उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से नववर्ष पर छत्तीसगढ़ को मिली 2225 करोड़ की ग्रामीण सड़कों की सौगात

कवर्धा। नववर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य को ग्रामीण अधोसंरचना के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय-IV) के चतुर्थ चरण अंतर्गत राज्य में 2225 करोड़ रुपये की लागत से 774 ग्रामीण सड़कों के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में कुल 2427 किलोमीटर लंबाई की 774 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रदेश की 781 ग्रामीण बसाहटें बारहमासी सड़क सुविधा से जुड़ेंगी। इससे अब तक सड़क संपर्क से वंचित दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार एवं रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय विस्तार होगा।
पीएमजीएसवाय-IV के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जनगणना 2011 के आधार पर पात्र बसाहटों का प्राथमिकता क्रम में चयन किया गया है। विशेष रूप से धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों को प्राथमिकता दी गई है। राज्य के सभी जिलों से प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजे गए थे, जिन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
योजना के अंतर्गत प्रदेश के 24 जिलों में कुल 774 सड़कों को स्वीकृति मिली है। इनमें सर्वाधिक 87 सड़कें बस्तर जिले में बनाई जाएंगी। इसके अलावा कोरिया में 84, जशपुर में 77, सूरजपुर में 76, बलरामपुर में 58, कोरबा में 55, कवर्धा में 48, महासमुंद एवं बीजापुर में 44-44, कांकेर में 41, कोण्डागांव में 34, बिलासपुर में 27, सरगुजा में 26, सुकमा में 16, रायगढ़ में 14, दंतेवाड़ा में 12, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 09, गरियाबंद में 07, बालोद एवं मुंगेली में 06-06, राजनांदगांव में 05 तथा बेमेतरा एवं धमतरी में 02-02 सड़कों को स्वीकृति दी गई है।
इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा होगी, विद्यार्थियों की विद्यालयों तक पहुंच आसान होगी और ग्रामीण जनता को स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का बेहतर लाभ मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि पीएमजीएसवाय के पूर्व चरणों में अब तक प्रदेश में 40 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई की 8316 सड़कों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। वहीं विशेष पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बीते दो वर्षों में लगभग 600 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर 138 विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटों को जोड़ा गया है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चतुर्थ चरण के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर बसे गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना है। सड़कों को विकास की रीढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि इनके निर्माण से गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और विकास को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।




