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  • मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शिक्षकों को किया सम्मानित, 70 सेवानिवृत्त शिक्षक और 20 विद्यालयों के प्राचार्य अलंकृत

    मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शिक्षकों को किया सम्मानित, 70 सेवानिवृत्त शिक्षक और 20 विद्यालयों के प्राचार्य अलंकृत

    कवर्धा। शिक्षक दिवस के अवसर पर कवर्धा में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, रानी दुर्गावती चौक में संपन्न हुआ, जिसमें उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    समारोह में सितंबर 2024 से अगस्त 2025 के बीच सेवानिवृत्त हुए 70 शिक्षकों को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं, हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा सत्र 2024-25 में 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले 20 विद्यालयों के प्राचार्यों का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सभापति रामकुमार भट्ट, लोकचंद साहू, सतविंदर पाहुजा सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

    समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की सच्ची नींव हैं। शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि संस्कार और जीवन मूल्यों की धरोहर है जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी शिक्षक ही आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सफल व्यक्ति के पीछे किसी न किसी शिक्षक का मार्गदर्शन और प्रेरणा होती है। शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहते बल्कि जीवन जीने की कला और आदर्शों का भी संचार करते हैं। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और शिक्षकों को सम्मान देने के लिए लगातार प्रयासरत है। नई पीढ़ी को प्रतिस्पर्धी युग में आगे बढ़ाने के लिए शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का बीजारोपण केवल शिक्षक ही कर सकते हैं।

    मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शिक्षकों को किया सम्मानित, 70 सेवानिवृत्त शिक्षक और 20 विद्यालयों के प्राचार्य अलंकृत

    मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना अंतर्गत शिक्षादूत पुरस्कार प्राप्त करने वालों में रानी शर्मा प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला मैनपुर, प्रदीप कुमार चंद्रवंशी प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला चुचरूगपुर, मधुलिका शर्मा प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला पालीगुड़ा, योगिता पटेल सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला मोहगांव, कैलाश मरावी सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला बड़ा चारभाटा, ज्योति मंडावी सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला लाखाटोला, ललिता मेरावी सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला जीताटोला, उमेश कुमार सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला बोदलपानी, धनेश्वरी परते प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला दरई, झाड़ूराम साहू सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला तिलईभाट, बिंदू राजपूत सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला सिरमाडबरी तथा प्रतीमा शर्मा सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला दलपूरूवा शामिल हैं। इसी तरह ज्ञानदीप पुरस्कार 2025 से लेखराम जायसवाल शिक्षक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, सौरभ श्रीवास्तव शिक्षक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बड़ौदाकला और विद्या साहू शिक्षक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला घुघरीकला को सम्मानित किया गया।

  • छत्तीसगढ़ में धरना-प्रदर्शन पर नई सख्ती: 7 दिन पहले लेनी होगी अनुमति

    छत्तीसगढ़ में धरना-प्रदर्शन पर नई सख्ती: 7 दिन पहले लेनी होगी अनुमति

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब बिना अनुमति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर धरना-प्रदर्शन, जुलूस, सभा या रैली का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। राज्य सरकार ने इसके लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह नियम नगरीय क्षेत्रों में व्यक्तियों, समितियों, संस्थाओं और संगठनों पर लागू होंगे।

    सात दिन पहले देनी होगी अनुमति के लिए अर्जी

    निर्देशों के अनुसार आयोजन के लिए संबंधित नगरीय निकायों को कम से कम सात दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, थाना प्रभारी, जिला सेनानी होमगार्ड (अग्निशमन) और विद्युत विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। साथ ही निर्धारित शुल्क का भुगतान भी करना पड़ेगा।

    आवेदन पत्र में आयोजन का उद्देश्य, तिथि, समय, स्थान का नक्शा, सुरक्षा और स्वच्छता योजना का विवरण अनिवार्य रूप से देना होगा। आयोजकों को स्व-घोषणा पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

    पंडाल और अस्थायी संरचनाओं पर कड़े नियम

    नए नियमों के तहत पंडाल या अस्थायी संरचनाओं को स्थिर, सुरक्षित और यथासंभव अग्निरोधी सामग्री से बनाया जाना जरूरी होगा। संरचनाओं में ज्वलनशील सामग्री का प्रयोग न्यूनतम करना होगा। जहां आयोजन होगा वहां CCTV कैमरे लगाने की भी व्यवस्था करनी होगी।

