहाँ लोककला, हस्तशिल्प और पारंपरिक नृत्यों ने दर्शकों को आकर्षित किया, वहीं आज की यह समापन संध्या पूरे आयोजन का सबसे चमकदार अध्याय बनने जा रही है। जब मंच पर “मोर छत्तीसगढ़ महतारी…” की स्वर लहरियाँ गूंजेंगी, तो पूरा कवर्धा प्रदेश की अस्मिता और गौरव में डूबा नजर आएगा।

  • छत्तीसगढ़ में आज से वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन शुरू — 27 हजार BLO घर-घर करेंगे सर्वे, 4 दिसंबर तक चलेगा अभियान

    छत्तीसगढ़ में आज से वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन शुरू — 27 हजार BLO घर-घर करेंगे सर्वे, 4 दिसंबर तक चलेगा अभियान

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज से बिहार की तर्ज पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सर्वे शुरू हो गया है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) यशवंत कुमार ने बताया कि राज्यभर में 27 हजार 199 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे और नए मतदाताओं के आवेदन स्वीकार करेंगे।

    BLO हर परिवार से गणना प्रपत्र फॉर्म भरवाएंगे, जिसमें मतदाता की व्यक्तिगत जानकारी और पात्रता की पुष्टि की जाएगी। जरूरत पड़ने पर दस्तावेज मांगे जाएंगे और उनका मिलान किया जाएगा।

    केवल 5–6% मतदाताओं को ही देने होंगे दस्तावेज

    सीईओ ने बताया कि लगभग 90 से 94 प्रतिशत मतदाताओं का डेटा पहले से उपलब्ध है। केवल 5 से 6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की आवश्यकता होगी। जिन मतदाताओं का नाम 2003 के SIR रिकॉर्ड में मौजूद है, उन्हें दोबारा दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है।

    असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। सत्यापन का कार्य 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा।

    अब तक 71% मतदाताओं का मिलान पूरा

    सीईओ के अनुसार अब तक 71 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान हो चुका है। उम्मीद है कि एन्यूमरेशन फेज में यह आंकड़ा 94 से 95 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि 2003 के बाद कई मतदाता स्थानांतरित हुए हैं, विशेष रूप से विवाहित महिलाएं, जिनका अब नए मतदान केंद्रों से मिलान किया जा रहा है।

    नई सुविधा: ‘कॉल रिक्वेस्ट’ फीचर से सुलझेंगी समस्याएं

    BLO अब ‘कॉल रिक्वेस्ट’ फीचर के माध्यम से मतदाताओं की समस्याओं का समाधान करेंगे। सीईओ ने राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि वे अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA) के माध्यम से आयोग की टीम को सहयोग दें, ताकि पात्र मतदाताओं को जोड़ा जा सके और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें।

    छत्तीसगढ़ में 2.11 करोड़ मतदाता

    1 जनवरी 2025 की स्थिति में राज्य में कुल 2 करोड़ 11 लाख 5 हजार 391 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1.04 करोड़ पुरुष, 1.06 करोड़ महिलाएं और 728 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। राज्य में निर्वाचक लिंगानुपात 1024 है।

    सत्यापन के लिए मान्य दस्तावेज

    सत्यापन प्रक्रिया में पहचान के लिए निम्न दस्तावेज मान्य होंगे:

    सरकारी या PSU द्वारा जारी पहचान पत्र/पेंशन आदेश जन्म प्रमाणपत्र या पासपोर्ट शैक्षणिक प्रमाणपत्र (मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से जारी) स्थायी निवास प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र या वन अधिकार प्रमाणपत्र सरकारी भूमि या मकान आवंटन दस्तावेज परिवार रजिस्टर या NRC (जहां लागू हो) बिहार SIR (1 जुलाई 2025) की निर्वाचक नामावली का उद्धरण

    9 दिसंबर को जारी होगी मसौदा मतदाता सूची

    मसौदा मतदाता सूची 9 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 8 जनवरी 2026 तक मतदाता सुधार या आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे। इन आवेदनों की सुनवाई 31 जनवरी 2026 तक होगी।

    अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी, जो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए आधार बनेगी।

  • पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से नगर पंचायत पांडातराई में कुल 52 विकास व अधोसंरचना निर्माण कार्यों हेतु मिली लगभग ₹2 करोड़ 80 लाख की सौगात*

    पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से नगर पंचायत पांडातराई में कुल 52 विकास व अधोसंरचना निर्माण कार्यों हेतु मिली लगभग ₹2 करोड़ 80 लाख की सौगात*

    कवर्धा। जनता की मूलभूत सुविधाओं एवं क्षेत्र के विकास हेतु निरंतर सक्रिय पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से लगातार विधानसभा की जनता को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इन विकास कार्यों से जनता को लाभ मिल रहा है वहीं उन्हें सुगम आवागमन, प्रकाश व्यवस्था व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो रही है। नगर पंचायत पांडातराई में विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से कुल 52 अधोसंरचना निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा 2 करोड़ 79 लाख 76 हजार रुपए की सौगात नगर वासियों को मिली है। इसके तहत नगर में मूलभूत सुविधाओं, सीसी रोड निर्माण, नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट, हाई मास्ट लाइट, मुक्तिधाम, मूर्ति स्थापना,टॉप निर्माण,आहता निर्माण एवं अतिरिक्त कक्ष जैसे विभिन्न अधोसंरचना एवं विकास कार्यों का निर्माण होगा। इस सौगात के लिए पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, नगरीय प्रशासन मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी का आभार व्यक्त कर नगरवासियों को बधाई दी।

    इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि नगर पंचायत पांडातराई की जनता की सुविधा एवं उनकी मांगों को पूरा करने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं। नगरवासियों की सुविधा एवं नगर के विकास को गति देने के लिए आज 2 करोड़ 79 लाख 76 हजार रुपये की स्वीकृति मिली है। हाल ही में जनता की बहुप्रतीक्षित मांग को देखते हुए नगर में उप तहसील की स्थापना भी की गई जो डबल इंजन भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता एवं विकास नीति को दर्शाती है। आज नगर पंचायत पांडातराई को मिली इस सौगात से नगर के विकास एवं जनता को सुविधाओं का लाभ मिलेगा। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुगम सड़क, नाली निर्माण से पानी जाम की समस्या से निजात मिलेगा। इन विकास कार्यों से जनता को सुविधा मिलेगी वहीं नगर की आर्थिक प्रगति भी सुनिश्चित होगी।

    उन्होंने आगे कहा कि जनता की सुविधाओं का विस्तार करना और अधोसंरचना निर्माण एवं विकास कार्यों को गति देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसके पूर्व भी पांडातराई नगर में पेयजल की समुचित व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, सड़कों के निर्माण और मरम्मत, पीएम आवास, बाईपास निर्माण और तहसील कार्यालय की स्थापना जैसे विकास कार्यों की सौगात नगर वासियों को मिली है। जनता को सुविधाओं और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिले यही हमारा लक्ष्य है। निरंतर विकास कार्यों की स्वीकृति, उनके क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता के साथ उच्च गुणवत्ता से हो रहें अधोसंरचना निर्माण कार्यों से आज पांडातराई नगर एवं पंडरिया विधानसभा की तस्वीर बदल रही है। नगरवासियों की मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना, नगर को स्वच्छ,सुंदर और समृद्ध बनाना यही हमारा लक्ष्य है जिसके लिए हम अनवरत प्रयास कर रहें हैं।

  • कवर्धा में राज्योत्सव की धूम, लेकिन भाजपा जिला अध्यक्ष का नामोनिशान तक नहीं — गैरमौजूदगी पर उठे सवाल, क्या प्रशासन की तैयारी अधूरी?

    कवर्धा में राज्योत्सव की धूम, लेकिन भाजपा जिला अध्यक्ष का नामोनिशान तक नहीं — गैरमौजूदगी पर उठे सवाल, क्या प्रशासन की तैयारी अधूरी?

    कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कवर्धा जिले में 2 से 4 नवंबर 2025 तक तीन दिवसीय भव्य राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आचार्य पंथ गृथमुनि नाम साहेब शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैदान में होने वाले इस आयोजन को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारियों के बड़े दावे किए हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लोकनृत्य, और प्रसिद्ध कलाकारों के आगमन से आयोजन को खास बनाने की योजना है।

    लेकिन इन तमाम तैयारियों के बीच एक सवाल अब चर्चा का विषय बन गया है — आखिर कवर्धा जिले के भाजपा जिला अध्यक्ष का नामोनिशान क्यों नहीं दिखा? न तो मंच पर उपस्थिति और न ही आयोजन की तैयारियों में उनकी कोई भूमिका नज़र आई। राजनीतिक हलकों में यह विषय जोर पकड़ रहा है कि क्या जिले के इतने महत्वपूर्ण आयोजन में प्रमुख जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति प्रशासन की तैयारी पर सवाल नहीं उठाती?

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राज्योत्सव केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जिले की संस्कृति, जनभागीदारी और एकता का प्रतीक होता है। ऐसे में प्रमुख राजनीतिक चेहरों की गैरमौजूदगी और प्रशासन की एकतरफा भूमिका लोगों के बीच असंतोष का कारण बन रही है।

    अब देखना यह होगा कि राज्योत्सव के शेष दो दिनों में यह राजनीतिक दूरी कम होती है या नहीं, और क्या प्रशासन इस भव्य उत्सव को सच में जनभागीदारी का पर्व बना पाएगा, या यह आयोजन भी सिर्फ औपचारिकता तक सीमित रह जाएगा।

  • CG News : महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 की चैंपियन बनी टीम इंडिया, सीएम विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी बधाई

    CG News : महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 की चैंपियन बनी टीम इंडिया, सीएम विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी बधाई

    CG News : रायपुर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 47 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए पहली बार महिला वनडे विश्व कप 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है, वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारतीय टीम को विश्वविजेता बनने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय महिला खिलाड़ियों ने अपने अनुशासन, समर्पण, आत्मविश्वास और अदम्य जज़्बे से देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने इसे “परिश्रम, आत्मविश्वास और संकल्प की जीत” बताते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि देशभर की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने का साहस रखती हैं। सीएम साय ने कहा “यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उस संघर्ष, समर्पण और मेहनत का प्रतीक है जो हमारी बेटियों ने वर्षों से किया है। टीम इंडिया की यह कामयाबी देशभर की महिला खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देगी।”

    CG News : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी दी बधाई उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी महिला क्रिकेट टीम की इस जीत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारत की बेटियों की असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने कहा “धरती पर बेटियों ने विश्व विजेता का तमगा जीता और आसमान में @ISRO ने तिरंगे का दम दिखाया। भारत मां की बेटियों ने न केवल मैदान जीता बल्कि पूरे देश का दिल भी जीत लिया।”

    उन्होंने आगे कहा कि भारत की बेटियों की यह पारी, यह खेल और यह जज़्बा माउंट एवरेस्ट से भी ऊंचा है। यह जीत 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व और उत्सव का क्षण है। महिला क्रिकेट टीम की यह जीत न केवल भारतीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है, बल्कि इसने हर उस लड़की को नई उम्मीद दी है जो अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखती है।

  • विशेष लेख : नई उड़ान, नया क्षितिज – छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की कहानी

    विशेष लेख : नई उड़ान, नया क्षितिज – छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की कहानी

    रायपुर। छत्तीसगढ़ अपने विकास-यात्रा के स्वर्णिम पड़ाव पर है। इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनी हैं – राज्य की महिलाएँ, जिन्हें स्नेह व सम्मान से “महतारी” कहा जाता है। बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नीतिगत प्राथमिकता नहीं बनाया, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की धुरी के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज महिलाएँ योजनाओं की लाभार्थी मात्र नहीं, परिवर्तन की वाहक बनकर उभरी हैं। राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार ने विविध योजनाएँ शुरू की हैं। सबसे उल्लेखनीय महतारी वंदन योजना है, जिसके तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को अब तक 12,983 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है। यह सहायता महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि परिवार व समाज में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता भी प्रदान करती है।

