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  • प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर NDA सांसदों ने जताया आभार, विपक्ष पर भी जमकर बरसे पीएम

    प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर NDA सांसदों ने जताया आभार, विपक्ष पर भी जमकर बरसे पीएम

    नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में मंगलवार को हुई NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से सम्मान किया गया। यह सम्मान उन्हें ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता के उपलक्ष्य में दिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी को माला पहनाकर उनका स्वागत किया, जबकि उपस्थित सांसदों ने “हर-हर महादेव” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरे माहौल को देशभक्ति से भर दिया।

    ऑपरेशन सिंदूर पर पारित हुआ प्रस्ताव

    बैठक में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें कहा गया कि भारत न आतंकवाद को भूलता है और न माफ करता है। प्रस्ताव में हमारे सशस्त्र बलों के पराक्रम और सरकार के निर्णायक नेतृत्व को सलाम किया गया। सांसदों ने इस प्रस्ताव को तालियों की गूंज के साथ मंजूरी दी और देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए सरकार का आभार जताया।

    बिहार के SIR को लेकर विपक्ष पर निशाना

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बिहार में वोटर्स लिस्ट रिविजन (SIR) को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर बात की। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन देश की जनता सब देख रही है।

    यह बैठक एनडीए सांसदों की संसद के मानसून सत्र के दौरान पहली और केंद्र में तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरी बैठक थी।

    विपक्ष पर तीखा हमला

    पीएम मोदी ने इस बैठक में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराना विपक्ष को भारी पड़ गया, इससे उनकी ही फजीहत हुई है।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “ऐसा विपक्ष कहां मिलेगा जो खुद ही अपना पैर पत्थर पर मारता है।”

    राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का जिक्र

    पीएम मोदी ने राहुल गांधी से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के हालिया ऑब्जर्वेशन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “जब सुप्रीम कोर्ट ने खुद ही कह दिया है, तो फिर हम क्या कहें। ये तो खुद ही खुद को कठघरे में खड़ा करने जैसा है।”

    तिरंगा यात्रा और खेल दिवस में भागीदारी की अपील

    प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से अपील की कि वे तिरंगा यात्रा और राष्ट्रीय खेल दिवस के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की भी सराहना की और कहा कि “लालकृष्ण आडवाणी के बाद अमित शाह सबसे लंबे समय तक गृह मंत्री बने हुए हैं। यह तो अभी शुरुआत है।”

    11 साल की उपलब्धियों पर पुस्तक भेंट

    बैठक में सभी सांसदों को ‘11 साल में 11 बड़े फैसले’ शीर्षक वाली एक पुस्तक भी भेंट की गई, जिसमें मोदी सरकार की 11 वर्षों की बड़ी उपलब्धियों और ऐतिहासिक निर्णयों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है।

  • कवर्धा में उज्जैन की तर्ज पर निकली बाबा महाकाल की भव्य पालकी यात्रा, शिवभक्ति में डूबा पूरा शहर

    कवर्धा में उज्जैन की तर्ज पर निकली बाबा महाकाल की भव्य पालकी यात्रा, शिवभक्ति में डूबा पूरा शहर

    कवर्धा। नगर में सोमवार को अद्भुत, अलौकिक और अत्यंत भव्य दृश्य देखने को मिला, जब नगर की पवित्र धरती पर उज्जैन की तर्ज पर बाबा महाकाल की पालकी यात्रा निकाली गई। इस आयोजन ने कवर्धा को पूरी तरह शिवमय बना दिया। भक्ति, आस्था, उत्साह और आयोजन की भव्यता ने श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव दिया जिसे वे शायद ही कभी भूल पाएंगे।

    बुढ़ा महादेव मंदिर से हुई शुभ शुरुआत

    यह यात्रा बुढ़ा महादेव मंदिर से शुरू हुई, जहां बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप बाबा चंद्रमौलेश्वर का विधिवत विशेष पूजन और अलौकिक श्रृंगार किया गया। मंदिर प्रांगण में भक्तों ने आरती के साथ बाबा का आशीर्वाद लिया और फिर भव्य पालकी यात्रा प्रारंभ हुई।

    शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अम्बेडकर चौक पहुंची यात्रा

    यह यात्रा करपात्री पार्क, सराफा लाइन, मेन रोड, वीर स्तंभ चौक से होती हुई अम्बेडकर चौक स्थित भारत माता प्रतिमा तक पहुँची। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही, हर तरफ हर-हर महादेव और जय शिव शंकर के जयघोष गूंजते रहे।

    नागपुर से आई महाकाली-महादेव की झांकी ने मोहा मन

    इस यात्रा का मुख्य आकर्षण रही नागपुर से आई भव्य झांकी, जिसमें कलाकारों ने महाकाली और महादेव का रूप धारण कर ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी भाव-भंगिमाएं, तांडव शैली और वेशभूषा देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध रह गए। श्रद्धालुओं ने ताली बजाकर, फूल बरसाकर और जयकारों के साथ इनका उत्साहवर्धन किया।

    शिव परिवार की जीवंत झांकी बनी आस्था का केंद्र

    यात्रा में शिव परिवार की झांकी भी प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय के जीवंत रूप में कलाकारों ने भाग लिया। इन झांकियों को देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। झांकी के साथ-साथ भूत-भावन गणों की टोली भी चल रही थी, जो शिवगणों के रूप में वेश धारण कर अलग-अलग भावों में भक्तों का मन मोह रही थी।

    ढोल-नगाड़ों और डमरुओं की गूंज से गूंजा कवर्धा

    यात्रा में जगह-जगह ढोल, नगाड़े, डमरू और झांझ की ध्वनि ने माहौल को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा उठाई गई लाग पालकी ने इस यात्रा को और अधिक भक्ति से ओतप्रोत बना दिया।

    अन्त में हुआ भव्य समापन और दिव्य भस्म आरती

    यात्रा का समापन अम्बेडकर चौक स्थित भारत माता प्रतिमा के पास हुआ, जहां पर उज्जैन की तर्ज पर बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। भस्म आरती के समय वातावरण पूरी तरह शांत, भक्तिमय और अलौकिक हो गया। दीपों की रौशनी, मंत्रोच्चार और बाबा के जयकारों के साथ की गई आरती ने हर एक श्रद्धालु के हृदय को छू लिया।

    श्रद्धा और संगठन का सुंदर संगम

    इस अद्वितीय आयोजन का श्रेय जाता है हर हर शंकर जय जय शंकर सेवा समिति कवर्धा को, जिन्होंने पूरी यात्रा को सुनियोजित, अनुशासित और अत्यंत भावपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराया। समिति के सदस्यों ने जगह-जगह व्यवस्था संभाली, और पूरे आयोजन को सफल बनाने में अपना संपूर्ण योगदान दिया।

  • शंखनाद से गुंजायमान हुआ भोरमदेव मंदिर परिसर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अद्भुत आयोजन

    शंखनाद से गुंजायमान हुआ भोरमदेव मंदिर परिसर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अद्भुत आयोजन

    कवर्धा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जिला कबीरधाम के घोष विभाग द्वारा “शंखनाद कार्यक्रम” का भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थल भोरमदेव मंदिर परिसर में संपन्न हुआ। घोष विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अपने अनूठे संगीत और सांघिक प्रदर्शन के माध्यम से दर्शकों के लिए एक स्मरणीय अनुभव बन गया।

    इस अवसर पर कुल 24 घोष वादकों ने अपनी घोष कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में शंख, आनक, वेणु, ताल और प्रणव जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से कुल छह रचनाओं का संगठित वादन प्रस्तुत किया गया। इनमें शंख रचना – किरण, उदय और श्रीराम, तथा वेणु रचना – प्रयोग एक और प्रयोग दो प्रमुख रही। इसके अतिरिक्त सामूहिक घोष वादन ने समस्त परिसर को घोष की दिव्यता से गुंजायमान कर दिया।

