कवर्धा। जिले के ग्राम नवागांव में कबीर चबूतरा निर्माण को लेकर चल रहा जमीन विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। विवादित भूमि पर निर्माण को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
कबीर पंथ के अनुयायियों का आरोप है कि कबीर चबूतरा में तोड़फोड़ की गई तथा उनके गुरु संत प्रकाशमुनि साहेब के पोस्टर फाड़े गए। इस घटना के बाद संत प्रकाशमुनि नाम साहेब अपने समर्थकों के साथ कवर्धा पहुंचे और आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग भी सामने रखी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कवर्धा पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
विवाद को लेकर एक पक्ष का कहना है कि जिस भूमि पर कबीर चबूतरा बनाया जा रहा है, वह विद्यालय के लिए आरक्षित है और निर्माण अवैध है। वहीं कबीर पंथ के अनुयायियों का दावा है कि उक्त भूमि पर वर्षों से समाज का भवन मौजूद है और नियमानुसार निर्माण किया जा रहा है।
प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन की वैधानिक स्थिति की जांच कर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति पर प्रशासन और पुलिस की लगातार निगरानी बनी हुई है।
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कवर्धा में कबीर चबूतरा निर्माण पर तनाव, जमीन विवाद में दो पक्ष आमने-सामने — पोस्टर फाड़ने पर भड़के संत प्रकाशमुनि साहेब, SP हटाने की मांग
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धार्मिक उन्माद फैलाने एवं शांति भंग करने तथा कबीरपंथ का पोस्टर फाड़ने वाले मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
कवर्धा। थाना कवर्धा क्षेत्र में धार्मिक भावनाओं को आहत करने, शांति भंग करने तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में कबीरधाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 532/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 298, 296, 351(3) एवं 3(5) के अंतर्गत की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी पुनित झारिया पिता धनसाय झारिया (35 वर्ष), निवासी नवागांव थाना कवर्धा ने दिनांक 12 दिसंबर 2025 को थाना कवर्धा में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में उल्लेख किया गया कि दिनांक 10 दिसंबर 2025 को सुबह लगभग 10:30 बजे कवर्धा–लोहारा मुख्य मार्ग पर नवागांव चौक स्थित कबीर चबूतरा के पास कबीरपंथ से संबंधित धार्मिक कार्यक्रम के प्रचार हेतु लगाए गए बैनर-पोस्टर को आरोपियों द्वारा फाड़ दिया गया। साथ ही आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी, जिससे क्षेत्र में आक्रोश एवं धार्मिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
आवेदन के आधार पर थाना कवर्धा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान प्रार्थी एवं गवाहों के कथन दर्ज किए गए, घटना स्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया गया। प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत किए गए फाड़े गए बैनर-पोस्टर, सफेद झंडा, नीलगिरी की बल्ली एवं बांस का कमचील को दिनांक 13 दिसंबर 2025 को विधिवत जप्त किया गया।
जांच में आरोपी सोहन नाथ शिवोपासक पिता गौकरण नाथ शिवोपासक (49 वर्ष) एवं मनहरण नाथ योगी पिता नारायण नाथ योगी (51 वर्ष), दोनों निवासी नवागांव थाना कवर्धा, का अपराध में संलिप्त होना पाए जाने पर दिनांक 13 दिसंबर 2025 को क्रमशः 13:30 बजे एवं 13:40 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की सूचना आरोपियों के परिजनों को दे दी गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी सोहन नाथ शिवोपासक के विरुद्ध पूर्व में इस्तगाशा क्रमांक 17/1999, 31/2012 एवं 231/2021 धारा 107, 116(3) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत प्रकरण दर्ज हैं। वहीं आरोपी मनहरण नाथ योगी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 74/1999 धारा 451, 323, 34 भादवि तथा इस्तगाशा क्रमांक 17/1999 धारा 107, 116(3) दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध हैं।
मामला अजमानतीय प्रकृति का होने के कारण दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड हेतु भेजा जा रहा है।
कबीरधाम पुलिस ने आमजन से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि धार्मिक उन्माद फैलाने या कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। -

गरियाबंद में सीआरपीएफ कैंप से सनसनीखेज घटना, जवान ने की खुदकुशी
गरियाबंद। छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमा पर स्थित सोनाबेड़ा क्षेत्र के आश्रित ढेकूनपानी स्थित सीआरपीएफ कैंप से एक दुखद और सनसनीखेज घटना सामने आई है। कैंप में तैनात एक सीआरपीएफ जवान ने अपनी सर्विस राइफल AK-47 से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
मृतक जवान की पहचान गोपीनाथ सबर के रूप में हुई है, जो ओडिशा के खरियार क्षेत्र अंतर्गत खरधरा गांव का निवासी था। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
मामले की जानकारी मिलते ही कोमना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद जांच प्रारंभ कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस एवं सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। -