    दीदी ई-रिक्शा योजना ने 12,000 महिलाओं को रोजगार के नए अवसर दिए। सक्षम योजना के तहत 32,000 महिलाओं को 3 प्रतिशत ब्याज पर 2 लाख रुपए तक व्यवसायिक ऋण दिया गया, जबकि महतारी शक्ति ऋण ने 50,000 महिलाओं को बिना जमानत ऋण प्रदान कर आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना से 1.15 लाख महिलाएँ घर-परिवार के साथ उत्पादन कार्य से जुड़कर सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं।

     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    कोंडागांव की रतो बाई का जीवन कभी नक्सली भय से घिरा था। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से उन्हें 1.20 रुपए लाख और मनरेगा से 90 दिन का रोजगार मिला। आज वे पक्के घर में सुरक्षित जीवन जीती हैं और सब्ज़ी विक्रय के माध्यम से जीवन यापन करती हैं। उज्ज्वला, नल-जल जैसी सुविधाएँ उनके जीवन में प्रकाश भर रही हैं। दंतेवाड़ा जिले की गंगादेवी SHG की महिलाएँ आज टाटा मैजिक वाहन का संचालन कर 26,000 रुपए मासिक आय अर्जित कर रही हैं। यह उदाहरण बताता है कि ग्रामीण महिलाएँ अवसर मिलने पर कैसे नए व्यवसायों का संचालन कर सकती हैं।

    सरगुजा की श्रीमती श्यामा सिंह ने बिहान योजना के तहत 95,000 रुपए की सहायता से 30 सेंट्रिंग प्लेट से काम शुरू किया। आज उनके पास 152 प्लेट हैं तथा वे 50,000 रुपए प्रतिमाह कमाती हैं। कोरबा की श्रीमती मंझनीन बाई को DMF फंड से स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त होकर उन्हें 9,000 रुपए मासिक मानदेय मिलता है। यह न सिर्फ आर्थिक स्थिरता, बल्कि सामाजिक सम्मान भी देता है।
    कभी नक्सली हिंसा से भयभीत बस्तर आज नए परिदृश्य के साथ उभर रहा है। यह इलाका आत्मनिर्भरता, सम्मान और अवसरों की नई पहचान बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कहते हैं कि “बस्तर का पुनर्निर्माण केवल सड़क या पुल बनाना नहीं, यह वहाँ के हर घर में विश्वास का दीप जलाने का संकल्प है।”

    केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 विशेष आवास स्वीकृत किए, जिनमें से 3,000 बस्तर, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और दंतेवाड़ा में बन रहे हैं। अब तक 12,000 से अधिक लोग सुरक्षित आवास पा चुके हैं। छत्तीसगढ़ में महिला SHG की संख्या 2,80,362 है, जिनमें से लगभग 60,000 समूह बस्तर में सक्रिय हैं। वनोपज और हस्तशिल्प आधारित उद्यमों से करोड़ों का कारोबार हो रहा है। “लखपति महिला मिशन” के अंतर्गत 2,000 महिलाएँ सालाना 1 लाख रुपए से अधिक कमाती हैं। ‘जशप्योर’ और बस्तर बेंत उत्पाद राष्ट्रीय पहचान पा चुके हैं। महिलाएँ अब रोजगार पाने तक सीमित नहीं, बल्कि रोजगार-दाता भी बन रही हैं।
    स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार की उज्ज्वला योजना के अंतर्गत स्वीकृत 25 लाख नए  LPG कनेक्शन में से 1.59 लाख कनेक्शन छत्तीसगढ़ को मिले, जिससे नियद नेल्लानार ग्रामों की महिलाएं भी लाभान्वित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री साय कहते हैं -“स्वच्छ रसोई, स्वस्थ परिवार और सशक्त महिला – यही उज्ज्वला का सार है।

    छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में सखी वन-स्टॉप सेंटर स्थापित हैं, महिला हेल्पलाइन – 181, डायल – 112, 24’7 कार्यरत हैं। नवाबिहान योजना से कानूनी व परामर्श सहायता दी जा रही है। शुचिता योजना से 3 लाख किशोरियाँ लाभान्वित हो रही हैं। 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई गई है। इन पहलों ने महिलाओं के मन में सुरक्षा और आत्मविश्वास की नई ऊर्जा भरी है।

    योजनाएँ महिलाओं को तकनीक-आधारित सशक्तिकरण की ओर ले जा रही हैं। ड्रोन दीदी योजना से महिलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जशप्योर ब्रांड से लगभग 500 महिलाएँ, 10,000 रुपए प्रति माह कमा रही हैं। नवा रायपुर के यूनिटी मॉल में SHG उत्पादों को प्राथमिकता दी जा रही है। ये नारी शक्ति को स्थानीय से राष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने का मार्ग तैयार कर रही हैं।

    महिला एवं बाल विकास मंत्री
    श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े कहती हैं कि “नया छत्तीसगढ़ वह होगा जहाँ भय नहीं, विश्वास होगा, जहाँ महिलाएँ आश्रित नहीं, सशक्त होंगी। ”आज छत्तीसगढ़ का हर गाँव, हर घर, हर परिवार में बदलाव की अग्नि प्रज्वलित है। जहाँ पहले भय था – वहाँ आज आत्मनिर्भरता है। जहाँ मजबूरी थी- वहाँ आज सम्मान है। छत्तीसगढ़ की महतारियाँ अब परिवर्तन की राह नहीं देख रहीं- वे स्वयं परिवर्तन की दिशा रच रही हैं।

  • उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के आमंत्रण पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक अनुराग शर्मा राज्योत्सव में आज 03 नवम्बर को देंगे अपनी प्रस्तुति

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के आमंत्रण पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक अनुराग शर्मा राज्योत्सव में आज 03 नवम्बर को देंगे अपनी प्रस्तुति

    कवर्धा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष आमंत्रण पर छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय और प्रतिष्ठित गायक अनुराग शर्मा अपने अद्वितीय संगीत से छत्तीसगढ़ी लोक संगीत की दुनिया को नया आयाम देने के लिए कबीरधाम जिले के राज्योत्सव में आज 03 नवंबर को अपनी शानदार और मधुर प्रस्तुति देने आ रहे हैं। रात 8 बजे से उनका कार्यक्रम राज्योत्सव स्थल पीजी कॉलेज मैदान में प्रारंभ होगा।

    अनुराग शर्मा का संगीत छत्तीसगढ़ी लोक संगीत में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उनके द्वारा गाए गए गीत जैसे “गीत कोनों गांहू गोरी ““छम छम बोले ”, “तोर सुरता मा”, और “ ये अमराई मा” ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देशभर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इन गीतों में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोककला और जीवन शैली की झलक मिलती है। उनकी आवाज़ में जो सहजता और माधुर्य है, वह हर आयु वर्ग के श्रोताओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। अनुराग शर्मा की संगीत यात्रा में कई पुरस्कार और सम्मान उन्हें प्राप्त हुए हैं, और वे आज छत्तीसगढ़ के सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय गायकों में से एक माने जाते हैं।

  • आस्था ने छुआ हृदय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रामनामी समाज के प्रतिनिधियों की आत्मीय भेंट

    आस्था ने छुआ हृदय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रामनामी समाज के प्रतिनिधियों की आत्मीय भेंट

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर साझा किया यह भावनात्मक पल

    रायपुर।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है ।

    छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव के दौरान एक हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट की।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी भेंट हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के ये श्रद्धालु प्रधानमंत्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म – ऐसे अद्भुत और राममय रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है — यही उनकी जीवन साधना है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की इस आत्मीयता में भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकता है। यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।

  • शिक्षक दिवस पर पंडरिया में भव्य शिक्षक अभिनंदन समारोह, विधायक भावना बोहरा ने 1500 से अधिक शिक्षकों का किया सम्मान

    शिक्षक दिवस पर पंडरिया में भव्य शिक्षक अभिनंदन समारोह, विधायक भावना बोहरा ने 1500 से अधिक शिक्षकों का किया सम्मान