    जिला घोष प्रमुख मनहरण वरबे ने जानकारी देते हुए बताया कि यह शंखनाद कार्यक्रम का दूसरा वर्ष है। उन्होंने कहा, “घोष वादन न केवल परंपरा और अनुशासन का प्रतीक है, बल्कि यह स्वयंसेवकों में उत्साह, वीरता और जागरूकता का संचार करता है। यह रणघोष की परंपरा को जीवंत करता है जो युद्धकाल में वीरता का संचार करता था।”

    उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से स्वयंसेवकों की शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक क्षमता में विकास होगा तथा वे आपदा की किसी भी स्थिति में सजग व तैयार रहेंगे।

    कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सह जिला कार्यवाह रवि वर्मा, दुर्ग विभाग शारीरिक शिक्षण प्रमुख, जिला घोष प्रमुख मनहरण वरबे, जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख बीरेलाल पटेल, सह जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख राजकुमार विश्वकर्मा, पूर्व घोष प्रमुख ललित ठाकुर, घोष वादक दल के सभी सदस्य, तथा बड़ी संख्या में बाल एवं ज्येष्ठ स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

  • छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: भूपेश बघेल और बेटे चैतन्य को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट जाने के निर्देश

    छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: भूपेश बघेल और बेटे चैतन्य को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट जाने के निर्देश

    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके पुत्र चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को दोनों की याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें अंतरिम राहत हेतु छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से संपर्क करने का निर्देश दिया है।

    न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट टिप्पणी की कि एक ही याचिका में पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) के प्रावधानों को चुनौती देने के साथ-साथ जमानत जैसी व्यक्तिगत राहत की मांग करना विधिक प्रक्रिया के विरुद्ध है। अदालत ने इस प्रकार की याचिका को प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया।

    सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह भी सवाल उठाया कि प्रभावशाली व्यक्ति सीधे सर्वोच्च न्यायालय का रुख क्यों करते हैं, जबकि आम नागरिकों को पहले निचली अदालतों का सहारा लेना पड़ता है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, अगर हर मामला सीधे हमारे पास आएगा, तो फिर निचली अदालतों की उपयोगिता क्या रह जाएगी? आम आदमी और साधारण वकील के लिए सुप्रीम कोर्ट की पहुंच ही समाप्त हो जाएगी।”

    सुप्रीम कोर्ट ने चैतन्य बघेल को जमानत याचिका के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आवेदन देने को कहा और हाईकोर्ट को इस पर शीघ्र सुनवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, पीएमएलए की धारा 50 और 63 को चुनौती देने के लिए अलग याचिका दाखिल करने की सलाह दी गई है।

  • सड़क पर मवेशी छोड़ना पड़ा महंगा, टैग स्कैन कर मालिकों पर FIR

    सड़क पर मवेशी छोड़ना पड़ा महंगा, टैग स्कैन कर मालिकों पर FIR

    बिलासपुर। हाई कोर्ट के सामने जब मवेशी आराम से हाईवे पर घूमते और बैठते नजर आए तो किसी बड़े हादसे की आशंका बन गई। प्रशासन भी चौकन्ना हो गया और नगर पालिका की टीम ने तुरंत एक्शन लिया। खास बात ये रही कि इन मवेशियों के कान पर जो टैग लगे थे, उन्हीं से उनके असली मालिकों की पहचान कर ली गई और पुलिस में शिकायत दर्ज हो गई।

    टैग ने खोल दी पोल, मालिकों पर दर्ज हुआ केस

    1 अगस्त की रात बोदरी नगर पालिका को सूचना मिली कि हाई कोर्ट के सामने कुछ मवेशी हाईवे पर घूम रहे हैं। मौके पर पहुंची टीम ने मवेशियों को पकड़ा और कान पर लगे टैग को स्कैन किया। पता चला कि ये मवेशी सकरी के बहोरन यादव और बिरकोनी के लक्ष्मी प्रसाद यादव के हैं। सीएमओ भारती साहू ने दोनों के खिलाफ थाने में शिकायत की। पुलिस ने मवेशियों को सड़क पर छोड़ने और हादसे की स्थिति पैदा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है।

