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  • संत प्रेमानंद महाराज को मिली जान से मारने की धमकी, सतना के युवक ने फेसबुक पर लिखा – “मैं गर्दन उतार देता”

    संत प्रेमानंद महाराज को मिली जान से मारने की धमकी, सतना के युवक ने फेसबुक पर लिखा – “मैं गर्दन उतार देता”

    ब्रेकिंग न्यूज | वृंदावन – प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। मध्य प्रदेश के सतना जिले के एक युवक ने फेसबुक पोस्ट के कॉमेंट सेक्शन में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर लिखा – “मैं गर्दन उतार देता…” यह धमकी उस वीडियो के वायरल होने के बाद दी गई, जिसमें संत ने युवाओं के बदलते आचरण और सामाजिक मूल्यों पर चिंता जताई थी।

    वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद

    हाल ही में संत प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने युवाओं को गुमराह करने वाली जीवनशैली से बचने की सलाह दी थी। उन्होंने खासतौर पर ‘बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड’, ‘ब्रेकअप-पैचअप’ जैसी प्रवृत्तियों को आज के समाज के लिए घातक बताया। उनका कहना था कि यह सब युवा पीढ़ी को मानसिक और सामाजिक रूप से कमजोर बना रहा है।

    सतना निवासी युवक ने दी धमकी

    गुरुवार को सतना जिले के युवक, जिसकी फेसबुक प्रोफाइल ‘शत्रुघ्न सिंह’ नाम से है, ने इस वीडियो से जुड़ी एक पोस्ट में संत प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी दी। युवक ने लिखा – “मैं गर्दन उतार देता…” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    पत्रकार होने का दावा, मामला बढ़ा

    बताया जा रहा है कि आरोपी युवक ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल में खुद को पत्रकार बताया है। ऐसे में मामले ने और गंभीरता पकड़ ली है। सोशल मीडिया यूजर्स ने युवक की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग की है।

    प्रशासन और साइबर सेल की नजर

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर सेल ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी युवक की पहचान कर ली गई है और उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। संत प्रेमानंद महाराज के समर्थकों और भक्तों में भी इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

  • पत्रकार सम्मान पेंशन योजना: बिहार में पत्रकारों को बड़ी सौगात, हर माह ₹15,000 पेंशन देगी नीतीश सरकार

    पत्रकार सम्मान पेंशन योजना: बिहार में पत्रकारों को बड़ी सौगात, हर माह ₹15,000 पेंशन देगी नीतीश सरकार

    बिहार। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण ऐलान किया है। उन्होंने राज्य के मान्यता प्राप्त पत्रकारों की मासिक पेंशन ₹6,000 से बढ़ाकर ₹15,000 करने की घोषणा की है। सीएम ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दी है। विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार का यह ऐलान काफी मायने रखता है।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार 25 जुलाई अपने X हैंडल पर लिखा- लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका अहम है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत अब पात्र पत्रकारों को ₹15,000 प्रतिमाह पेंशन देने का निर्देश दिया गया है।

    आश्रितों को भी मिलेगा लाभ

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी बताया कि पेंशनधारी पत्रकार की मृत्यु के बाद उनके आश्रित (पति अथवा पत्नी) को हर माह ₹3,000 की बजाय ₹10,000 प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। बिहार सरकार का यह निर्णय सेवानिवृत्ति के बाद पत्रकारों को गरिमापूर्ण जीवन देने और आश्रितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराएगा।

    लोकतंत्र का चौथा स्तंभ: पत्रकारों को सम्मान

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया। कहा, उनकी निष्पक्ष पत्रकारिता और सामाजिक विकास में भागीदारी अत्यंत सराहनीय है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उन्हें आर्थिक रूप से भी सशक्त किया जाए।

    चुनाव पूर्व नीतीश सरकार की अन्य घोषणाएं

    • सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी: बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग नागरिकों की पेंशन ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 कर दी गई है।
    • 125 यूनिट तक बिजली फ्री: 1 अगस्त 2025 से 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का ऐलान। लाभ उपभोक्ताओं को जुलाई बिल से ही मिलेगा।
    • 1 करोड़ रोजगार : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले 5 वर्षों (2025 से 2030 तक) में 1 करोड़ सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करने का आश्वासन दिया है। जो कि 2020-25 के लक्ष्य से दोगुना हैं।
  • मौसम विभाग का अलर्ट: तेज हवाओं और वज्रपात के साथ हो सकती है भारी बारिश, जानें क्या है आपके इलाके का हाल