धान के लिए अब टोकन कहीं भी, कभी भी: 24 घंटे कटेगा टोकन, किसानों के हित में साय सरकार का बड़ा फैसला
रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर किसानों के लिए साय सरकार ने एक बड़ा और राहतभरा निर्णय लिया है। धान टोकन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अब किसानों को समय की बाध्यता से मुक्त कर दिया गया है। किसान अब 24 घंटे, कभी भी और कहीं से भी ‘तुहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के किसानों में उत्साह का माहौल है। शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के प्रावधानों के तहत 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, वहीं प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा तक धान का उपार्जन किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पहले किसानों को रविवार से शुक्रवार तक सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच ही टोकन लेने की सुविधा थी, लेकिन अब यह समय-सीमा पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही किसान एक साथ 20 दिनों तक के लिए टोकन ले सकेंगे, जिससे खरीदी केंद्रों में भीड़ कम होगी और प्रक्रिया और अधिक सुव्यवस्थित होगी।
सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे समय की बचत हो रही है और खरीदी केंद्रों में सुचारू एवं व्यवस्थित प्रवेश सुनिश्चित हो रहा है। पारदर्शी व्यवस्था के चलते उपार्जित धान का उठाव भी तेज़ी से किया जा रहा है, जिससे किसानों का शासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
अवैध धान परिवहन पर सख्तीधान खरीदी व्यवस्था को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। अंतर्राज्यीय सीमाओं और चेक पोस्टों पर 24 घंटे कड़ी निगरानी की जा रही है। संदिग्ध वाहनों और परिवहन गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अब तक 85 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 11,298.10 क्विंटल अवैध धान तथा 36 चारपहिया और 10 दोपहिया सहित कुल 46 वाहन जब्त किए गए हैं।
साय सरकार के इस फैसले को किसानों के हित में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है, जिससे धान खरीदी प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी और किसान-हितैषी बन सकेगी। -

मुख्यमंत्री विष्णु साय की बड़ी सौगात: कवर्धा में रिवर फ्रंट और रवेली महाविद्यालय की घोषणा, स्व सहायता समूहों को 7.78 करोड़ का वितरण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कबीरधाम जिले के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण स्थल पर शिला स्थापना कर जिले को एक ऐतिहासिक सौगात दी। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधाओं के एक नए युग का सूत्रपात हुआ। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिला स्थापना के साथ ही कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य मानचित्र में विकास का नया अध्याय जुड़ गया है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले का स्वास्थ्यगत ढांचा और अधिक मजबूत होगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ सुदृढ़ होंगी और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ अब स्थानीय स्तर पर ही सुलभ हो सकेंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा की मांग पर कवर्धा में श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव रिवर फ्रंट निर्माण और रवेली में महाविद्यालय की घोषणा की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज भवन के शिला-स्थापना कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए जिलेवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। सरकार बनने के बाद सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के नेतृत्व में 15 वर्षों में 10 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए और वर्तमान सरकार ने केवल दो वर्षों में 5 नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने रायपुर प्रवास के दौरान मेडिकल कॉलेज भवन का भूमि-पूजन किया था और आज उसी की शिला-स्थापना संपन्न हुई है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूर्ण होने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में कवर्धा के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिली है। सीटी स्कैन और क्रिटिकल केयर यूनिट जैसी सुविधाओं की स्थापना से ईलाज और सुगम हुआ है। उन्होंने कहा कि हम जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर राज्यभर में रजत जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन किया गया था, यह संग्रहालय जनजातीय शौर्य और महापुरुषों के बलिदान की स्मृतियों से समृद्ध है, जिसे सभी को अवश्य देखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की मोदी की गारंटी के अनुसार सभी कार्य समय पर पूरे किए जा रहे हैं। लगातार तीसरे वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की खरीदी 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल पर की जा रही है। रामलला दर्शन योजना तथा तेंदूपत्ता की दर 4 हजार से बढ़ाकर 5500 रुपए मानक बोरा करने जैसे निर्णय किसानों के हित में उठाए गए कदम हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कवर्धा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बैगा एवं अन्य जनजातीय समाज निवास करते हैं, जिनके सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार ने पीएम जनमन योजना प्रारंभ की है। यह योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव विकास के लिए 146 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है, जो क्षेत्र को राष्ट्रीय – अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान देगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शिला – स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन कवर्धा के इतिहास में अभूतपूर्व और गौरवपूर्ण है। यह वह क्षण है जो स्वर्णाक्षरों में सदैव दर्ज रहेगा। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद, कवर्धा जिले के गठन से लेकर अब तक अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए, परंतु मेडिकल कॉलेज की स्थापना जैसा ऐतिहासिक दिन जीवन में एक बार ही आता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों का सम्मान सर्वोपरि है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 1 हजार रूपए की राशि सीधे माताओं-बहनों के खातों में दी जा रही है, जिससे परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरदर्शिता के साथ कवर्धा को अनेक विकास कार्यो की सौगात दी है। जिनसे जिले की दिशा और दशा तेजी से बदली है।उ
पमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मेडिकल कॉलेज शिला-स्थापना समारोह में कहा कि कवर्धा जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हम सभी के लिए ऐतिहासिक सौगात है, जो जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के नए आयाम खोलेगी। उन्होंनें कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को तेजी से बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। जिले में सीटी स्कैन सेवा शुरू की गई है और अब तक 814 सीटी स्कैन किए जा चुके हैं। कवर्धा के जिला अस्पताल की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 220 बिस्तर कर दी गई है। 50 क्रिटिकल केयर बेड स्थापित किए जा रहे हैं, पिपरिया और बोड़ला में सोनोग्राफी मशीनें लगाई गई हैं। नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण 40 एकड़ परिसर में किया जाएगा। 50 सीटर मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई प्रारंभ करने की तैयारी की जा चुकी है। मेडिकल कॉलेज तक सुगम पहुंच हेतु घोटिया मार्ग और गौरव पथ मार्ग का निर्माण किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने आगे कहा कि जिले में जगमड़वा जलाशय, बड़ौदा खुर्द, रामपुर बरेंडा जलाशय सहित कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है। विद्युत विभाग की 3.30 करोड़ की परियोजना के तहत 2 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं तथा 8 नए सब-स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था और मजबूत होगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की 24 सड़कें, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 28 सड़कें, तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 76 सड़कों को मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा कि सड़क नेटवर्क का यह विस्तार जिले के हर इलाके में तेज विकास लाएगा। सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। अकेले कवर्धा जिले में 50,000 से अधिक आवास स्वीकृत हुए, जिससे हजारों परिवारों को नया घर मिला। उन्होंने बताया कि जिले के सरकारी स्कूलों में 50 स्मार्ट क्लास स्थापित किए गए हैं। रेंगाखार और पिपरिया में एंबुलेंस की सुविधा दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि कवर्धा क्षेत्र के लिए आज का दिन विशेष है। आज इस क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के समय केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जिसे बढ़ाकर 10 मेडिकल कॉलेज तक पहुँचाने का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को जाता है। उसी विकास यात्रा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अतिरिक्त पाँच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कवर्धा वनांचल और जनजातीय बहुल क्षेत्र है, और यहाँ मेडिकल कॉलेज का खुलना क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के पाँच जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति तथा पिछले दो वर्षों में 12 नर्सिंग कॉलेजों की स्वीकृति देकर प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती मिली है। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने भी कबीरधाम मेडिकल कॉलेज करे जिले के लिए एक अभुतपूर्व सौगात बताया तथा क्षेत्रवासियों को इसके लिए बधाई दी।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गनपत बघेल, जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति स्वस्थ्य विभाग पूर्णिमा मनिराम साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामकुमार भट्ट, श्री संतोष पटेल, श्री रघुराज सिंह, श्री विदेशी राम धुर्वे, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री अनिल ठाकुर, श्रीमती देवकुमारी चंद्रवंशी, श्री मनहरण कौशिक, सरपंच ग्राम पंचायत घोठिया श्रीमती नंदनी चंदन जांगडे़ पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
