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  • पुलिस की बड़ी कार्रवाई: शादी का प्रलोभन देकर शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया

    पुलिस की बड़ी कार्रवाई: शादी का प्रलोभन देकर शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया

    कवर्धा। महिला सुरक्षा के प्रति अपनी सख्त नीति को एक बार फिर साबित करते हुए कबीरधाम पुलिस ने शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण करने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना कबीरधाम में आरोपी दुर्गेश्वर साहू (23 वर्ष), निवासी पिपरटोला, थाना सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम के विरुद्ध अपराध क्रमांक 38/2025 धारा 69, 351(3) बी.एन.एस. अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। तत्पश्चात् पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दिनांक 28 अगस्त 2025 को शाम 4:30 बजे गिरफ्तार किया। आरोपी को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।

    पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, महिलाओं को बहला-फुसलाकर, प्रलोभन या धमकी देकर शारीरिक शोषण करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराध समाज की जड़ें खोखली करते हैं और दोषियों के लिए कानून में कठोर दंड का प्रावधान है। पीड़िताओं को न्याय दिलाना और दोषियों को जेल तक पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

    कबीरधाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति महिलाओं या बालिकाओं को धोखे से शोषण का शिकार बनाने की कोशिश करता है, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

  • शिक्षक की कमी से नाराज़ पालकों और छात्रों ने स्कूल में जड़ा ताला, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    शिक्षक की कमी से नाराज़ पालकों और छात्रों ने स्कूल में जड़ा ताला, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    कवर्धा। जिले के हायर सेकेंडरी स्कूल झलमला में गुरुवार को अभिभावकों और छात्रों ने शिक्षक की कमी के खिलाफ गेट पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया। नाराज़ पालकों का कहना था कि विद्यालय में लंबे समय से पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत से ही व्यवस्थित ढंग से नहीं हो पा रही है।

    दो माह से सत्र, पर कक्षाएँ अधूरी

    पालकों का आरोप है कि शैक्षणिक सत्र को शुरू हुए दो महीने से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अब तक शिक्षकों की संख्या ज़रूरत के मुताबिक पूरी नहीं की गई है। शिक्षक की कमी से कई विषयों की कक्षाएँ प्रभावित हो रही हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो बच्चों की बुनियादी पढ़ाई ही कमजोर हो जाएगी।

    गेट पर ताला, निशाने पर सरकार

    प्रदर्शन कर रहे पालकों ने कहा कि यह ताला केवल स्कूल पर नहीं, बल्कि सरकार और शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही पर लगाया गया है। उनका कहना था कि जब शिक्षा मौलिक अधिकार है, तो फिर बच्चों को शिक्षकों से वंचित क्यों रखा जा रहा है।

    प्राचार्य ने मानी कमी, विभाग को भेजा प्रस्ताव

    हायर सेकेंडरी स्कूल झलमला की प्रभारी प्राचार्य ने भी इस समस्या को गंभीर मानते हुए स्वीकार किया कि विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि विभाग को इस बारे में लगातार अवगत कराया गया है और उम्मीद है कि जल्द ही अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति होगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से चल सके।

    जमीनी हकीकत बनाम सरकारी दावे

    यह घटना एक बार फिर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। सरकार भले ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और योजनाओं के बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन हकीकत यह है कि ग्रामीण अंचलों के बच्चे शिक्षक विहीन स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं। सवाल यह है कि क्या ऐसे हालात में बच्चों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह पाएगा?

  • हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: रजिस्टर्ड डाक का दौर खत्म, स्पीड से पहुंचेगा नोटिस, देखें पुरी जानकारी

    हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: रजिस्टर्ड डाक का दौर खत्म, स्पीड से पहुंचेगा नोटिस, देखें पुरी जानकारी

    रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अदालत ने अपने नियमों में बदलाव करते हुए रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजने की पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब से हाईकोर्ट के सभी नोटिस और दस्तावेज भारतीय डाक सेवा की स्पीड पोस्ट सुविधा के माध्यम से भेजे जाएंगे।

    अदालत प्रशासन के मुताबिक, इस व्यवस्था से संबंधित पक्षकारों, वकीलों और सरकारी विभागों तक नोटिस व दस्तावेज़ अधिक तेज़ी और सुनिश्चित तरीके से पहुँचेंगे। स्पीड पोस्ट की ट्रैकिंग प्रणाली अधिक सटीक होती है, जिससे अदालत को यह जानकारी मिल सकेगी कि दस्तावेज कब और किसने प्राप्त किया। इससे न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली देरी पर रोक लगेगी और जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।