    संरचनाएं इतनी मजबूत होनी चाहिए कि वे वायु-दाब और आगंतुकों के दबाव को सहन कर सकें। जटिल या विशाल पंडालों के लिए संरचनात्मक स्थायित्व का प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा।

    अनुमति निरस्त करने का अधिकार

    नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि अनुमति मिलने के बाद भी आयुक्त या मुख्य नगर पालिका अधिकारी किसी भी समय इसे निरस्त कर सकते हैं। आयोजन में अतिरिक्त शर्तें जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की सहमति से जोड़ी जा सकती हैं।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेक्स्ट जनरेशन GST रिफॉर्म का निर्णय ऐतिहासिक, आम जनता को मिलेगी राहत : भावना बोहरा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेक्स्ट जनरेशन GST रिफॉर्म का निर्णय ऐतिहासिक, आम जनता को मिलेगी राहत : भावना बोहरा

    कवर्धा। GST काउंसिल की 56वीं बैठक में बुधवार को कई अहम फैसले लिए गए, जिनसे सीधे तौर पर आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक को राहत मिलेगी। इस जनहितैषी निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश की जनता और व्यापारियों के हित मे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समर्पण भाव से कार्य कर रहें हैं। नेक्स्ट जनरेशन GST रिफॉर्म का निर्णय ऐतिहासिक एवं व्यापारियों और आम जनता को राहत तथा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबध्दता का प्रतीक है। बैठक में यह तय हुआ कि अब सिर्फ दो GST स्लैब रहेंगे 5% और 18%. यानी 12% और 28% स्लैब खत्म हो जाएंगे। केंद्र सरकार के इस फैसले से रोजमर्रा के सामान सस्ते होंगे और जीवन रक्षक दवाओं को टैक्स से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लाल किले की प्राचीर से जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार लाने की घोषणा की थी, जिसे पूरा करते हुए जीएसटी काउंसिल की बैठक में जनहित, व्यापारियों एवं देश की आर्थिक विकास हेतु यह महत्वपूर्ण निर्णय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में लिया गया। इसके पूर्व भी प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये तक कि आय को टैक्स फ्री करके बड़ी राहत देने के बाद यह जनहितैषी निर्णय आम आदमी को राहत देने वाला है।

    भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा GST दरों में कटौती से आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं को लाभ होगा। व्यापक सुधार हमारे नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाएंगे और सभी के लिए, विशेष रूप से छोटे व्यापारियों और व्यवसायों के लिए व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करेंगे। यह प्रधानमंत्री द्वारा हर भारतीय के लिए दीपावली के पूर्व विशेष उपहार है जिससे पूरा देश हर्षित है और इसका स्वागत कर रहा है।इस दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारा छत्तीसगढ़ प्रदेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ का कुल जीएसटी और वैट राजस्व 23,448 करोड़ तक पहुंचा और जीएसटी कलेक्शन में हमारा राज्य प्रथम स्थान पर रहा, जो प्रदेश में सुशासन सरकार के विकास और विश्वास का प्रमाण है।

    उन्होंने आगे कहा कि वोकल फ़ॉर लोकल जैसे राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से एक ओर स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन देने, देश की अर्थव्यवस्था को गति देने एवं स्थानीय विक्रेताओं, कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास के बाद यह निर्णय देश के विकास को नई गति देगा नेक्स्ट-जेन जीएसटी सुधार देश के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आएगा। इस निर्णय से आवश्यक उपभोक्ता वस्तुएँ, शिक्षा से संबंधित सामग्री, स्वास्थ्य सेवाएँ तथा कृषि उपयोगी सामान अधिक किफ़ायती होंगे। इसके परिणामस्वरूप आमजन का दैनिक जीवन सरल होगा और उनकी आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताओं का सुलभ होना समाज की बड़ी आबादी को सीधे राहत प्रदान करेगा, वहीं कृषि क्षेत्र को भी आवश्यक उपकरण एवं सामग्री की सस्ती उपलब्धता से लाभ होगा, जिससे उत्पादन क्षमता और किसानों की आय दोनों में वृद्धि की संभावना है। साथ ही, उद्योग एवं व्यापार जगत को भी इस सुधार से सहूलियत प्राप्त होगी, जो समग्र आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगी।