कॉलेज के लिए 40 एकड़ भूमि आबंटित, 306 करोड़ से अधिक की राशि को मिली स्वीकृति
शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए ग्राम घोठिया में 40 एकड़ भूमि का आबंटन किया है। परियोजना के लिए 306 करोड़ रूपए से अधिक की मंजूरी प्रदान की गई है। यह कॉलेज अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार
मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद कबीरधाम जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। लोगों को आधुनिक, उन्नत और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएँ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अब दूरस्थ शहरों की ओर निर्भरता कम होगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने स्व सहायता समूह को 7 करोड़ 78 लाख रुपए की राशि का चेक वितरण किया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री श्री साय ने स्व सहायता समूह को 7 करोड़ 78 लाख रुपए की राशि का वितरण किया। इसमें लखपति दीदी योजना अंतर्गत 1454 स्व सहायता समूह को 7 करोड़ 63 लाख रुपए और 97 स्व सहायता समूह को 14 लाख 55 हजार रुपए की राशि का चेक वितरण किया।

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जिला अस्पताल कवर्धा में नवजात की मौत: प्रबंधन के ‘जिम्मेदार अधिकारियों’ पर उठे गंभीर सवाल
कवर्धा। जिला अस्पताल कवर्धा में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद व्यथित परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोशित हो उठे। परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही धरना देकर न्याय की मांग शुरू कर दी है।
परिजनों का कहना है कि नवजात को समय पर आवश्यक उपचार और उचित देखरेख नहीं मिली, जिसकी वजह से उसकी जान नहीं बच सकी। उनका आरोप है कि अस्पताल कर्मचारियों की उदासीनता और अव्यवस्था इस दुखद घटना का कारण बनी।
गंभीर मामले को देखते हुए स्थानीय लोग भी परिजनों के समर्थन में अस्पताल परिसर पहुंच रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
परिजनों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन पर सवालों की बौछार हो रही है, जबकि जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। -

बस्तर ओलम्पिक ओलम्पिक का भव्य शुभारंभ : मुख्यमंत्री साय बोले: सरकार हर कदम पर आपके साथ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर ओलिंपिक 2025 के तहत संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज जगदलपुर के स्थानीय इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने समूचे बस्तर संभाग के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर के गांव-गांव तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर निरंतर अग्रसर हो रहा है और प्रदेश तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में इस महती आयोजन में भाग लेकर इसे सफल और ऐतिहासिक बनाया है। सबसे अधिक हर्ष की बात यह है कि बस्तर ओलम्पिक में नुवाबाट के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर इसे एक विशेष आयाम प्रदान किया है। बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि बस्तर में महिला सशक्तिकरण नई दिशा ले रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें विकास में सहभागी बनाने के लिए कटिबद्ध है। यही कारण है कि बस्तर के युवा लोकतंत्र में आस्था एवं विश्वास के साथ आगे आ रहे हैं और विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता के विजेता आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक स्पर्धाओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़, दो करोड़ तथा एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक न केवल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल है, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को उचित मंच मिल सके। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल जितना सिखाता है, उतना ही हार से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर ओलम्पिक युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर देकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है और भविष्य में यह पहल और अधिक सशक्त रूप में जारी रहेगी। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप और ओलम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ी पद्मश्री एम.सी. मेरीकॉम ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और शुभकामनाएँ दीं।
संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, सुश्री तनुजा सलाम ने स्वागत उद्बोधन में अवगत कराया कि बस्तर ओलम्पिक की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले के साथ ही नुवा बाट के करीब तीन हजार पाँच सौ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बस्तर के लिए गौरव का क्षण है और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है। बस्तर ओलम्पिक में तीन स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष के 1,65,000 प्रतिभागियों की तुलना में इस वर्ष 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला प्रतिभागी शामिल हैं – यह बस्तर में परिवर्तन की नई बयार है।
