प्रधानमंत्री जनमन आवास में गड़बड़ी पर सीधे एफआईआर, तीन दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई: कलेक्टर गोपाल वर्मा

कवर्धा। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना में अनियमितता, गुणवत्ताविहीन निर्माण अथवा हितग्राहियों से अवैध राशि मांगने की शिकायत मिलने पर दोषियों के विरुद्ध सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह सख्त चेतावनी कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने योजना की समीक्षा बैठक के दौरान दी। बैठक में उपस्थित तकनीकी सहायकों, ग्राम रोजगार सहायकों एवं आवास मित्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अप्रारंभ आवासों का निर्माण तीन दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से प्रारंभ कराया जाए।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि जिन हितग्राहियों द्वारा आवास निर्माण में रुचि नहीं ली जा रही है, उनकी स्वीकृति निरस्त करते हुए प्रथम किश्त की राशि वसूल की जाएगी। इस संबंध में जनपद पंचायत पंडरिया एवं बोड़ला के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान जनपद पंचायत बोड़ला एवं पंडरिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत चौरा, कुकरापानी, राजाढ़ार, अमनिया, केसमर्दा, कांदावानी, बिरहुलडीह, भेलकी, सेन्दुरखार, बदना सहित अन्य वनांचल क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आवास अप्रारंभ पाए गए। इस पर संबंधित तकनीकी सहायकों, ग्राम पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों एवं आवास मित्रों को कड़ी फटकार लगाते हुए तीन दिन में प्रगति नहीं होने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री विनय कुमार पोयाम ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत जिले में कुल 9,628 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से अब तक 4,380 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 5,248 आवासों का निर्माण कार्य शेष है।
जनपद पंचायत पंडरिया के ग्राम पंचायत कांदावनी, बिरहुलडीह, तेलीयापानी लेदरा, आगरपानी, बदना सहित अन्य क्षेत्रों में निर्माण कार्य लंबित पाए जाने पर संबंधित आवास मित्रों एवं ग्राम रोजगार सहायकों को चेतावनी दी गई कि मार्च माह के अंत तक शत-प्रतिशत आवास निर्माण सुनिश्चित किया जाए, क्योंकि योजना की नियमित समीक्षा केंद्र एवं राज्य शासन स्तर पर की जा रही है।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जियो-टैगिंग अथवा निर्माण स्तर के अनुसार किश्त भुगतान के नाम पर किसी भी कर्मचारी द्वारा राशि मांगने की शिकायत मिलने पर सीधे पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थायी रूप से बाहर रह रहे एवं आवास निर्माण में रुचि नहीं दिखा रहे हितग्राहियों की स्वीकृति निरस्त कर वसूली प्रकरण संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भेजने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, कार्यक्रम अधिकारी, विकासखंड समन्वयक, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सहायक, आवास मित्र सहित जिला पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए सीईओ जिला पंचायत श्री विनय कुमार पोयाम ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, इसलिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि समय-सीमा में आवासों का निर्माण पूर्ण कराया