    भावना बोहरा ने कहा कि यह निर्णय कर प्रणाली को अधिक सरल और व्यावहारिक बनाता है तथा पारदर्शिता को भी सुदृढ़ करता है। इससे कर संरचना में स्थिरता आएगी और उपभोक्ता, व्यापारी एवं किसान-सभी को समान रूप से लाभ मिलेगा। यह सुधार केवल राजस्व व्यवस्था तक सीमित न रहकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस प्रगति का आधार बनेगा और देश की विकास यात्रा को और सुदृढ़ करेगा। अब टैक्स के केवल 5% और 18% के 2 ही स्लैब होंगे। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी खत्म करने का निर्णय भी स्वागतयोग्य है। बैठक में हुए फैसलों से अनेक आवश्यक वस्तुओं के दाम कम हो जाएंगे। इसका फायदा गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार से लेकर हर छोटे-बड़े उद्यमी को होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के उद्देश्य के साथ कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जिनसे आज सामान्य जनता, गरीब, युवा, महिला, किसान, व्यापारी हर वर्ग का विकास सुनिश्चित हो रहा है और और हमारा भारत आत्मनिर्भर एवं शसक्त हो रहा है।

    भावना बोहरा ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह आम आदमी की रोजमर्रा जरूरतों में उपयोगी वस्तुओं में राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है।हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन, टूथब्रश, साइकिल, टेबलवेयर और अन्य घरेलू सामान 5% जीएसटी के दायरे में आएंगे।भारतीय ब्रेड को जीएसटी से छूट दी गई है और अब उन पर पहले की 5% की दर से कोई कर नहीं लगेगा। नमकीन, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, कॉफी, मक्खन, घी, कॉर्नफ्लेक्स और चॉकलेट जैसे पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर भी कम दर से कर लगेगा। 350 सीसी तक की छोटी कारों और मोटरसाइकिलों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा वहीं सभी ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर 18 फीसदी टैक्स। सीमेंट पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है जिससे अपना घर बनाने में लागत कम होगी। वहीं स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु 33 जीवनरक्षक दवाओं पर जीएसटी 12% से शून्य और 3 दवाओं पर 5% से शून्य कर दिया है। ये बदलाव गरीब परिवारों के लिए दवा की पहुंच आसान बनाएंगे। व्यक्तिगत जीवन बीमा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा सेवाओं पर से जीएसटी खत्म करने का फैसला किया गया है। यह गरीब-हितैषी और विकासोन्मुखी निर्णय है।

  • सीएम विष्णुदेव साय का अपमान: आदिवासी समाज का विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी की मांग

    सीएम विष्णुदेव साय का अपमान: आदिवासी समाज का विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी की मांग

    कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पोस्टर पर गोबर पोते जाने की घटना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गुरुवार को सर्व आदिवासी समाज के लोग कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेता तुकाराम चंद्रवंशी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई।

    मामला उस समय सामने आया, जब घायल गौवंश के इलाज के लिए कांग्रेस नेता तुकाराम चंद्रवंशी ने डॉक्टर को फोन लगाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं होने पर वे आक्रोशित हो गए। इसके बाद उन्होंने सड़क किनारे लगे सीएम विष्णुदेव साय के पोस्टर पर गोबर पोत दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सर्व आदिवासी समाज में आक्रोश फैल गया और उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।

    धरना स्थल पर समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री का अपमान आदिवासी समाज का अपमान है। उन्होंने प्रशासन से आरोपी कांग्रेस नेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की।

    सूरजपुर में मंत्री को लेकर अपशब्द कहने पर गिरफ्तारी
    इसी बीच सूरजपुर जिले से भी राजनीतिक विवाद से जुड़ी बड़ी खबर आई है। भैयाथान जनपद अध्यक्ष सुलोचनी पैकरा के पति मैनेजर पैकरा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर प्रदेश की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है। इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी।

  • कवर्धा नगर पालिका की लापरवाही से बढ़ा जल संकट, चार दिन से सूखे नल जनता परेशान

    कवर्धा नगर पालिका की लापरवाही से बढ़ा जल संकट, चार दिन से सूखे नल जनता परेशान

    कवर्धा। नगर पालिका क्षेत्र में पानी की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। लगातार चार दिनों से शहरवासियों को नल जलापूर्ति नहीं मिल रही है, जिसके चलते लोग पीने के पानी के लिए परेशान हो रहे हैं।

