बड़ी खबर: भोरमदेव अभ्यारण्य में दो गौर के अवैध शिकार का पर्दाफाश — पाँच आरोपी गिरफ्तार वन विभाग की तेज कार्रवाई, विशेष डॉग स्क्वॉड ने जुटाए अहम साक्ष्य

कवर्धा । भोरमदेव अभ्यारण्य में अवैध शिकार का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। चिल्फी परिक्षेत्र के संरक्षित कक्ष पी.एफ.-333 बहनाखोदरा में इंडियन बायसन/गौर (अनुसूची-1) के दो वन्यप्राणियों को विद्युत करंट लगाकर मारने का गंभीर अपराध सामने आया है। आरोपियों ने शिकार के बाद मांस को टुकड़ों में काटकर आपस में बाँट लिया था।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने बिना समय गंवाए कड़ा एक्शन लिया और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 तथा लोक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया।
पाँचों आरोपी सलाखों के पीछे
साक्ष्य जुटाने और लगातार खोजबीन के बाद वन अमले ने पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया—
अन्तू पिता गौतर बैगा
सखुराम पिता रामासिंह बैगा
सोनेलाल पिता सुखराम बैगा
कमलेश पिता चमरू यादव
इन्दर पिता शतुर बैगा
सभी को न्यायालय में पेश कर 14 दिन के रिमाण्ड की मांग की गई है, ताकि पूरे नेटवर्क एवं शिकार की पृष्ठभूमि की गहराई से जांच हो सके।
डॉग स्क्वॉड की एंट्री — मिले महत्वपूर्ण सुराग
जांच को मजबूत करने के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व, लोरमी से विशेष डॉग स्क्वॉड टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल पर सघन तलाशी लेकर कई अहम साक्ष्य और सुराग जुटाए, जिनसे प्रकरण मजबूत हुआ। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस विभाग ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई
वनमण्डलाधिकारी कवर्धा श्री निखिल अग्रवाल के निर्देशन एवं अधीक्षक भोरमदेव अभ्यारण्य के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी की गई।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यारण्य क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगरानी और कड़ी की जा रही है तथा दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
विभाग की अपील: अवैध शिकार या संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत नजदीकी वन अमले को सूचना दें। वन्यजीव संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।




