कवर्धा: सख्त पुलिसिंग का असर, वर्ष 2025 में कबीरधाम नक्सल-मुक्त, अपराधों में ऐतिहासिक गिरावट, कानून व्यवस्था रही सुदृढ़

कवर्धा। वर्ष 2025 में कबीरधाम पुलिस ने सख्त पुलिसिंग, प्रभावी अपराध नियंत्रण और मजबूत कानून व्यवस्था के जरिए जिले में शांति एवं सुरक्षा का नया मानक स्थापित किया। सतत गश्त, क्षेत्रवार निगरानी, त्वरित कार्रवाई और खुफिया सूचनाओं पर आधारित रणनीति के परिणामस्वरूप जिले के समग्र अपराधों में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि पूरे वर्ष कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।
नक्सल उन्मूलन की दिशा में कबीरधाम पुलिस को ऐतिहासिक सफलता मिली। वर्ष 2025 में 4 इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की। संगठित कार्रवाई और निरंतर दबाव के चलते बोड़ला, भोरमदेव एरिया कमेटी तथा कान्हा–भोरमदेव डिवीजन को समाप्त किया गया, जिसके आधार पर जिले को नक्सल-मुक्त घोषित कर लेगेसी जिला की श्रेणी में शामिल किया गया।
महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से महिला थाना का उद्घाटन किया गया, जिससे महिलाओं से जुड़े अपराधों की त्वरित रिपोर्टिंग, संवेदनशील विवेचना और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हुई।
त्योहारों एवं बड़े आयोजनों—नवरात्रि (खप्पर यात्रा), जन्माष्टमी, गणेश पर्व, दशहरा, दीपावली, होली, ईद तथा पं. प्रदीप मिश्रा जी के विशाल धार्मिक कार्यक्रम—का संचालन अतिरिक्त बल, प्रभावी भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के साथ पूर्णतः शांतिपूर्ण रहा।
पुराने जघन्य अपराधों (डॉक्टर दंपत्ति हत्या, नाबालिग बालिका हत्या सहित) तथा वर्ष 2025 में घटित गंभीर मामलों में त्वरित और वैज्ञानिक विवेचना से सफल निराकरण किया गया।
अपराध आंकड़ों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई—डकैती में 100%, लूट 94%, चोरी 43%, नकबजनी 66%, हत्या के प्रयास 57% सहित कई श्रेणियों में कमी। एनडीपीएस और आबकारी मामलों में भी बड़ी जब्ती व नष्टीकरण हुआ।
सड़क सुरक्षा के लिए दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधारात्मक उपाय, दृश्यता बढ़ाने के कार्य और आवारा पशुओं से दुर्घटना रोकथाम की प्रभावी पहल की गई।
इन समेकित प्रयासों से कबीरधाम में नागरिकों का पुलिस पर भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है—जो पुलिस की पेशेवर क्षमता, अनुशासन और प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।




