कबीरधाम पुलिस का अंतर्राज्यीय शिकंजा: जमशेदपुर से दो बड़े सप्लायर गिरफ्तार, नकली शराब नेटवर्क का बड़ा खुलासा

कवर्धा। जिले में नकली देशी प्लेन शराब बनाने वाले गिरोह के खिलाफ चल रही कार्रवाई में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। जिले में पकड़े गए आरोपीयों के नेटवर्क को आगे बढ़ाते हुए पुलिस की विशेष टीम झारखंड के जमशेदपुर पहुँची, जहां दबिश देकर दो प्रमुख सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं पंकज पटेल के मार्गदर्शन में की गई, जबकि एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक पूरे अभियान का पर्यवेक्षण कर रहे थे।
जमशेदपुर से पकड़े गए मोहन गुप्ता और राकेश कोहली लंबे समय से इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोहन गुप्ता फर्नीचर पॉलिश व्यवसाय की आड़ में कोलकाता से बड़ी मात्रा में स्पिरिट मंगवाता था और उसे झारखंड व छत्तीसगढ़ समेत कई जगहों के अवैध शराब नेटवर्क को सप्लाई करता था। इसी रास्ते से वह कबीरधाम के पोड़ी क्षेत्र में पकड़े गए आरोपी नंद कुमार और साजिद के गिरोह को भी स्पिरिट भेजता था।
वहीं राकेश कोहली झारखंड में नकली अंग्रेजी शराब बनाने और वितरित करने का नेटवर्क चला रहा था। पूर्व में गिरफ्तार साजिद से उसकी पहचान पहले से थी, जिसके चलते वह पोड़ी में सक्रिय गिरोह से जुड़ गया। राकेश न केवल नकली शराब बनाने की सामग्री भेजता था, बल्कि वह खुद पोड़ी आकर गिरोह को नकली शराब बनाने की ट्रेनिंग भी दे चुका था। यही नहीं, वह झारखंड में नकली ढक्कन, स्टिकर और पैकिंग सामग्री तैयार कराकर नियमित रूप से भेजता था।
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में पुलिस ने उन्नत तकनीकी साधनों का उपयोग किया। कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन, वित्तीय लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों का गहन विश्लेषण कर दोनों आरोपियों को चिन्हित किया गया और सही समय पर जमशेदपुर में दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। इस सफलता में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स कबीरधाम, साइबर सेल और फील्ड टीम के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नकली शराब, अवैध रसायन और किसी भी प्रकार के संगठित अपराध को सख्ती से कुचला जाएगा। पूछताछ में सामने आ रहे अन्य नामों की भी पहचान की जा रही है, और पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।