कार्यक्रम की शुरुआत खिलाड़ियों द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन और आतिशबाजी के साथ हुई। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण पिस्दा एवं खुशबू नाग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिलों के नोडल अधिकारी, खेल अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
पूवर्ती के खिलाड़ी विजय डोडी और ओरछा सलोनी बनीं मशालवाहक
बस्तर ओलम्पिक 2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्रीगण तथा बॉक्सर पद्मश्री मेरी कॉम द्वारा किया गया। हजारों दर्शकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर ओलम्पिक की मशाल प्रज्ज्वलित की।
इसके बाद यह गौरवशाली मशाल सुकमा जिले के सुदूर अंचल पूवर्ती के प्रतिभावान खिलाड़ी विजय डोडी और नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक की निवासी सलोनी कवाची को सौंपा गया। कबड्डी खिलाड़ी विजय डोडी और खो-खो खिलाड़ी सलोनी कवाची ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और गौरव के साथ ग्राउंड की परिक्रमा करते हुए मशाल को मुख्य प्रज्वलन स्थल तक पहुंचाया। यह क्षण सुकमा और नारायणपुर जिलों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक था – जब माओवाद-प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ हजारों दर्शकों के सामने दौड़ रहे थे। दर्शकों का उत्साह भी इस दौरान चरम पर पहुंच गया।
संभागभर से पहुंचे हजारों खिलाड़ियों और दर्शकों ने इस ऐतिहासिक क्षण का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बस्तर ओलम्पिक के इस भव्य उद्घाटन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि बस्तर की माटी में असीम खेल प्रतिभाएं जन्म ले रही हैं और राज्य सरकार तथा प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से इन प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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कांस्टेबल भर्ती परिणाम शिकायतों के समाधान के लिए कबीरधाम में 12 से 14 दिसंबर तक विशेष हेल्पडेस्क शुरू
कवर्धा। कांस्टेबल भर्ती परिणामों से संबंधित अभ्यर्थियों की शंकाओं, शिकायतों के निराकरण तथा आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार समस्त जिलों में विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला कबीरधाम में भी अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु हेल्पडेस्क की स्थापना की जा रही है।
यह हेल्पडेस्क दिनांक 12, 13 एवं 14 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कबीरधाम में संचालित होगा। भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए ऐसे अभ्यर्थी जो अन्य जिलों से संबंधित हैं, वे भी अपने संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। सभी जिलों में इसी व्यवस्था के अनुसार हेल्पडेस्क कार्य करेंगे।
हेल्पडेस्क का संचालन दो शिफ्टों में किया जाएगा, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समय पर और स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके।
प्रथम शिफ्ट: प्रातः 10.30 बजे से 12.30 बजे तक
इस अवधि में अभ्यर्थियों की सभी शिकायतें, आपत्तियां और परिणाम व दस्तावेजों से जुड़ी शंका संबंधी आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। आवेदन प्राप्त होते ही शिकायतों को तुरंत संबंधित भर्ती समितियों को भेजकर जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
द्वितीय शिफ्ट: अपराह्न 3.30 बजे से 5.30 बजे तक
दोपहर की शिफ्ट में भर्ती समितियों से प्राप्त उत्तरों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर अभ्यर्थियों को स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रत्येक शिकायत का निपटारा पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
यह सुविधा अभ्यर्थियों की परेशानी को कम करने, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने एवं किसी भी प्रकार की गलतफहमी दूर करने हेतु विशेष रूप से शुरू की गई है। सभी अभ्यर्थियों से अपील है कि वे अफवाहों से बचें एवं निर्धारित तिथियों और समय पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कबीरधाम स्थित हेल्पडेस्क में उपस्थित होकर अपनी समस्या का समाधान प्राप्त करें। -

मेडिकल कॉलेज भूमिपूजन कार्यक्रम: कबीरधाम पुलिस ने जारी की रूट एवं पार्किंग व्यवस्था
कवर्धा। 12 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आगमन एवं मेडिकल कॉलेज भूमिपूजन कार्यक्रम के मद्देनज़र कबीरधाम पुलिस ने व्यापक यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल के मार्गदर्शन में विस्तृत रूट प्लान जारी किया गया है।
नागरिकों के लिए तीन मार्ग निर्धारित
कार्यक्रम स्थल तक पहुँचने के लिए नागरिकों हेतु तीन अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं—
1. लोहारा रोड से आने वाले लोग राजनांदगांव बायपास से होकर सीधे नया बस स्टैंड पहुँचेंगे। यहां सामान्य वाहनों के लिए प्रवेश द्वार एवं पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
2. रायपुर रोड की दिशा से आने वाले यात्री महिन्द्रा शोरूम के पास छिरहा तिराहा से बायपास मार्ग लेकर नया बस स्टैंड पहुँच सकेंगे।
3. कवर्धा शहर से आने वालों को घोटिया रोड अथवा राजनांदगांव बायपास होते हुए नया बस स्टैंड की ओर मार्गित किया गया है।
वीआईपी, मीडिया एवं डॉक्टरों के लिए विशेष रूट
