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August 28, 2026 8:13 am

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कवर्धा: सिद्धपीठ श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में कल होगा दुर्लभ ग्रंथी पूजन, 27 वर्षों से जारी संकट-निवारण अनुष्ठान

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Ankita Sharma

कवर्धा। सिद्धपीठ श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में आज संकट-निवारण के लिए आयोजित दुर्लभ ग्रंथी पूजन का भव्य आयोजन होगा। विगत 27 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस विशेष अनुष्ठान में प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। प्रदेशभर में यह अनुष्ठान केवल इसी मंदिर में संपन्न होता है, जिसके कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

मंदिर समिति के अनुसार देश-विदेश में निवासरत भक्त भी यहां से विशेष पीला धागा बनवाकर धारण करते हैं। मान्यता है कि इस ग्रंथी पूजन से जीवन की बाहरी बाधाएं दूर होती हैं और हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

भविष्य पुराण के अनुसार व्यास मुनि द्वारा वर्णित यह व्रत अत्यंत दुर्लभ और गोपनीय माना गया है। अगहन शुक्ल त्रयोदशी के अवसर पर नदी या सरोवर में स्नान कर हनुमान जी का विधि-विधान से पूजन किया जाता है। पूजन के दौरान पीले धागे में “ऊं नमो भगवते वायु नन्दनाय नमः” मंत्र का जप करते हुए तेरह गांठें लगाई जाती हैं। पूजन उपरांत इस ग्रंथी को हनुमान जी को अर्पित कर श्रद्धालु स्वयं धारण करते हैं। मान्यता है कि इससे सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

धार्मिक परंपराओं में वर्णित है कि प्रभु श्रीराम ने लंका विजय से पूर्व तथा पांडवों ने वनवास के दौरान इसी व्रत का पालन किया था, जिसके फलस्वरूप उन्हें विजय एवं राज्य प्राप्ति का वरदान मिला। मान्यता है कि कलियुग में हनुमान जी ही सर्वश्रेष्ठ राजा माने गए हैं और श्रद्धा-भक्ति के साथ किया गया यह व्रत तुरंत फल देता है। अनास्था या अनादर करने पर विपरीत प्रभाव पड़ने का भी उल्लेख मिलता है।

कल मंदिर में विशेष भोग के रूप में मालपुए अर्पित किए जाएंगे। मंदिर समिति द्वारा भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा। आयोजन को लेकर परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं।

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