    मौसम विभाग का अलर्ट: तेज हवाओं और वज्रपात के साथ हो सकती है भारी बारिश, जानें क्या है आपके इलाके का हाल

    रायपुर। प्रदेश में एक बार फिर से मानसून सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को भीषण गर्मी के बाद देर रात राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना है, उनमें रायपुर, दुर्ग, कवर्धा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, बालोद, राजनांदगांव, महासमुंद, बिलासपुर, धमतरी और मुंगेली शामिल हैं। इन जिलों में अगले कुछ घंटों के भीतर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ-साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।

    मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह:

    मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और जब तक जरूरी न हो, खुले स्थानों पर न निकलें। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए पेड़ के नीचे या ऊंचे स्थानों पर शरण न लें।

    बारिश की स्थिति और कारण:

    वर्तमान में श्रीगंगानगर से बंगाल की खाड़ी तक एक सक्रिय मानसून द्रोणिका (ट्रफ लाइन) बनी हुई है, जो रोहतक, बांदा, सीधी, रांची और डायमंड हार्बर से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही 70° पूर्व देशांतर और 32° उत्तर अक्षांश पर, समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिससे प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

    मध्य छत्तीसगढ़ में हल्की राहत, बाकी जिलों में बरसेंगे बादल:

    मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

  • धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार ननों को एनआईए कोर्ट से जमानत

    धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार ननों को एनआईए कोर्ट से जमानत

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार दो ननों को बिलासपुर स्थित एनआईए स्पेशल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें 50–50 हजार रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत दे दी है। दोनों पर धर्मांतरण और मानव तस्करी के गंभीर आरोप लगे थे।

    लोअर और सेशन कोर्ट से खारिज हुई थी जमानत याचिका

    ननों की जमानत याचिका पहले लोअर कोर्ट में लगाई गई थी, लेकिन वहां से इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद दुर्ग सेशन कोर्ट में याचिका लगाई गई, लेकिन कोर्ट ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला बताते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। अंततः बिलासपुर एनआईए कोर्ट में मामला पहुंचा, जहां 1 अगस्त को सुनवाई हुई और 2 अगस्त को फैसला सुनाया गया।

    तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था

    दुर्ग रेलवे स्टेशन से 55 वर्षीय प्रीति मैरी (निवासी डिंडोरी, म.प्र.), 53 वर्षीय वंदना फ्रांसिस (निवासी आगरा, उप्र) और 19 वर्षीय सुखमन मंडावी (निवासी नारायणपुर) को गिरफ्तार किया गया था। इन पर आरोप था कि वे तीन युवतियों को धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग के उद्देश्य से दूसरे राज्य ले जा रही थीं।

    बजरंग दल की शिकायत पर हुई थी कार्रवाई

    बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ननों को युवतियों के साथ पकड़ा और पुलिस को सौंपा था। इसके बाद मानव तस्करी और धर्मांतरण की धाराओं में मामला दर्ज कर तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

  • छत्तीसगढ़ में स्थानीय अवकाश में बदलाव, अब इस दिन बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय, देखें नया आदेश

    छत्तीसगढ़ में स्थानीय अवकाश में बदलाव, अब इस दिन बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय, देखें नया आदेश

    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राजधानी रायपुर और नवा रायपुर अटल नगर के लिए स्थानीय अवकाश में परिवर्तन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में महाअष्टमी के अवसर पर 30 सितंबर 2025 को घोषित स्थानीय अवकाश को निरस्त करते हुए अब 28 अगस्त 2025 (नुवाखाई) को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।

    यह निर्णय नवा रायपुर अटल नगर एवं रायपुर शहर के समस्त सरकारी कार्यालयों और संस्थाओं पर लागू होगा। आदेश के अनुसार, यह अवकाश बैंकों, कोषालय एवं उप कोषालय पर लागू नहीं होगा।

