कबीरधाम में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन, 31,877 प्रकरणों का निराकरण कर 39.16 करोड़ रुपये से अधिक के वाद सुलझे

कवर्धा । छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 13 दिसंबर 2025 को जिले सहित प्रदेशभर में तालुका न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला कबीरधाम में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम द्वारा किया गया।
नेशनल लोक अदालत के सफल संचालन हेतु जिले में कुल 12 खण्डपीठों का गठन किया गया, जिनमें 11 खण्डपीठ जिला मुख्यालय कबीरधाम एवं 01 खण्डपीठ व्यवहार न्यायालय पण्डरिया में गठित की गई थी। लोक अदालत में राजीनामा योग्य दाण्डिक प्रकरण, चेक बाउंस प्रकरण, सिविल वाद, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, प्री-लिटिगेशन प्रकरण जैसे बिजली बिल, दूरभाष, बैंक ऋण, जलकर आदि से संबंधित मामलों का निराकरण किया गया।
लोक अदालत में कुल 31,877 लंबित प्रकरणों का निराकरण करते हुए 39,16,94,541 रुपये से संबंधित वादों का आपसी सहमति के आधार पर समाधान किया गया।
खण्डपीठ क्रमांक-01 में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में 38.50 लाख रुपये एवं सिविल वादों में 8.24 लाख रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। परिवार न्यायालय में 29 वैवाहिक प्रकरणों का निराकरण कर टूटते संबंधों में पुनः मधुरता स्थापित की गई। राजस्व न्यायालय द्वारा 25,187 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 32.71 करोड़ रुपये से अधिक के मामलों का समाधान किया गया। वहीं नगर पालिका द्वारा जलकर एवं दुकान किराया से संबंधित 174 प्रकरणों में 3.74 लाख रुपये की वसूली की गई।
लोक अदालत में कई मानवीय और प्रेरणादायी प्रकरण सामने आए, जहां वर्षों से चले आ रहे विवादों का शांतिपूर्ण समाधान हुआ। तीन वर्ष पुरानी पड़ोसी दुश्मनी समझौते के आधार पर समाप्त हुई, वहीं वैवाहिक विवादों में समझौते से बिखरे परिवार पुनः एक हुए। 25 वर्षों से लंबित वृद्ध दंपत्ति के भरण-पोषण विवाद का भी सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया।
नेशनल लोक अदालत को यादगार बनाने के लिए जिला न्यायालय परिसर में सेल्फी प्वाइंट एवं स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था की गई, जिसका पक्षकारों ने भरपूर लाभ उठाया।
लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायालयीन कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, पैरालीगल वालंटियर्स, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर पालिका, बैंकों एवं अन्य विभागों का सराहनीय सहयोग रहा।




