ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत: अटल डिजिटल सुविधा केंद्र बना गांवों में आर्थिक सेवाओं का नया आधार

कवर्धा। ग्रामीण अंचलों में सरकारी योजनाओं का लाभ अब पहले से कहीं अधिक सुगमता से लोगों तक पहुँच रहा है। जिले में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों ने बैंकिंग सेवाओं को गांवों के भीतर पहुंचाकर ग्रामीणों के समय, श्रम और धन—तीनों की बचत सुनिश्चित की है। पहले गांवों के लोगों को 15 से 20 किलोमीटर दूर बैंक जाना पड़ता था, जिसके लिए पूरा दिन लग जाता था और यात्रा में 100 से 200 रुपये तक का खर्च होता था। लेकिन अब इन्हीं सेवाओं का लाभ ग्रामीण अपने गांव में ही ले पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को इन केंद्रों से सीधे राशि मिल रही है, जिससे उनके लिए आवास निर्माण का कार्य और भी सरल हो गया है। ग्राम भोंदा की दूरपति/कार्तिक ने बताया कि आवास निर्माण के लिए मिली राशि में से 25 हजार रुपये उन्होंने गांव में ही निकाले हैं। पहले उन्हें बोड़ला बैंक तक जाना पड़ता था, जहाँ भीड़ और लंबी दूरी के कारण काफी परेशानी होती थी। अब केवल आधार दिखाने और अंगूठा स्कैन कर देने से तत्काल भुगतान मिलने लगा है। इसी तरह रूप किशोर और बीना बाई सहित कई अन्य लाभार्थियों ने बताया कि गांव में सुविधा मिलने से वे न केवल समय बचा रहे हैं, बल्कि घर-परिवार के काम भी बिना प्रभावित हुए कर पा रहे हैं।
जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जिले में कुल 307 स्थानों पर अटल डिजिटल सुविधा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। क्यूसेक और डिजी-पे के जरिए वीएलई इन केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। अब तक 62 हजार से अधिक ट्रांजैक्शन पूरे कर ग्रामीणों को 16 करोड़ 74 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी सबसे अधिक इन केंद्रों से नगद राशि निकाल रहे हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि सुविधा का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुँच रहा है।
सीईओ त्रिपाठी ने बताया कि जिले के कई ग्राम पंचायतों में लगातार बड़ी राशि गांवों में ही निकाली जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र अब केवल बैंकिंग सेवा नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन में सुविधा और आत्मनिर्भरता का नया आधार बनते जा रहे हैं।