    सड़क पर घूमते मवेशी बन रहे हादसों की वजह

    नगर निगम की मानें तो आए दिन सड़क पर बैठे मवेशियों की वजह से ट्रैफिक रुकता है और दुर्घटनाएं होती हैं। बावजूद इसके, कई पशुपालक अपने पालतू जानवरों को यूं ही खुला छोड़ देते हैं। निगम की ओर से चल रहे विशेष अभियान के तहत अब ऐसे पशुपालकों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

    राजेन्द्र नगर में भी कार्रवाई, मालिक ने दरवाजा तक नहीं खोला

    2 अगस्त को जोन-3 की टीम राजेन्द्र नगर पहुंची, जहां दो गाय और एक बछड़ा बेसहारा घूमते मिले। पड़ताल में सामने आया कि ये मवेशी संतोष यादव के हैं। जब टीम संतोष के घर पहुंची और दरवाजा खटखटाया, तो उन्होंने बाहर आकर बात करने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद निगम ने पशु क्रूरता अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया।

    कमिश्नर की अपील – मवेशियों को सड़क पर न छोड़ें

    नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने पशुपालकों से अपील की है कि अपने मवेशियों को सड़क पर न छोड़ें, वरना भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि ये न केवल लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ है बल्कि कानून का उल्लंघन भी।

  • कैलाश मानसरोवर समेत पवित्र नदियों के जल से हुआ भोरमदेव शिवलिंग का अभिषेक

    कैलाश मानसरोवर समेत पवित्र नदियों के जल से हुआ भोरमदेव शिवलिंग का अभिषेक

    कवर्धा। श्रावण मास के पावन अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिला जब भोरमदेव स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कैलाश मानसरोवर, कटासराज (पाकिस्तान), अमरकंटक, चित्रकूट, हरिद्वार, मंदाकिनी, नर्मदा, गंगाजल तथा गौरीकुंड पार्वती सरोवर से लाए गए पवित्र जल से किया गया।

    इस भव्य आयोजन का नेतृत्व ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष एवं पंच कैलाशी पीठ के प्रमुख पंडित राजेश शुक्ला ने किया। उन्होंने बताया कि यह अभिषेक परंपरागत रूप से प्रत्येक श्रावण में आयोजित होता है और यह स्थान न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि सम्पूर्ण भारत के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।

    श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान शिव के प्राचीन शिवलिंग पर जल अर्पित किया। पंडित शुक्ला ने बताया कि यह मंदिर नागवंशी राजाओं द्वारा स्थापित किया गया था और सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां हजारों भक्त पूजा-अर्चना करते हैं।

    इस मौके पर पंडित आशिष पाठक, संतोष दुबे, दुर्गेश पांडे, दीपक पांडे, मनोज, धर्मेंद्र सिंह, शशांक शर्मा, भुनेश्वर निमोलकर, अर्जुन चंद्रवंशी, छविंद्र चंद्राकर, भरत सिंह राजपूत, विष्णु केसरी, राजेश श्रीवास्तव, पंकज द्विवेदी, ओपी चंद्राकर, पवन शर्मा, दिनेश पांडे, ओम प्रकाश शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु जलाभिषेक में श्रद्धापूर्वक शामिल हुए।

  • आकांक्षा हाट मेले में अव्यवस्था देख भड़कीं पंडरिया विधायक भावना बोहरा, कार्यक्रम स्थल पर माइक से लगाई अधिकारियों को फटकार

    आकांक्षा हाट मेले में अव्यवस्था देख भड़कीं पंडरिया विधायक भावना बोहरा, कार्यक्रम स्थल पर माइक से लगाई अधिकारियों को फटकार

