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  • कबीरधाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पंडरिया थाना क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ और स्थायी वारंटियों पर सख्त शिकंजा

    कबीरधाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पंडरिया थाना क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ और स्थायी वारंटियों पर सख्त शिकंजा

    कवर्धा। जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना पंडरिया पुलिस ने विगत 15 दिनों में अवैध शराब, जुआ तथा फरार आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

    पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र बघेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पंडरिया श्री भूपत के पर्यवेक्षण में यह अभियान संचालित किया गया।

    अवैध शराब के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान के तहत थाना पंडरिया पुलिस ने आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कुल 08 प्रकरण दर्ज किए। इन मामलों में 08 आरोपियों से कुल 26 लीटर 820 मिलीलीटर अवैध शराब जप्त की गई। साथ ही शराब के परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को भी जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की गई।

    जुआ एवं सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए की गई कार्रवाई में जुआ एक्ट के अंतर्गत 02 अलग-अलग प्रकरणों में कुल 07 जुआरियों से 15,420 रुपये नगद जप्त किए गए।
    इसके अतिरिक्त न्यायालयीन आदेशों के पालन एवं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए गए विशेष अभियान के तहत थाना पंडरिया पुलिस ने कुल 11 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया।

    कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, जुआ, सट्टा एवं फरार आरोपियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त, सतत और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे और आम नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हो सके।

  • कबीरधाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पंडरिया थाना क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ और स्थायी वारंटियों पर सख्त शिकंजा

    कबीरधाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पंडरिया थाना क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ और स्थायी वारंटियों पर सख्त शिकंजा


    कवर्धा। जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना पंडरिया पुलिस ने विगत 15 दिनों में अवैध शराब, जुआ तथा फरार आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।


    पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र बघेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पंडरिया श्री भूपत के पर्यवेक्षण में यह अभियान संचालित किया गया।


    अवैध शराब के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान के तहत थाना पंडरिया पुलिस ने आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कुल 08 प्रकरण दर्ज किए। इन मामलों में 08 आरोपियों से कुल 26 लीटर 820 मिलीलीटर अवैध शराब जप्त की गई। साथ ही शराब के परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को भी जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की गई।


    जुआ एवं सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए की गई कार्रवाई में जुआ एक्ट के अंतर्गत 02 अलग-अलग प्रकरणों में कुल 07 जुआरियों से 15,420 रुपये नगद जप्त किए गए।
    इसके अतिरिक्त न्यायालयीन आदेशों के पालन एवं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए गए विशेष अभियान के तहत थाना पंडरिया पुलिस ने कुल 11 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया।


    कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, जुआ, सट्टा एवं फरार आरोपियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त, सतत और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे और आम नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हो सके।

  • सरगुजा ओलंपिक के लिए उत्साह चरम पर: मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगो व शुभंकर ‘गजरु’ का किया अनावरण, 3.5 लाख खिलाड़ियों का पंजीयन

    सरगुजा ओलंपिक के लिए उत्साह चरम पर: मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगो व शुभंकर ‘गजरु’ का किया अनावरण, 3.5 लाख खिलाड़ियों का पंजीयन

    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में बस्तर ओलम्पिक की तर्ज पर आयोजित होने वाले सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर “गजरु” का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने सरगुजा अंचल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब बस्तर की भांति सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त मंच मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने 12 खेल विधाओं में लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों के पंजीयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संख्या सरगुजा अंचल के युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक में जनभागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान दिलाई है और अब वही उत्साह सरगुजा ओलंपिक को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। पंजीयन से यह स्पष्ट है कि सरगुजा पूरे मनोयोग और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेते हुए सफल आयोजन की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।

    उपमुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सरगुजा ओलंपिक के शुभंकर और लोगो के अनावरण कार्यक्रम में कहा कि इस आयोजन से सरगुजा के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाने का अच्छा मंच मिलेगा। इसके विजेता खिलाड़ियों को राज्य की प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें यूथ आइकॉन घोषित कर युवाओं व बच्चों को खेलों से जुड़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि सरगुजा ओलंपिक 2026 का लोगो इस अंचल की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना का जीवंत प्रतीक है। लोगो के केंद्र में मैनपाट स्थित प्रसिद्ध टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो हरियाली, ऊर्जा और निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। मध्य भाग में अंकित “सरगुजा ओलंपिक 2026” आयोजन की स्पष्ट पहचान के साथ स्थानीय गौरव और अस्मिता को अभिव्यक्त करता है

    चारों ओर 12 खेलों के प्रतीक चिन्ह समावेशिता और समान अवसर का संदेश देते हैं। रंगों का संयोजन आयोजन की जीवंतता, उत्साह और एकता को प्रकट करता है। लाल रंग का विशेष सांस्कृतिक महत्व पहाड़ी कोरवा जनजाति की परंपराओं से भी जुड़ा है, जहाँ यह शक्ति, साहस और जीवन-ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह रंग सकारात्मकता और संरक्षण का भाव लिए हुए दैवीय शक्ति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाता है।


    इसी प्रकार सरगुजा ओलम्पिक 2026 का शुभंकर गजरु को रखा गया है, जो सरगुजा अंचल की प्राकृतिक व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। आदिवासी समाज में हाथी को बल, धैर्य, बुद्धिमत्ता और एकता का प्रतीक माना जाता है। इसकी विशेषताएँ—शक्ति, अनुशासन, संतुलन और निरंतर प्रयास—खेल भावना से जुड़ी हैं तथा झुंड में चलने की प्रवृत्ति टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता का संदेश देती है।

    विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित होगी खेल प्रतिभाएं

    सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया है, जिसमें 06 जिलों से लगभग 03 लाख 50 हजार लोगों ने पंजीयन कराया है। इसमें 1 लाख 59 हजार पुरुष और 01 लाख 89 हजार महिलाओं ने आयोजन में अपना पंजीयन कराया है। कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी समेत 12 विधाओं में विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी।

    समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, सचिव खेल श्री यशवंत कुमार, संचालक खेल श्रीमती तनुजा सलाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

  • कवर्धा जिला अस्पताल में युवती की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने डायलिसिस के बाद ऑक्सीजन नहीं देने का लगाया आरोप

    कवर्धा जिला अस्पताल में युवती की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने डायलिसिस के बाद ऑक्सीजन नहीं देने का लगाया आरोप

    कवर्धा। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान एक युवती की मौत हो जाने से गुरुवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतका की पहचान युक्ति के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि डायलिसिस प्रक्रिया के बाद युक्ति को समय पर ऑक्सीजन नहीं दी गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने जिला अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बार-बार अस्पताल स्टाफ से ऑक्सीजन देने की मांग की, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। कुछ समय बाद युवती की हालत गंभीर हो गई और उसने दम तोड़ दिया।

    हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पूरे मामले की आंतरिक जांच की जा रही है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

  • यूजीसी के नए कानून के विरोध में ब्राह्मण समाज का ज्ञापन, केंद्र सरकार से पुनर्विचार की मांग

    यूजीसी के नए कानून के विरोध में ब्राह्मण समाज का ज्ञापन, केंद्र सरकार से पुनर्विचार की मांग


    कवर्धा। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी के नए कानून के विरोध में कवर्धा जिला ब्राह्मण समाज खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को जिला ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एकजुट होकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
    ज्ञापन में ब्राह्मण समाज ने आरोप लगाया कि यूजीसी का नया कानून सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा करने के बजाय उनके अधिकारों को प्रभावित करने वाला है।

    समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह कानून शिक्षा और अवसरों के क्षेत्र में असंतुलन पैदा करेगा, जिसका नकारात्मक असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा।

    इस अवसर पर वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी वर्ग के विरोध में नहीं हैं, लेकिन सामान्य वर्ग के साथ हो रहे “अनदेखे अन्याय” को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस कानून पर गंभीरता से पुनर्विचार करने और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

    ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के सदस्यों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

  • राष्ट्रपति के अभिभाषण में बस्तर का उल्लेख गौरव का विषय, नक्सलवाद के खात्मे पर सांसद संतोष पाण्डेय ने जताया आभार

    राष्ट्रपति के अभिभाषण में बस्तर का उल्लेख गौरव का विषय, नक्सलवाद के खात्मे पर सांसद संतोष पाण्डेय ने जताया आभार

    रायपुर। संसद सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अपने अभिभाषण में बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे और वहाँ लौट रही शांति, सुरक्षा व विकास की चर्चा किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता संतोष पाण्डेय ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति का आभार प्रकट करते हुए इसे प्रदेश और देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

    सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रपति का बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता और जमीनी बदलावों को देश के सामने रखना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की नीतियों से अंतिम छोर तक विकास पहुँच रहा है। उन्होंने कहा कि माओवादियों के बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण से क्षेत्र में लाखों लोगों के जीवन में सुरक्षा और खुशहाली लौटी है, जिसे राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में रेखांकित किया।

    श्री पाण्डेय ने राष्ट्रपति द्वारा साझा किए गए उस भावनात्मक अनुभव का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने 26 वर्षों बाद बीजापुर के एक दूरदराज गांव की यात्रा के दौरान लोगों की खुशी और विश्वास को महसूस किया। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन इस बात का संकेत है कि बस्तर अब भय के माहौल से बाहर निकलकर विकास और विश्वास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।


    सांसद पाण्डेय ने ‘बस्तर ओलंपिक’ की राष्ट्रपति द्वारा की गई सराहना को भी ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आज बस्तर के युवा हथियारों के बजाय खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे हैं, वे अब समाज सेवा में योगदान दे रहे हैं।


    अंत में श्री पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रपति का यह विश्वास कि देश से आतंकवाद का पूरी तरह अंत होगा, सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के समर्पण को दर्शाता है। यह अभिभाषण बस्तर सहित पूरे देश के लिए आशा और विश्वास का संदेश है।

  • मुख्यमंत्री साय ने 255 करोड़ के पुलिस विकास कार्यों का किया वर्चुअल लोकार्पण, 08 नए साइबर थानों सहित पुलिस आवास व नवीन थाना भवनों की दी सौगात

    मुख्यमंत्री साय ने 255 करोड़ के पुलिस विकास कार्यों का किया वर्चुअल लोकार्पण, 08 नए साइबर थानों सहित पुलिस आवास व नवीन थाना भवनों की दी सौगात

    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। श्री साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

    उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री श्री शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

    इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, एडीजी श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक श्री भईया लाल रजवाड़े, श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।

    उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।

  • एसीबी की बड़ी कार्रवाई: 50 हजार की रिश्वत लेते विद्युत विभाग का सहायक अभियंता रंगेहाथ गिरफ्तार

    एसीबी की बड़ी कार्रवाई: 50 हजार की रिश्वत लेते विद्युत विभाग का सहायक अभियंता रंगेहाथ गिरफ्तार

    बिलासपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोरबा जिले के दीपका में सीएसपीडीसीएल (विद्युत विभाग) के एक सहायक अभियंता को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सहायक अभियंता पर किसान से खेत में ट्रांसफार्मर लगाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।

    डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि ग्राम रलिया, जिला कोरबा निवासी श्यामता टंडन ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम दर्री, जिला कोरबा में उसके मित्र के पिता के नाम पर कृषि भूमि है, जहां विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित कराने के लिए उन्होंने श्यामता टंडन को विद्युत विभाग दीपका के अधिकारियों से संपर्क करने को कहा था।

    आरोप है कि सहायक अभियंता ने ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत की सत्यता जांचने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