    क्या कहा गया है आदेश में

    आदेश में उल्लेख किया गया है कि— नवा रायपुर अटल नगर एवं रायपुर शहर में स्थित समस्त सरकारी कार्यालयों/संस्थाओं हेतु कैलेण्डर वर्ष 2025 के लिए पूर्व में जारी आदेश क्रमांक दिनांक 05 फरवरी 2025 के सरल कमांक-2 में महाअष्टमी (30 सितंबर 2025) के लिए घोषित स्थानीय अवकाश को परिवर्तित करते हुए अब 28 अगस्त 2025 (नुवाखाई पर्व) के दिन स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है।”

  • कवर्धा बायपास पर हुआ खौफनाक हादसा : चलती कार में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचा चालक; कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हुई पूरी कार

    कवर्धा बायपास पर हुआ खौफनाक हादसा : चलती कार में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचा चालक; कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हुई पूरी कार

    कवर्धा। शहर के बायपास मार्ग पर सोमवार दोपहर एक सनसनीखेज हादसा हुआ, जब एक चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि पूरी गाड़ी चंद मिनटों में जलकर खाक हो गई। गनीमत यह रही कि चालक समय रहते सतर्क हो गया और बाहर कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। इस घटना ने सड़क सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी जांच को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    अचानक उठा धुआं, कुछ ही पलों में लगी आग

    जानकारी के मुताबिक, कार कवर्धा बायपास से गुजर रही थी तभी इंजन से अचानक धुआं निकलने लगा। पहले तो चालक को लगा कि शायद गाड़ी ओवरहीट हो रही है, लेकिन कुछ ही सेकंड में धुआं आग में बदल गया और पूरे बोनट से लपटें उठने लगीं।

    चालक ने दिखाई समझदारी, वक्त रहते कूदकर बचाई जान

    आग की गंभीरता को देखते हुए ड्राइवर ने बिना देर किए गाड़ी को किनारे रोका और तुरंत बाहर कूद गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइवर पूरी तरह से घबरा गया था लेकिन उसकी तत्परता ने उसकी जान बचा ली। कार में और कोई यात्री मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हुई कार

    कार में लगी आग इतनी विकराल थी कि मौके पर मौजूद लोग चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए। चंद मिनटों में पूरी कार आग की लपटों में घिर गई और धू-धू कर जलने लगी। आस-पास के लोग पानी डालने की कोशिश करते रहे, लेकिन आग ने किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया।

    फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग, पुलिस जांच में जुटी

    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और आगे की जांच शुरू कर दी है।

    आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही

    फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्राथमिक जांच में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट को जिम्मेदार माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि गाड़ी की समय-समय पर सर्विसिंग और वायरिंग की जांच न की जाए, तो इस तरह की घटनाएं कभी भी हो सकती हैं।

  • खंडहर में चल रहा प्राथमिक विद्यालय, बच्चों की जान खतरे में

    खंडहर में चल रहा प्राथमिक विद्यालय, बच्चों की जान खतरे में

    कवर्धा। शिक्षा को हर बच्चों का मौलिक अधिकार बताया गया है, लेकिन कवर्धा जिले के एक सरकारी स्कूल की तस्वीर इस दावे को झूठा साबित करती है। शहर से महज 1 किलोमीटर दूर अटल आवास के इस शासकीय प्राथमिक विद्यालय की हालत ऐसी है, मानो वह किसी पुराने खंडहर का हिस्सा हो। न तो कक्षाओं में बिजली की व्यवस्था है, न शुद्ध पेयजल, न ही शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं। दीवारों में दरारें, छत टपकती है, और कई जगहों पर प्लास्टर पूरी तरह उखड़ चुका है।

    सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इन जर्जर भवनों में छोटे-छोटे मासूम बच्चे पढ़ने आते हैं, जिनकी जान किसी भी समय खतरे में पड़ सकती है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। बच्चों को कीचड़ और गंदगी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, वहीं स्कूल का मैदान गड्ढों से भरा हुआ है।

    बच्चों की फरियाद – “साहब, हमें पढ़ने लायक माहौल दे दो”
    छोटी कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की आंखों में पढ़ाई का सपना है, लेकिन हालात उन्हें हताश कर रहे हैं। एक छात्र ने कहा, “हम रोज स्कूल आते हैं, लेकिन जब बारिश होती है तो छत से पानी टपकता है। डर लगता है कि कहीं छत गिर न जाए।” वहीं एक छात्रा ने बताया, “शौचालय नहीं है, हमें पास के खेतों में जाना पड़ता है। कई बार हमें शर्मिंदगी भी उठानी पड़ती है।”