    कवर्धा। भारत के महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती और उनकी स्मृति में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय उड़ियाकला में पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा शिक्षक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में पंडरिया विधानसभा अंतर्गत समस्त शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में पदस्थ प्रत्येक प्राचार्यों एवं शिक्षकों को उनके निःस्वार्थ सेवाभाव, समर्पण एवं एक शिक्षित व सभ्य समाज के निर्माण में अतुलनीय भूमिका निभाने हेतु उनका अभिनंदन किया गया। इस दौरान विधायक भावना बोहरा द्वारा विधानसभा के लगभग 1500 से अधिक प्राचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित रहें जिन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका विशेष अभिनन्दन किया। इसके साथ ही पंडरिया विधानसभा के 20 शिक्षकों को उत्कृष्ट कार्य व विशेष योगदान के लिए शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन विधायक भावना बोहरा ने किया और सभी बच्चों को संबोधित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में लगभग 2000 से अधिक पंडरिया विधानसभा के समस्त शासकीय शिक्षक, प्राचार्य, छात्र-छात्राएं उनके अभिभावक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा पंडरिया विधानसभा के शिक्षकों एवं प्राचार्यों के समर्पण और एक सभ्य समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हेतु उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति एवं वेदांत दर्शन को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित कर ‘आधुनिक भारत-शिक्षित भारत’ के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अतुलनीय। गुरुजनों की शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे चरित्र तथा राष्ट्र निर्माण और समाज में नई चेतना जगाने का कार्य करते हैं। गुरु ही वे दीपस्तंभ हैं, जिनके ज्ञान, मार्गदर्शन और मूल्यों से जीवन की दिशा तय होती है। सनातन संस्कृति और हमारे शास्त्रों में शिक्षकों को भगवान की संज्ञा दी गई है। शिक्षकों को भगवान ब्रम्हा, विष्णु, महेश के रूप में बताया गया है और उनका सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य भी है। हमारे शिक्षक निस्वार्थ भाव से समाज को एक नई दिशा देने के साथ ही हमारे आने वाली पीढ़ियों और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत बनाते हैं। एक शिक्षक के लिए गर्व का समय तब होता है जब उनका शिष्य उनसे भी आगे निकल जाता है, इसमें उन्हें निराशा नहीं बल्कि गर्व होता है और यही एक अच्छे गुरु या शिक्षक की पहचान होती है।

    मैं भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को भी उनकी जयंती पर नमन करती हूं।आज का यह विशेष कार्यक्रम उनकी स्मृति और हमारे जीवन को ज्ञान, नैतिकता और प्रेरणा से रोशन करने वाले आप सभी शिक्षकों के प्रति समर्पित है। हमारा पंडरिया विधानसभा अपनी सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता के लिए जाना जाता है। यहाँ के शिक्षक हमारे समाज की रीढ़ हैं। वे न केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाते हैं। पंडरिया के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हमारे शिक्षक, बच्चों के भविष्य को संवारने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में डबल इंजन भाजपा सरकार निरंतर स्कूलों के उन्नयन, शिक्षकों व छात्र-छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैय्या कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री समग्र शिक्षा अभियान के तहत पंडरिया विधानसभा में अभूतपूर्व कार्य किये जा रहें हैं। इसमें हमारे शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

    वे बच्चों को न केवल अकादमिक सफलता के लिए तैयार करते हैं, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा भी देते हैं। हमारे क्षेत्र में शिक्षक न सिर्फ कक्षाओं में पढ़ाते हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करते हैं। स्कूलों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद और सामुदायिक गतिविधियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि हमारे शिक्षक बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति की सोच को व्यापक और समाज के प्रति जिम्मेदार बनाना है। हमारे शिक्षक इस विचार को अपने कार्यों से जीवंत करते हैं। वे हमारे बच्चों को नई ऊँचाइयों तक ले जाते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को शैक्षणिक सत्र 2024-25 से लागू किया गया है। यह नीति छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों, जैसे पंडरिया, में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और समावेशी शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