  • पदोन्नति में भेदभाव का लगाया आरोप, IPS अधिकारी ने मुख्यमंत्री से की शिकायत

    पदोन्नति में भेदभाव का लगाया आरोप, IPS अधिकारी ने मुख्यमंत्री से की शिकायत

    कवर्धा। छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में पदोन्नति को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) 2012 बैच के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवई ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को पत्र लिखकर अपने साथ हुए कथित अन्याय, भेदभाव और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है।


    मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में IPS अधिकारी धर्मेंद्र सिंह छवई ने उल्लेख किया है कि निर्धारित नियमों और पात्रता के बावजूद उन्हें जानबूझकर पदोन्नति से वंचित रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पदोन्नति प्रक्रिया में उनके साथ भेदभाव किया गया, जबकि समान बैच और समकक्ष अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ प्रदान किया गया है।


    पत्र में अधिकारी ने इसे न केवल प्रशासनिक अन्याय बताया, बल्कि संविधान में प्रदत्त समानता और निष्पक्षता के अधिकारों का उल्लंघन भी करार दिया है। उनका कहना है कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली से न सिर्फ उनका मनोबल प्रभावित हुआ है, बल्कि पुलिस विभाग की पारदर्शिता और निष्पक्ष छवि पर भी सवाल खड़े होते हैं।


    मामले के उजागर होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री कार्यालय पर टिकी हैं कि इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाए जाते हैं और पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।

  • ब्रेकिंग न्यूज़: बारामती में बड़ा विमान हादसा: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित 5 लोगों की मौत…

    ब्रेकिंग न्यूज़: बारामती में बड़ा विमान हादसा: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित 5 लोगों की मौत…

    Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती के पास उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को ले जा रहा एक विमान हादसे का शिकार हो गया हैं. इस हादसे मेंडिप्टी सीएम अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई है. महाराष्ट्र के बारामती में  बुधवार सुबह लैंड के वक्त ये प्लेन के क्रैश की घटना हुई है.जब चुनाव प्रचार के लिए अजित पवार बारामती जा रहे थे. जानकारी के मुताबिक प्राइवेट चार्टर्ड विमान घटना के बाद पूरी तरह से जल गया है.

    क्रैश की घटना:

    सुबह सवेरे बारामती के पास लैंडिंग के दौरान एक प्राइवेट चार्टर्ड विमान क्रैश हो गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था जब यह नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे विमान भारी नुकसान और आग लग गई। दुर्घटना के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन विमान पहले ही पूरी तरह जल चुका था।

    मृतकों की संख्या:

    प्रारंभिक आधिकारिक रिपोर्टों में कहा गया है कि अजित पवार सहित कुल लगभग 5 लोगों की मौत हुई है। राज्य के वरिष्ठ नेताओं तथा आम जनता में शोक की लहर है। ये हादसा 28 जनवरी 2026 की सुबह हुई है, विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अभी तक कारण स्पष्ट नहीं है कि यह तकनीकी खराबी, लैंडिंग में त्रुटि या अन्य वजह से हुआ। जांच जारी है।


    अजित पवार, राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर थे। उन्होंने वर्षों तक राज्य के वित्त और प्रशासनिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और वे राज्य के सबसे प्रभावशाली राजनेताओं में से एक थे।

    क्यों बारामती जा रहे थे अजित पवार:

    बतादें कि जिला परिषद के चुनाव प्रचार के लिए अजति पवार बारामती जा रहे थे. लेकिन ताऊपट्टी पहुंचने से पहले ही उनका प्लेन क्रैश हो गया हैं, जानकारी के मुताबिक 5 फरवरी कोपुणे में जिला परिषद चुनाव होने वाले हैं और इन चुनावों के सिलसिले में अजित पवार बारामती में मीटिंग्स प्लान की थीं. और ये हादसा उस मीटिंग्स से पहले हुआ हैं. बतादें कि इस घटना में अजित पवार का निधन हो गया है.इस प्लेन क्रैश से करीब आधे घंटे पहले डिप्टी सीएम अजित पवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. इस पोस्ट में उन्होंने लाला लाजपत राय को याद किया था.