    शहर के कई इलाकों में लोग बूँद-बूँद पानी के लिए तरस रहे हैं। नगर पालिका की टीम बार-बार जल आपूर्ति बहाल करने का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि अब तक सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। स्थिति यह हो गई है कि लोगों को पानी खरीदकर उपयोग करना पड़ रहा है, वहीं गरीब वर्ग सबसे अधिक प्रभावित है।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में पानी की समस्या बढ़ जाती है, लेकिन इस बार नगर पालिका की लापरवाही से संकट और गहरा गया है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है कि जलापूर्ति कब तक बहाल होगी।

    शहरवासी प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री करमा तिहार 2025 कार्यक्रम में हुए शामिल, करमा दलों को सम्मानित कर किया प्रोत्साहित

    मुख्यमंत्री करमा तिहार 2025 कार्यक्रम में हुए शामिल, करमा दलों को सम्मानित कर किया प्रोत्साहित

    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है।

    संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा।

    संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

    संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री श्री साय

    संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राम कुमार टोप्पो, विधायक आशाराम नेताम, विधायक प्रबोध मिंज, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राम सेवक सिंह पैकरा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेन, सभापति जिला पंचायत धमतरी टीकाराम कंवर, प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज हरवंश सिंह मिरी, अध्यक्ष कंवर समाज रायपुर महानगर मनोहर सिंह पैकरा सहित कंवर समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • हड़तालियों को बर्खास्त: एनएचएम के 25 अधिकारियों-कर्मचारियों की सरकार ने की सेवा समाप्त

    हड़तालियों को बर्खास्त: एनएचएम के 25 अधिकारियों-कर्मचारियों की सरकार ने की सेवा समाप्त

    रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) छत्तीसगढ़ में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। स्वास्थ्य विभाग ने 25 अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं।

    गौरतलब है कि एनएचएम के अधिकारी और कर्मचारी 18 अगस्त 2025 से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। इनमें से पांच मांगों पर पहले ही सहमति जताते हुए आदेश जारी किए जा चुके थे, जबकि शेष मांगों पर शासन स्तर पर विचार जारी था। इसके बावजूद कर्मचारी कार्य पर वापस नहीं लौटे।

    हड़ताल के चलते अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं और मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। सचिव, स्वास्थ्य विभाग अमित कटारिया ने 29 अगस्त को आदेश जारी कर सभी कर्मचारियों को तत्काल कार्य पर लौटने का निर्देश दिया था। आदेश का पालन न करने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी भी दी गई थी।

    स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जनहित से जुड़े कार्यों में बाधा या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। हड़ताल को नियमविरुद्ध आचरण मानते हुए 25 अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। शेष मामलों पर भी विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

  • छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट से मुफ्त बिजली की ओर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नवा रायपुर में पावर कंपनीज मुख्यालय का शिलान्यास

    छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट से मुफ्त बिजली की ओर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नवा रायपुर में पावर कंपनीज मुख्यालय का शिलान्यास

    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन की आधारशिला रखी। रजत जयंती वर्ष और गणेश चतुर्थी के अवसर पर आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना कर भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया और “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत मौलश्री का पौधरोपण भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 साल की यात्रा यह प्रमाण है कि संकल्प और संवेदनशीलता जब साथ चलते हैं तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता 1400 मेगावाट थी, जो आज बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इससे आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल 24 घंटे निर्बाध बिजली देगा बल्कि पड़ोसी राज्यों की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगा। साथ ही, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से प्रदेश मुफ्त बिजली की ओर अग्रसर है और इसका लाभ दूरस्थ अंचलों तक पहुँच रहा है।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

    समारोह में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

    नौ मंजिला इस भवन का निर्माण 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किया जाएगा। इसमें पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। लगभग 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस परिसर में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, जिम, बेसमेंट पार्किंग, ई-व्हीकल चार्जिंग और ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

    नवा रायपुर स्थित यह भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से विभागीय समन्वय को और मजबूत करेगा तथा ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा।

  • कैट कवर्धा इकाई में नई कार्यकारिणी गठित, दीप शर्मा बने जिलाध्यक्ष, वनित सिंह सलूजा कार्यकारी अध्यक्ष

    कैट कवर्धा इकाई में नई कार्यकारिणी गठित, दीप शर्मा बने जिलाध्यक्ष, वनित सिंह सलूजा कार्यकारी अध्यक्ष