    अब तक रजिस्टर्ड डाक से भेजे जाने वाले नोटिसों को लेकर अक्सर शिकायतें मिलती थीं कि दस्तावेज़ समय पर प्राप्त नहीं हुए या जानबूझकर स्वीकार करने से इनकार कर दिया गया। इसके कारण सुनवाई की तारीखें बार-बार टलती रहती थीं। अदालत का मानना है कि नई व्यवस्था से इस तरह की बहानेबाजी और विलंब पर लगाम लगेगी।

    पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ई-कोर्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल फाइलिंग जैसे कई तकनीकी बदलावों को अपनाया है। अब स्पीड पोस्ट व्यवस्था को लागू करना उसी श्रृंखला का हिस्सा है। न्यायालय प्रशासन का कहना है कि इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आम नागरिकों को न्याय मिलने की प्रक्रिया भी अधिक सरल और पारदर्शी होगी।

  • बेमेतरा के गांवों में कुछ ऐसा हुआ कि शराब की दुकानों पर लग गया ताला … जानिए पूरी कहानी

    बेमेतरा के गांवों में कुछ ऐसा हुआ कि शराब की दुकानों पर लग गया ताला … जानिए पूरी कहानी

    बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक अनोखी सामाजिक क्रांति की शुरुआत हुई है। नांदघाट थाना प्रभारी की पहल और ग्रामीणों की सामूहिक सहमति ने दर्जनों गांवों की तस्वीर ही बदल दी है। लगातार संवाद और समझाइश के बाद आज 12 से अधिक गांवों में शराबबंदी पूरी तरह लागू हो गई है।

    थाना प्रभारी ने गांव-गांव जाकर सरपंचों और ग्रामीणों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में उन्होंने शराब और नशे के दुष्परिणामों को विस्तार से समझाते हुए लोगों से नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान किया। शुरुआत में पहल को लेकर संकोच रहा, लेकिन धीरे-धीरे ग्रामीण इस विचार से जुड़ते गए और अंततः सर्वसम्मति से शराबबंदी लागू कर दी गई।

    ग्रामीणों का मानना है कि इस कदम से परिवारों में शांति स्थापित होगी, घरेलू विवाद कम होंगे और गांव विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे। युवाओं और अगली पीढ़ी को नशे से बचाने की भावना भी इस सामूहिक निर्णय के केंद्र में रही।

    इस उल्लेखनीय प्रयास के लिए प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल ने भी थाना प्रभारी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज सुधार और नशामुक्ति की दिशा में एक आदर्श उदाहरण है, जिसे पूरे प्रदेश में लागू करने की जरूरत है।

    बेमेतरा की इस कहानी ने यह साबित कर दिया है कि बदलाव केवल प्रशासनिक आदेशों से नहीं, बल्कि जब समाज खुद ठान ले, तभी स्थायी और सार्थक परिणाम सामने आते हैं।

  • पिता की दुकान से चोरी कर बच्चों को बेचता था नशे की सामग्री, युवक गिरफ्तार, 62 सॉल्यूशन ट्यूब बरामद

    पिता की दुकान से चोरी कर बच्चों को बेचता था नशे की सामग्री, युवक गिरफ्तार, 62 सॉल्यूशन ट्यूब बरामद

    कवर्धा। पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपने ही पिता की दुकान से चोरी कर नशे के लिए सॉल्यूशन ट्यूब बेचने वाले युवक को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशु उर्फ आषु सिन्हा (18 वर्ष), पिता राजेश सिन्हा, निवासी मठपारा, थाना कवर्धा के रूप में हुई है। आरोपी अपने नाबालिग साथियों के साथ रामनगर स्थित जेवडन रोड के एक किराए के मकान में बैठकर नशेड़ी बच्चों व किशोरों को महंगे दामों पर सॉल्यूशन ट्यूब बेचता था।

    पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी यह सामग्री अपने पिता की ऑटो पार्ट्स दुकान से चोरी करता है और 3 से 4 गुना अधिक कीमत पर बेचता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर आरोपी से संपर्क कराया। आरोपी ने बिक्री की बात स्वीकार की, जिसके बाद दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर कुल 62 नग सॉल्यूशन ट्यूब बरामद किए गए।

    पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 170/125, 135(3) के तहत प्रकरण दर्ज कर SDM न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

  • दंतेवाड़ा में बाढ़ का कहर: 100 मीटर लंबा पुल बहा, बिजली-पानी ठप, सैकड़ों लोग बेघर | देखें वीडियो