वीआईपी, मीडिया प्रतिनिधियों तथा डॉक्टरों के लिए नया बस स्टैंड से जुनवानी रोड पर लगभग 500 मीटर आगे अलग प्रवेश मार्ग एवं पार्किंग क्षेत्र निर्धारित है। इस मार्ग पर केवल अधिकृत वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। पार्किंग के बाद आगंतुक निर्धारित गैंगवे से सीधे अपने सेक्टर में प्रवेश कर सकेंगे।
निषेधाज्ञा एवं सुरक्षा व्यवस्था
घोटिया रोड में स्थित एग्रीकल्चर कॉलेज रोड को सामान्य वाहनों के आवागमन के लिए पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। इस मार्ग पर केवल कारकेड वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा।
पुलिस की अपील
कबीरधाम पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे केवल निर्धारित मार्ग एवं पार्किंग स्थल का उपयोग करें तथा यातायात संकेतों और पुलिस के निर्देशों का पालन करें, ताकि कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था सुचारू एवं सुरक्षित बनी रहे। पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित कार्यक्रम के लिए नागरिकों से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा जताई है। -

महात्मा गांधी मनरेगा ने पकड़ी रफ्तार — कबीरधाम में 29500 से अधिक ग्रामीणों को मिला रोजगार
कवर्धा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत जिले के 438 ग्राम पंचायतो में 4194 निर्माण कार्यों के द्वारा 29500 से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। ग्रामीण अंचलों में रोजगार की मांग पर बड़ी मात्रा में नए निर्माण कार्य प्रारंभ होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। तालाब गहरीकरण, अमृत सरोवर, आजीविका डबरी निर्माण, पशु शेड एवं नाला गाद निकासी सहित अनेक कार्यों में ग्रामीणों को रोजगार का अवसर गांव में ही मिल रहा है।
इसके साथ ही प्रत्येक दिवस 261 रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों को प्राप्त हो रहा है। उल्लेखनीय है कि बरसात खत्म होते ही जिले में मनरेगा योजना के कार्यो ने गति पकड़ते हुए लोगों को रोजगार मिलने लगा है। मनरेगा अंतर्गत अनेको निर्माण कार्यों हो रहे है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में हितग्राही को स्वयं का आवास बनाने के लिए 90 दिवस का रोजगार एवं प्रधानमंत्री जनमन आवास निर्माण में 95 दिवस का रोजगार मिल रहा है। वर्तमान स्थिति में 369 प्रगतिरत आवास में 9684 हितग्राहियों को अपने पक्के आवास के निर्माण में रोजगार मिल रहा है।
वर्तमान में रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में अव्वल: कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा!
इस संबंध में जानकारी देते हुए कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर लगातार नए कार्य खोले जा रहे हैं। वनांचल क्षेत्र से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक महात्मा गांधी नरेगा में कार्य हो रहा है। हितग्राही मूलक एवं समुदायिक मूलक कार्यों से ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं और सभी ग्राम पंचायतो के लिए पहले से ही पर्याप्त मात्रा में कार्यो की स्वीकृति दी जा चुकी है। प्रतिदिन रोजगार प्राप्त करने वाले ग्रामीणों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने आगे बताया कि महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत प्रदेश में सर्वाधिक मजदूरों को कार्य देने में कबीरधाम जिला वर्तमान स्थिति में प्रथम स्थान पर है। जिले के 471 ग्राम पंचायतो में से 438 ग्राम पंचायतो में कार्य चल रहे हैं और यह लगातार बढ़ रहा है।मैदानी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि अधिक से अधिक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। निर्माण कार्यो की गुणवत्ता के लिए सतत निरीक्षण करने एवं समय पर मजदूरी भुगतान करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने चर्चा करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है अधिक से अधिक प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के तहत निर्माण कार्यों में लोगों को रोजगार मिले। पशु शेड, आजीविका डबरी, कूप निर्माण जैसे अन्य हितग्राही मुल्क कार्यों से आजीविका की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भी बहुत से कार्य जिले में हो रहे हैं। अधिक से अधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार एवं दिव्यांगों को भी रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यों में गति बनाये रखने के लिए लगातार मैदानी कर्मचारियों की वर्चुअल बैठक लेकर नियोजित श्रमिकों की समीक्षा की जा रही है।वर्तमान में बहुत से ग्रामीण अपने फसल की कटाई में व्यस्त है जैसे ही कृषक कार्य पूरा होगा और अधिक ग्रामीण रोजगार की मांग करेंगे तथा उन्हें रोजगार प्रदाय किया जाएगा इसके लिए हमारे द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। भू-जल स्तर में वृद्धि करने हेतु जल संरक्षण के अधिक कार्य हो रहे है। सभी ग्राम पंचायतो में महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम के पारा-5 कैटेगरी के परिवारों की मांग पर उनके निजी भूमि में फार्म पाउंड खेत तालाब आजीविका डबरी स्वीकृत करने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जा रहा है क्योंकि डबरी जैसे कार्यों में हितग्राही मछली पालन करते हुए उद्यानकी फसलों से नई व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े सकते है।