    कवर्धा। देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की कवर्धा इकाई का गठन मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, प्रदेश चेयरमेन मगेलाल मालू एवं विक्रम सिंहदेव, प्रदेश एक्जीक्यूटिव चेयरमेन जितेन्द्र दोशी, प्रदेश अध्यक्ष परमानन्द जैन, प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र सिंह और प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    बैठक में सर्वसम्मति से आगामी दो वर्षों के लिए जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें संगठन की कमान पहली बार युवा नेतृत्व को सौंपी गई। नवगठित कार्यकारिणी में दीप शर्मा को जिलाध्यक्ष और वनित सिंह सलूजा को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। स. सुरजीत सिंह खुराना (दारा) को प्रदेश उपाध्यक्ष और अनिल दानी को प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी मिली। जिला महामंत्री मनोज ठाकुर, कोषाध्यक्ष ज्ञानी गुप्ता, उपाध्यक्ष अविनाश तिवारी, भागीरथी सिन्हा और रिंकल माटा बनाए गए। जिला मंत्री पद पर नरेन्द्र बग्गा, शेख अकरम और साहिल पाली को स्थान दिया गया।

    इसके साथ ही विभिन्न जोनों के लिए प्रभारी नियुक्त हुए, जिसमें बोडला में गौतम गुप्ता, पोंडी में पवन केशरवानी, पिपरिया में सुरेश केशरी, पाडातराई में संजय गुप्ता और पंडरिया में अमरीक सिंह सलूजा को जिम्मेदारी मिली। मीडिया प्रभारी के रूप में विकास केशरवानी, खिलेश ठाकुर और अनमोल अग्रवाल को दायित्व सौंपा गया। खाद्य विभाग समन्वय में संजय गुप्ता और लोमेश श्रीवास, जीएसटी समस्या समिति में वनित सिंह सलूजा, दीप शर्मा और ज्ञानी गुप्ता शामिल किए गए। कौशल विकास, रोजगार और उद्योग विभाग का नेतृत्व साहिल पाली और जागेन्द्र श्रीवास्तव को सौंपा गया। उत्सव प्रभारी के रूप में राजकुमार वर्मा, मनोज ठाकुर और कैलाश शर्मा की घोषणा हुई। महिला उद्यमी सशक्तिकरण का दायित्व कैलाश शर्मा और संजय गुप्ता को सौंपा गया। बैंकिंग विभाग समन्वय में नवीन जैन और प्रभु राजपुरोहित को जिम्मेदारी दी गई।

    व्यापारिक वर्गों के लिए ट्रेड संवाद प्रभारी भी तय किए गए। इनमें प्रविश अग्रवाल (होटल), जितेश सलूजा (जूता), अमित जैन (हार्डवेयर), धनंजय गुप्ता (मोबाइल), मंजीत सलूजा (साइकिल), रिक्की खुराना (सीमेंट), शशीकांत चंद्रवंशी (बोरवेल्स), सूरज बोधरा (सराफा), नवीन जैन (एजेंसी), ईश्वर राजपूत (डेयरी), कमल कान्त आहूजा (जनरल), द्वारिका गुप्ता (किराना), लोमेश श्रीवास (रेस्टोरेंट), अवीन पटेल, पिन्टू अरोरा और विजय जयसवाल शामिल हैं।

    इस अवसर पर पदाधिकारियों ने कहा कि कवर्धा का व्यापारी वर्ग अब अकेला नहीं है, बल्कि कैट के झंडे तले संगठित शक्ति के साथ मजबूती से खड़ा है। बैठक में प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे और नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।

  • रायपुर पुलिस लाइन में प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर दी जान, मानसिक दबाव की आशंका

    रायपुर पुलिस लाइन में प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर दी जान, मानसिक दबाव की आशंका

    रायपुर। राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस विभाग से जुड़ी इस घटना ने पूरे महकमे को हिला कर रख दिया है। जानकारी के मुताबिक पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक राम आसरा पोरते, जो वाहन चालक के पद पर कार्यरत थे, ने पुलिस लाइन परिसर स्थित सामुदायिक भवन के पास फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने विभाग के साथ-साथ उनके परिजनों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।

    घटना बुधवार सुबह की बताई जा रही है, जब पुलिसकर्मियों ने सामुदायिक भवन के पास प्रधान आरक्षक का शव लटकता देखा। तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद मौके पर पुलिस टीम पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की। शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक प्रधान आरक्षक राम आसरा पोरते पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की बारीकी से छानबीन कर रहे हैं।