    आज आप सभी शिक्षकों के उसी निःस्वार्थ भावना, समर्पण और पंडरिया विधानसभा की आर्थिक व सामाजिक विकास की यात्रा में बहमूल्य सहभागिता को नमन करने यह शिक्षक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया है। यह केवल एक वार्षिक आयोजन नही, बल्कि यह एक प्रतीक है हमारे गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का। इस अवसर पर, मैं पंडरिया के सभी शिक्षकों को हृदय से धन्यवाद देती हूँ और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करती हूँ। मैं सभी छात्रों से आग्रह करती हूँ कि अपने शिक्षकों का सम्मान करें, उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करें और उनके दिखाए मार्ग पर चलें। साथ ही, मैं पंडरिया विधानसभा के सभी नागरिकों से अनुरोध करती हूँ कि हम सब मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करें, ताकि हमारा क्षेत्र और अधिक समृद्ध और शिक्षित बन सके।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य रोशन दुबे, दीपा धुर्वे एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र साहू द्वारा भी संबोधित कर शिक्षकों का आभार व्यक्त किया गया और छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी कवर्धा, शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं संगठन के प्रतिनिधिगण, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय उड़ियाकला के प्राचार्य, विधानसभा अंतर्गत समस्त शासकीय विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, अभिभावक, पंडरिया विधानसभा भाजपा के समस्त पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता, महिला मोर्चा की पदाधिकारी, कार्यकर्ता युवा मोर्चा एवं प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता सहित क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

  • कवर्धा को मिली ऐतिहासिक सौगात : प्रदेश की 5वीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ शनिवार को

    कवर्धा को मिली ऐतिहासिक सौगात : प्रदेश की 5वीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ शनिवार को

    कवर्धा। कबीरधाम जिले को कल एक और ऐतिहासिक उपलब्धि मिलने जा रही है। शनिवार, 06 सितंबर 2025 को राज्य की 5वीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (Regional Forensic Science Laboratory) का शुभारंभ कवर्धा में किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण संस्थान प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से जिले को मिलने जा रहा है।

    कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सांसद संतोष पांडे कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जबकि पंडरिया विधायक भावना बोहरा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

    अपराध जांच को मिलेगी वैज्ञानिक धार

    नवस्थापित क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगी, जहां डीएनए, रक्त, फिंगरप्रिंट, बाल, रेशे, हथियार, गोली-बारूद और नशीले पदार्थों जैसे सूक्ष्म साक्ष्यों का परीक्षण तेज गति से किया जा सकेगा। इससे पुलिस विवेचकों को समय पर वैज्ञानिक रिपोर्ट उपलब्ध होगी और न्यायालयों में त्वरित सुनवाई संभव होगी। दोषसिद्धि दर बढ़ने तथा अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने में यह प्रयोगशाला अहम भूमिका निभाएगी।

    आसपास के जिले होंगे लाभान्वित

    कबीरधाम प्रयोगशाला के शुरू होने से जिले के साथ-साथ बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-मंडई और मुंगेली जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा। छोटे जिलों के प्रकरण भी बड़े महानगरों जैसी वैज्ञानिक सुविधा से जांचे जा सकेंगे। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी और जनता को न्यायालयों में त्वरित न्याय प्राप्त होगा।

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल

    प्रदेश में न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के विस्तार में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है। उनके प्रयासों से प्रदेश की सभी प्रयोगशालाओं को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। साथ ही, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम यूनिट और वैज्ञानिक अधिकारियों की नियुक्ति से जांच व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है।

    मील का पत्थर साबित होगा यह कदम

    विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाएं अपराध न्याय प्रणाली की रीढ़ हैं। हत्या, डकैती, बलात्कार, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों में वैज्ञानिक परीक्षण के बिना जांच अधूरी रहती है। ऐसे में कबीरधाम प्रयोगशाला की स्थापना प्रदेश में अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया को नई मजबूती प्रदान करेगी।

    कवर्धा में क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला की यह स्थापना न केवल कबीरधाम बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी। यह सौगात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की दूरदर्शिता का परिणाम है, जो न्याय प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।