कवर्धा शिक्षा विभाग में 218 करोड़ रुपये का हिसाब गायब, ऑडिट में बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर

कवर्धा। जिले के शिक्षा विभाग में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। विभागीय ऑडिट एवं आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2025 के बीच विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कवर्धा द्वारा जिला कोषालय से 218 करोड़ 4 लाख 87 हजार 344 रुपये की राशि आहरित की गई, लेकिन इस पूरी रकम के खर्च से संबंधित कोई ठोस और प्रमाणिक लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है।
ऑडिट के दौरान यह गंभीर तथ्य सामने आया कि संबंधित अवधि की कैश बुक, बिल रजिस्टर, भुगतान वाउचर, बीटीआर एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र कार्यालय में प्रस्तुत ही नहीं किए गए। आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आहरित राशि किन मदों में और किस उद्देश्य से खर्च की गई। ऑडिट टीम को मजबूरी में केवल ई-कोष पोर्टल के आधार पर ही वित्तीय विवरण तैयार करना पड़ा।
आंकड़ों के अनुसार,
अक्टूबर 2022 से मार्च 2023 के बीच ₹27 करोड़ 76 लाख 1 हजार 786
अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक ₹67 करोड़ 29 लाख 22 हजार 645
अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के दौरान ₹73 करोड़ 37 लाख 41 हजार 69
तथा अप्रैल 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच ₹49 करोड़ 62 लाख 1 हजार 844
रुपये जिला कोषालय से आहरित किए गए।
पूरे मामले में तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ऑडिट रिपोर्ट सामने आने के बावजूद अब तक न तो किसी अधिकारी को निलंबित किया गया है और न ही किसी प्रकार की आपराधिक जांच प्रारंभ की गई है। इसके बजाय संबंधित अधिकारियों को केवल रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस संबंध में शिक्षा विभाग का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जवाब प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय स्तर पर इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच, ईओडब्ल्यू जांच, फॉरेंसिक ऑडिट और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज़ होती जा रही है।




