भोरमदेव क्षेत्र में जंगली सुअर का अवैध शिकार, 3–4 दिन बाद भी वन विभाग बेखबर

कवर्धा। विश्व प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर से महज एक किलोमीटर की दूरी पर जंगली सुअर के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। यह घटना भोरमदेव से बंजारी जाने वाले मार्ग पर करीब 3 से 4 दिन पहले की बताई जा रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस दौरान वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।
घटनास्थल से प्राप्त फोटो और वीडियो में जंगली सुअर के बाल, साथ ही पेड़ों पर गुथे हुए तार साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि शिकारियों ने पूरी योजना और तैयारी के साथ इस वारदात को अंजाम दिया। तार फंदे का उपयोग कर शिकार किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले भोरमदेव क्षेत्र में इस तरह की घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद विभाग को जानकारी न मिलना लापरवाही को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी होती, तो इस अवैध शिकार को रोका जा सकता था। अब देखना होगा कि वन विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और शिकारियों तक पहुंच पाता है या नहीं।




