
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज शाम सुकमा स्थित पुनर्वास केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं के साथ जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई और आत्मीय संवाद किया। उपमुख्यमंत्री की सहजता और सरल व्यवहार ने युवाओं को सहज महसूस कराया, जिससे सभी ने अपनी समस्याएँ और सुझाव खुलकर उनके समक्ष रखे।
श्री शर्मा ने युवाओं से प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी लेते हुए केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने भोजन, आवास और अन्य आवश्यकताओं पर अधिकारियों को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने युवाओं की शिक्षा, खेती-किसानी तथा परिवारजनों से मुलाकात की व्यवस्था के विषय में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई परिवारजन बाजार के दिनों में या अन्य समय पर मिलना चाहें तो उसकी उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा यदि किसी युवा के परिजन जेल में हैं तो उनसे मिलने की प्रक्रिया भी प्रशासन द्वारा सुगम कराई जाए।
युवाओं द्वारा मूलभूत दस्तावेजों की कमी का मुद्दा उठाए जाने पर उपमुख्यमंत्री ने तत्काल जिला प्रशासन को दस्तावेज़ निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं अधिकारियों के साथ बैठकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड आदि के लिए आवेदन प्रक्रिया की निगरानी की और जहां भी समस्या आई, उसका तत्काल समाधान कराया।
उन्होंने पुनर्वासित युवाओं को विधानसभा सत्र के दौरान रायपुर भ्रमण कराने, उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से अवगत कराने तथा केंद्र में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
सुकमा के पुनर्वास केंद्र में युवाओं को राजमिस्त्री, कृषि उद्यमिता और सिलाई जैसे कौशल आधारित प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, साथ ही पुनर्वास नीति के तहत उन्हें दीर्घकालिक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, एसपी श्री किरण चव्हाण, अपर कलेक्टर गजेंद्र सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