    कवर्धा। कवर्धा के पीजी कॉलेज ग्राउंड स्थित इनडोर स्टेडियम में चल रहे तीन दिवसीय आकांक्षा हाट मेले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने वहां की अव्यवस्थाएं देखकर सीधे माइक से अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

    विधायक जैसे ही मेले में पहुंचीं, उन्होंने देखा कि वहां न स्वागत की कोई व्यवस्था है, न कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद। भीड़ के बीच अव्यवस्था और लापरवाही का आलम था। यह सब देखकर विधायक का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने माइक अपने हाथ में लेते हुए जमकर खरी-खरी सुनाई।

    विधायक भावना बोहरा ने साफ तौर पर कहा कि जो भी प्रभारी अधिकारी हैं, वे तुरंत यहां आकर देखें। लगातार अव्यवस्था बनी हुई है। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की बहुत अच्छी योजना के तहत आयोजित किया गया है, लेकिन यहां की व्यवस्था बेहद खराब है। मैं बार-बार कह रही हूं – जिम्मेदार अधिकारी आएं और व्यवस्था सुधारें।

    विधायक की आवाज़ में नाराजगी साफ झलक रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी लापरवाही से जनता को असुविधा होती है और कार्यक्रम का उद्देश्य कमजोर पड़ता है।

    आकांक्षा हाट मेला दरअसल राज्य सरकार के संपूर्णता अभियान के तहत आकांक्षी विकासखंडों में आयोजित किया जा रहा है। इसका मकसद महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन, स्थानीय उत्पादों को बाजार और विभागीय योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना है। लेकिन कार्यक्रम के पहले ही दिन की अव्यवस्था और गैर-तैयारी ने पूरे आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए।

    विधायक की सख्त नाराजगी के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी शुरू की, लेकिन तब तक अव्यवस्था की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर की भव्य कांवड़ यात्रा में हुए शामिल, रूद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर की भव्य कांवड़ यात्रा में हुए शामिल, रूद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर की भव्य कांवड़ यात्रा में हुए शामिल, रूद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गिरफ्तारी से बचने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, सोमवार को होगी सुनवाई, भाजपा ने कहा – अगर निर्दोष हैं तो डर किस बात का?

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गिरफ्तारी से बचने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, सोमवार को होगी सुनवाई, भाजपा ने कहा – अगर निर्दोष हैं तो डर किस बात का?

    रायपुर | छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शराब, कोयला और महादेव सट्टा एप घोटालों में संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। याचिका में बघेल ने आग्रह किया है कि उन्हें किसी भी प्रकार की पुलिस या एजेंसी की गिरफ्तारी से संरक्षण दिया जाए और उन्हें जांच में सहयोग का अवसर प्रदान किया जाए। इस याचिका पर सुनवाई सोमवार, 4 अगस्त को होनी है।

    याचिका में भूपेश बघेल ने यह भी उल्लेख किया है कि जिस तरह उनके पुत्र चैतन्य बघेल को राजनीतिक द्वेष के तहत गिरफ्तार किया गया, वैसी ही आशंका उनके साथ भी जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि इन मामलों में उन्हें बिना किसी ठोस प्रमाण के निशाना बनाया जा रहा है।

    भारतीय जनता पार्टी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री की मंशा पर सवाल उठाए हैं। राज्य के कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने तीखा तंज कसते हुए कहा, अगर भूपेश बघेल निर्दोष हैं तो अग्रिम जमानत की जरूरत क्यों पड़ी? यह वही कहावत है — चोर की दाढ़ी में तिनका। नेताम ने कहा कि जांच एजेंसियां पूरी तरह निष्पक्ष रूप से कार्य कर रही हैं और कानून से ऊपर कोई नहीं है।

    बड़ी पड़ताल: किन मामलों में आया नाम?