    अभिभावकों की चिंता, प्रशासन की चुप्पी
    अभिभावकों ने कई बार स्कूल भवन की मरम्मत और सुविधाओं की मांग की, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामवासियों का कहना है कि यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे।

    सरकार से अपील
    प्रदेश सरकार और जिला शिक्षा विभाग से ग्रामीणों और बच्चों की यही गुजारिश है कि स्कूल भवन की जल्द मरम्मत कराई जाए, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक शिक्षा का वातावरण मिल सके।

  • छत्तीसगढ़ में आठ  IPS अधिकारियों की पदस्थापना, गृह विभाग ने जारी किया आदेश, देखें पूरी सूची

    छत्तीसगढ़ में आठ IPS अधिकारियों की पदस्थापना, गृह विभाग ने जारी किया आदेश, देखें पूरी सूची

    रायपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आठ IPS अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी इस आदेश में 2021, 2022 और 2023 बैच के अधिकारियों को प्रशिक्षण उपरांत विभिन्न जिलों में नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

  • महापौर के लिए नई टोयोटा, विभागों को मिलेंगे दर्जनों नए वाहन

    महापौर के लिए नई टोयोटा, विभागों को मिलेंगे दर्जनों नए वाहन

    रायपुर। शहर की नगर निगम व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और जनसेवाओं को गति देने के उद्देश्य से रायपुर नगर निगम एक बड़े स्तर पर वाहन खरीदी की तैयारी में है। महापौर और सभापति के लिए नई टोयोटा गाड़ियाँ खरीदी जाएंगी, वहीं विभिन्न विभागों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दर्जनों कार्यवाहक वाहन भी निगम की सूची में जोड़े जाएंगे।

    महापौर और सभापति को मिलेंगी नई टोयोटा गाड़ियाँ
    नगर निगम ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत महापौर मीनल चौबे को पुरानी कार के स्थान पर एक नई टोयोटा वाहन उपलब्ध कराई जाएगी। इसी तरह सभापति सूर्यकांत राठौर के लिए भी नई टोयोटा गाड़ी का प्रावधान किया गया है। मोटर वर्कशॉप द्वारा तैयार इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए सूडा (SUDA) भेजा गया है। अनुमोदन मिलते ही खरीदी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

    विभागीय कामों के लिए मिलेंगे कार्यवाहक वाहन
    नगर निगम का मोटर और विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, शहर में बिजली के पोल लगाने जैसे कार्यों के लिए 5 टावर लोडर वाहन खरीदने की योजना बना रहा है। साथ ही, विद्युत संबंधी त्वरित सेवाओं के लिए प्रत्येक जोन में एक-एक टाटा एस वाहन की व्यवस्था की जाएगी। इस तरह 10 जोनों के लिए 10 टाटा एस वाहनों की खरीदी प्रस्तावित है।

    अधिकारियों के लिए मांगी गई 19 मारुति डिजायर की मंजूरी
    निगम प्रशासन ने विभागीय अधिकारियों—जैसे अपर आयुक्त, उपायुक्त, अधीक्षण अभियंता आदि—के लिए 19 नई मारुति डिजायर वाहन खरीदने के लिए शासन से स्वीकृति मांगी है। कुछ अधिकारी फिलहाल किराये की गाड़ियों का उपयोग कर रहे हैं, जिसे देखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।

    कुत्तों की धरपकड़ के लिए डाग केचर की मांग
    नगर निगम के पास वर्तमान में 10 जोन के अनुसार 10 काउकेचर गाड़ियाँ उपलब्ध हैं, जो आवारा मवेशियों की धरपकड़ में प्रयुक्त होती हैं। लेकिन पूरे शहर में आवारा कुत्तों की पकड़ने हेतु केवल एक डाग केचर है। शहर के विस्तार और बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए डाग केचर की संख्या बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।

    निगम की पहल से सेवाओं में आएगी तेजी
    नगर निगम द्वारा प्रस्तावित यह वाहन विस्तार योजना शहर में नगरीय सेवाओं को और अधिक सुचारु एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्वीकृति मिलने पर यह निर्णय आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।