    दंतेवाड़ा में बाढ़ का कहर: 100 मीटर लंबा पुल बहा, बिजली-पानी ठप, सैकड़ों लोग बेघर | देखें वीडियो

    दंतेवाड़ा | बस्तर संभाग का दंतेवाड़ा जिला, जो अब तक नक्सली घटनाओं और खनिज संपदा के लिए सुर्खियों में रहता था, इस बार भीषण बाढ़ की तबाही का केंद्र बना हुआ है। पिछले दिनों हुई अभूतपूर्व बारिश ने जिले में पहली बार ऐसा जल प्रलय दिखाया है, जिसने प्रशासन और आम नागरिकों को स्तब्ध कर दिया है। सबसे बड़ा नुकसान चितालंका में दंतेवाड़ा नदी पर बने करीब 100 मीटर लंबे पुल के बह जाने से हुआ है। इस पुल का निर्माण दो दशक पहले लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। पुल का ढहना न केवल जिले की जीवन रेखा एनएच-63 को बाधित कर गया, बल्कि बस्तर के भीतरी इलाकों से संपर्क भी पूरी तरह टूट गया।

    शहर बना जलमग्न, सरकारी दफ्तर से लेकर कॉलोनियां डूबीं

    तेज़ बहाव का असर इतना व्यापक रहा कि पानी चूड़ी टिकरा वार्ड, जीएडी कॉलोनी और सुरभि कॉलोनी के घरों तक जा पहुंचा। पुलिस अधीक्षक का कार्यालय, नगर पालिका भवन, फ़िल्टर प्लांट और सर्किट हाउस जलमग्न हो गए। जिला न्यायालय और वरिष्ठ अधिकारियों के आवास तक पानी ने घेर लिया। तेज़ धार के सामने बाउंड्रीवाल और रिटेनिंग वॉल ताश के पत्तों की तरह ढह गए। सड़कों पर तीन से चार फीट पानी भर गया, जिससे शहर घंटों तक ठप रहा।

    करोड़ों की लागत का पुल बहा, सड़क संपर्क पूरी तरह ठप

    चितालंका पुल के साथ ही डंकनी नदी का पुराना पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। गीदम-बारसूर मार्ग पर गणेश बहार नाले का पुल टूट गया। बारसूर से सातधार के बीच करीब दो किलोमीटर सड़क बह गई। नतीजतन, पूरे क्षेत्र का सड़क संपर्क बाधित है।

    फ़िल्टर प्लांट का पंप हाउस डूब गया और मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। परिणामस्वरूप पूरे नगर की पेयजल आपूर्ति बंद है। वहीं 11 केवी लाइन और ट्रांसफार्मर खराब होने से आंवराभाटा समेत कई क्षेत्रों में लगभग 18 घंटे तक बिजली गुल रही।

    बिजली-पानी ठप, सैकड़ों परिवार बेघर होने को मजबूर

    बाढ़ की तीव्रता से न केवल सरकारी ढांचा प्रभावित हुआ, बल्कि आम लोगों का जीवन भी संकट में आ गया। बिंजाम, सियानार और समलूर गांवों के लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए। बालुद और बालपेट गांव की कई बस्तियां पूरी तरह जलमग्न रहीं।

    दर्जनों मकान ध्वस्त हो गए, परिवार बेघर हो गए और लोगों को राहत शिविरों का सहारा लेना पड़ा। बाढ़ में बहकर कई टैंकर और एक पुरानी सिटी बस नदी में समा गई।

    एसडीआरएफ की कड़ी मशक्कत, रस्सियों के सहारे रेस्क्यू ऑपरेशन

    स्थानीय लोगों और युवाओं ने प्रशासन के साथ मिलकर बालुद पटेल पारा और कोसा पारा के 50 से ज्यादा ग्रामीणों को रस्सियों की मदद से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। अब तक जिले में 27 राहत शिविर स्थापित किए जा चुके हैं, जहां भोजन, कपड़े और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम लगातार बचाव कार्य में जुटी रही, लेकिन तेज़ बहाव और एक साथ कई जगह पानी भर जाने से अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।

    मंत्री केदार कश्यप ने किया दौरा, सीएम विष्णुदेव साय ने दिए त्वरित राहत के निर्देश

    बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए छत्तीसगढ़ के वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप दंतेवाड़ा पहुंचे। उन्होंने जीएडी कॉलोनी और सुरभि कॉलोनी का निरीक्षण किया और लोगों को पुनर्वास का भरोसा दिया।

    कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मंत्री को जानकारी दी कि नुकसान का आंकलन करने के लिए तहसीलदारों और पटवारियों की टीम सर्वे कर रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था दी जाएगी।

    वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर, सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में राहत कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा नहीं होनी चाहिए।

  • कवर्धा में अटल परिसर का भव्य लोकार्पण, मूर्ति अनावरण पर गूंजे “अटल जी अमर रहें” के जयघोष

    कवर्धा में अटल परिसर का भव्य लोकार्पण, मूर्ति अनावरण पर गूंजे “अटल जी अमर रहें” के जयघोष

    कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में निर्मित अटल परिसर एवं उनकी प्रतिमा का लोकार्पण कवर्धा में भव्य आयोजन के साथ हुआ।

    मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडेय ने अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों और जनसमूह ने “अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंजा।

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा – अटल जी थे “प्रेरणास्त्रोत”

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि “आज का दिन ऐतिहासिक और पावन है। हम सब पूजनीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के बहुआयामी जीवन को स्मरण कर रहे हैं। उनका व्यक्तित्व, उनकी वाणी, उनकी कविताएं और उनका राजनीतिक दर्शन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में उनका योगदान स्वर्णाक्षरों में अंकित है। अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, वे भारत की आत्मा के प्रतीक थे।”

    अटल परिसर – आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह अटल परिसर आगामी पीढ़ियों के लिए अटल जी के जीवन मूल्यों और राष्ट्रभक्ति से जुड़ाव का केंद्र बनेगा। यह परिसर केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृतज्ञता और आदर्शों का प्रतीक है।

    सांसद संतोष पांडेय ने किया अटल जी के जीवन का स्मरण

    सांसद संतोष पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि “अटल जी का जीवन बहुआयामी था। वे न केवल एक सफल राजनेता थे, बल्कि लेखक, संपादक, कवि और सच्चे स्वयंसेवक भी थे। उनका कवर्धा आगमन यहां की जनता के लिए अविस्मरणीय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उसी पथ पर आगे बढ़ रहे हैं जिस पर अटल जी ने राष्ट्र की सुरक्षा और विकास की नींव रखी थी।”

    उन्होंने बताया कि अटल जी बचपन से ही राष्ट्रवाद की भावना से ओत-प्रोत थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के बाद ही उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना के साथ सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

    30 लाख की लागत से बना आधुनिक अटल परिसर

    नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने जानकारी दी कि बस स्टैंड के पास लगभग 30 लाख रुपये की लागत से इस परिसर का निर्माण किया गया है। शासन द्वारा अधोसंरचना मद से स्वीकृत राशि से निर्मित इस परिसर में आकर्षक लाइट डेकोरेशन, ग्रेनाइट पेडेस्टल, फ्लोर और वॉल डिज़ाइन के साथ-साथ आधुनिक विद्युत साज-सज्जा की गई है।

    इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी, छग कृषक कल्याण परिषद अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक अशोक साहू, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, डॉ. सियाराम साहू, पूर्व अध्यक्ष रामकुमार भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जनपद अध्यक्ष सुषमा बघेल, सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।

  • श्रद्धा और उत्साह का संगम: गणेश चतुर्थी पर कवर्धा में पंडालों और घर-घर विराजे गणपति बप्पा

    श्रद्धा और उत्साह का संगम: गणेश चतुर्थी पर कवर्धा में पंडालों और घर-घर विराजे गणपति बप्पा

    कवर्धा। 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी के अवसर पर पूरे जिले में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का शहरभर में धूमधाम से स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजों की धुन पर झूमते-नाचते भक्त गणेश प्रतिमाओं को पंडालों और घरों तक लेकर पहुंचे। मंत्रोच्चार और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ गणपति बप्पा का विधि-विधान से विराजित किया गया।

    पूरे जिले में उत्सव का उल्लास

    कवर्धा सहित जिलेभर में गणेशोत्सव को लेकर उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु जगह-जगह पंडालों को आकर्षक सजावट से सजा रहे हैं। कवर्धा शहर के महाराणा प्रताप पार्क ठाकुर पारा, सराफा लाइन, करपात्री चौक, यूनियन चौक, हटरी पारा, राजमहल चौक, दर्री पारा, आदर्श नगर और लोहारा रोड पर विशेष रूप से गणपति प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पंडालों में भव्य सजावट, विद्युत झिलमिलाती रोशनियां और धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। गणेश चतुर्थी ने कवर्धा जिले को उत्साह, भक्ति और उमंग से सराबोर कर दिया है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि गणपति बप्पा का आशीर्वाद सुख-समृद्धि और विघ्नों का नाश लेकर आएगा।

