छत्तीसगढ़ में जल्द लागू होगी मेडिकल कैशलेस योजना, मंत्रियों ने दिया आश्वासन

रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल कैशलेस कर्मचारी कल्याण संघ के संस्थापक सदस्यों ने मेडिकल कैशलेस योजना को शीघ्र लागू किए जाने की मांग को लेकर राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर कार्यक्रम हेतु आमंत्रण दिया। इस दौरान मंत्रियों द्वारा कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए जल्द मेडिकल कैशलेस सुविधा लागू किए जाने का आश्वासन दिया गया।
संघ के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष उषा चंद्राकर, संरक्षक राकेश सिंह एवं कोषाध्यक्ष विजय कोचंद्र की उपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से भेंट कर आगामी कार्यक्रम का आमंत्रण सौंपा। साथ ही मेडिकल कैशलेस व्यवस्था को शीघ्र लागू करने का निवेदन किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जयसवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ शासन प्रदेश के समस्त कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए मेडिकल कैशलेस सुविधा को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि यह योजना कर्मचारियों के लिए “उपहार स्वरूप” होगी और अन्य राज्यों से बेहतर मॉडल के रूप में जल्द लागू की जाएगी।
इसी क्रम में संगठन के संस्थापक सदस्यों ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से भी मुलाकात कर मेडिकल कैशलेस योजना की आवश्यकता और कर्मचारियों की वर्तमान समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उपचार के दौरान कई बार कर्मचारियों को अपनी जीवनभर की जमा पूंजी, बच्चों की शिक्षा या विवाह के लिए बचाई गई राशि खर्च करनी पड़ती है। कुछ मामलों में कर्मचारियों को साहूकारों से कर्ज लेने की मजबूरी भी बन जाती है।
संगठन ने यह भी बताया कि वर्तमान मेडिकल री-इम्बर्समेंट व्यवस्था में कर्मचारियों को सीमित राशि ही मिल पाती है, वहीं बड़े अस्पतालों में इलाज कराने पर यह सुविधा भी कई बार पर्याप्त नहीं हो पाती, जिससे कर्मचारी मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो जाते हैं।
सभी तथ्यों को गंभीरता से सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पूर्ण आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ शासन जल्द ही मेडिकल कैशलेस कर्मचारी कल्याण संघ के नेतृत्व में प्रदेश के समस्त कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए मेडिकल कैशलेस सुविधा लागू करेगी।




