कबीरधाम में रेंज के पहले साइबर थाने का शुभारंभ: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने डिजिटल अपराधों पर कसे शिकंजे

कवर्धा। डिजिटल अपराधों के विरुद्ध सख्त और प्रभावी कार्रवाई को सुनिश्चित करने की दिशा में कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात मिली है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज राजनांदगांव रेंज एवं कबीरधाम जिले के पहले साइबर थाने का शुभारंभ किया। यह साइबर थाना कवर्धा के पुराने पुलिस लाइन परिसर में स्थापित किया गया है, जिसे जिले की कानून-व्यवस्था और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वर्तमान युग डिजिटल तकनीक का है, जहां शासन से लेकर आम नागरिक तक ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भर हैं। डिजिटल सुविधाओं के साथ साइबर अपराधों की चुनौतियां भी तेजी से बढ़ी हैं, जिससे महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और युवा वर्ग विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में साइबर थाने की स्थापना आम नागरिकों को त्वरित न्याय, सुरक्षा और भरोसा प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों में समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। प्रारंभिक घंटों में की गई प्रभावी कार्रवाई से ठगी की राशि को रोका जा सकता है और अपराधियों तक शीघ्र पहुंच संभव होती है। साइबर थाना के माध्यम से शिकायतों का त्वरित पंजीकरण, ऑनलाइन फ्रॉड की राशि को समय रहते होल्ड करना, डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन तथा अपराधियों पर तेज कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह थाना न केवल अपराध नियंत्रण का केंद्र बनेगा, बल्कि नागरिकों में डिजिटल जागरूकता और विश्वास को भी सुदृढ़ करेगा।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने जानकारी दी कि साइबर थाने में एक निरीक्षक प्रभारी सहित कुल 30 प्रशिक्षित अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है। थाने के प्रभावी पर्यवेक्षण हेतु उप पुलिस अधीक्षक स्तर के राजपत्रित अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे साइबर अपराधों की विवेचना उच्च गुणवत्ता और पेशेवर ढंग से की जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कबीरधाम पुलिस ने सीमित संसाधनों के बावजूद साइबर तकनीक के माध्यम से 112 ऑनलाइन ठगी मामलों में लगभग 50 लाख रुपये पीड़ितों को वापस कराए हैं। साथ ही, सीईआईआर पोर्टल की सहायता से 872 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए गए हैं, जो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रमाण है।
उन्होंने यह भी बताया कि गंभीर अपराधों की विवेचना में कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग कर आरोपियों तक शीघ्र पहुंच बनाई जा रही है। महिलाओं और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में विशेष संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल, डीएसपी श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर, डीएसपी श्री आशीष शुक्ला, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