    बाजारों में दिखी रौनक

    गणेशोत्सव को लेकर बाजारों में भी जबरदस्त रौनक रही। पूजा सामग्री, सजावटी सामान, मिठाई और रंग-बिरंगी रोशनियों की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी। घर-घर श्रद्धालु गणपति बप्पा को विराजमान कर रहे हैं और विभिन्न आयोजन कर भक्ति-भाव से उनका स्वागत कर रहे हैं।

    आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक

    गणेशोत्सव केवल धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। इस दौरान हर वर्ग के लोग एक साथ मिलकर श्रद्धा और आनंद के साथ आयोजन में शामिल हो रहे हैं। पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला भी प्रारंभ हो गई है, जो आने वाले दिनों तक जारी रहेगी।

  • पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

    कवर्धा। जिले में अपराध, अवैध शराब, जुआ और सट्टा कारोबार पर नकेल कसने पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में थाना कुण्डा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर एक आरोपी को अवैध शराब के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त 2025 को सायबर सेल और थाना स्टाफ की संयुक्त टीम ने ग्राम प्राणकांपा में सार्वजनिक मंच के सामने घेराबंदी कर दबिश दी। इस दौरान आरोपी मनोज चंद्राकर पिता स्व. शिवकुमार चंद्राकर (उम्र 25 वर्ष), निवासी प्राणकांपा थाना कुण्डा को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक सफेद बोरी में रखी 29 पौवा देशी प्लेन मदिरा (प्रत्येक 180 एमएल सीलबंद), कुल 5.220 बल्क लीटर, कीमत 2320 रुपये जब्त की गई।

    आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया है।

    इस कार्रवाई का नेतृत्व थाना कुण्डा प्रभारी महेश प्रधान ने अपनी टीम के साथ किया। पूरी कार्यवाही पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल, पंकज पटेल तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी पंडरिया भूपत सिंह धनेश्री के मार्गदर्शन में की गई।

    पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में जुआ-सट्टा और अवैध शराब पर पूरी तरह से नकेल कसने का अभियान निरंतर जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की है कि अवैध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

    जिला पुलिस ने चेतावनी दी है कि अवैध शराब, जुआ और सट्टे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा और किसी भी स्तर पर अपराधियों को ढील नहीं दी जाएगी।

  • जिले में पुलिस अधिकारियों के तबादले, एसपी ने जारी की सूची

    जिले में पुलिस अधिकारियों के तबादले, एसपी ने जारी की सूची

    मुंगेली। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कई थाना प्रभारियों समेत पुलिस अधिकारियों के तबादले किए हैं। आदेश के मुताबिक निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े को थाना प्रभारी फास्टरपुर से हटाकर सिटी कोतवाली मुंगेली का प्रभारी बनाया गया है। वहीं निरीक्षक रघुवीर चंद्रा को पथरिया से चिल्फी थाना प्रभारी और निरीक्षक प्रसाद सिंहा को रक्षित केंद्र मुंगेली से स्थानांतरित कर पथरिया थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

    उप निरीक्षक स्तर पर भी फेरबदल किया गया है। गिरिजा शंकर यादव को सिटी कोतवाली से फास्टरपुर थाना प्रभारी, हरीश साहू को चिल्फी से लोरमी थाना प्रभारी, और सत्येंद्र पुरी गोस्वामी को लोरमी से स्थानांतरित कर सिटी कोतवाली मुंगेली का प्रभारी बनाया गया है। वहीं सुरेश कश्यप को चौकी प्रभारी साकेत से हटाकर प्रभारी डॉयल 112 नियुक्त किया गया है।

    सहायक उप निरीक्षक रोशन टंडन को सिटी कोतवाली से चौकी प्रभारी साकेत भेजा गया है। धमेंद्र शर्मा को पहले लोरमी से जरहागांव भेजा गया था, लेकिन संशोधित आदेश के तहत अब उन्हें थाना सरगांव भेजा गया है। इसी तरह राजाराम साहू को रक्षित केंद्र मुंगेली से प्रभारी पुलिस नियंत्रण कक्ष मुंगेली की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    प्रधान आरक्षक स्तर पर भी तबादले किए गए हैं। महेश राज को जरहागांव से खुडिया चौकी, अरुण कुमार नेताम को खुडिया चौकी से थाना पथरिया और विनोद थान योगी को पथरिया से सरगांव थाना भेजा गया है।