    • शराब घोटाला:
      राज्य की पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप है कि शराब की आपूर्ति और वितरण नीति में व्यापक अनियमितताएं हुईं। इसमें ठेकेदारों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं।
    • कोयला घोटाला :
      राज्य में खनन पट्टों के आवंटन और संचालन में कथित घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग ने पूछताछ तेज कर दी है। आरोप है कि कुछ कंपनियों को नियमों के विरुद्ध लाभ पहुंचाया गया।
    • महादेव सट्टा ऐप मामला:
      देशभर में छाया यह डिजिटल सट्टा एप छत्तीसगढ़ से संचालित बताया गया। इस एप के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेन-देन और हवाला कारोबार का खुलासा हुआ है। इस मामले में देश के कई हिस्सों में गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ से जुड़े नाम भी सामने आए हैं।

    भूपेश बघेल द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल किए जाने पर कांग्रेस ने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार विपक्ष को दबाने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

    वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “कानून के अनुसार कार्रवाई” बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि किसी के खिलाफ अगर साक्ष्य हैं, तो कानून अपना काम करेगा, चाहे वह कितना भी बड़ा नाम क्यों न हो।

    पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करना राज्य की राजनीति में हलचल का संकेत है। यह देखना अब अहम होगा कि सुप्रीम कोर्ट सोमवार को इस याचिका पर क्या निर्णय देता है। अगर याचिका खारिज होती है, तो गिरफ्तारी की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं, वहीं याचिका स्वीकार होने पर बघेल को अस्थायी राहत मिल सकती है।

  • BJP प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर मंथन अंतिम चरण में, तीन नए महामंत्री बनेंगे; महामंत्री पद के लिए नवीन मार्कंडेय और अखिलेश सोनी के नाम लगभग फाइनल

    BJP प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर मंथन अंतिम चरण में, तीन नए महामंत्री बनेंगे; महामंत्री पद के लिए नवीन मार्कंडेय और अखिलेश सोनी के नाम लगभग फाइनल

    रायपुर। छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर दिल्ली में संगठन के शीर्ष नेताओं के साथ गंभीर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में स्पष्ट कर दिया गया है कि इस बार प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय के साथ केवल तीन महामंत्रियों को जगह दी जाएगी। इससे पहले की कार्यकारिणी में चार महामंत्री थे।

    सूत्रों के मुताबिक, तीन में से दो नाम लगभग तय माने जा रहे हैं। अनुसूचित जाति वर्ग (SC) से पूर्व विधायक नवीन मार्कंडेय और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से अखिलेश सोनी के नामों पर लगभग सहमति बन गई है। तीसरे महामंत्री को लेकर विचार-विमर्श जारी है। सामान्य वर्ग से दो नामों एक दुर्ग और एक बिलासपुर के नेता की चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन चूंकि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव पहले से ही सामान्य वर्ग से हैं, ऐसे में संगठन में सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए इस वर्ग से महामंत्री न रखने का विचार बन रहा है। ऐसे में संभावना है कि तीसरा महामंत्री आदिवासी (ST) वर्ग से होगा।

    दिल्ली में हुई बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेशाध्यक्ष किरण देव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय शामिल थे। बैठक रात देर तक चली और संगठन के ढांचे पर विस्तृत चर्चा हुई।

    इस बार संगठन में पुराने चेहरों को नई जिम्मेदारियाँ दी जा रही हैं। वर्तमान महामंत्रियों में से जगदीश रामू रोहरा धमतरी के महापौर बन चुके हैं और संजय श्रीवास्तव को नान (नागरिक आपूर्ति निगम) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अन्य दो महामंत्री रामजी भारती और भरत वर्मा को उपाध्यक्ष बनाए जाने की संभावना है। इससे साफ है कि तीन नए चेहरों को महामंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी।

    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण देव को कार्यभार संभाले सात महीने से अधिक हो चुके हैं, लेकिन मंडल और जिलों की कार्यकारिणियों के चलते अब तक प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका था। अब जब जिले स्तर पर नियुक्तियाँ पूरी हो गई हैं, तो प्रदेश स्तर पर नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज़ हो गई है।