कवर्धा में राज्योत्सव की धूम, लेकिन भाजपा जिला अध्यक्ष का नामोनिशान तक नहीं — गैरमौजूदगी पर उठे सवाल, क्या प्रशासन की तैयारी अधूरी?

कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कवर्धा जिले में 2 से 4 नवंबर 2025 तक तीन दिवसीय भव्य राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आचार्य पंथ गृथमुनि नाम साहेब शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैदान में होने वाले इस आयोजन को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारियों के बड़े दावे किए हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लोकनृत्य, और प्रसिद्ध कलाकारों के आगमन से आयोजन को खास बनाने की योजना है।
लेकिन इन तमाम तैयारियों के बीच एक सवाल अब चर्चा का विषय बन गया है — आखिर कवर्धा जिले के भाजपा जिला अध्यक्ष का नामोनिशान क्यों नहीं दिखा? न तो मंच पर उपस्थिति और न ही आयोजन की तैयारियों में उनकी कोई भूमिका नज़र आई। राजनीतिक हलकों में यह विषय जोर पकड़ रहा है कि क्या जिले के इतने महत्वपूर्ण आयोजन में प्रमुख जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति प्रशासन की तैयारी पर सवाल नहीं उठाती?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राज्योत्सव केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जिले की संस्कृति, जनभागीदारी और एकता का प्रतीक होता है। ऐसे में प्रमुख राजनीतिक चेहरों की गैरमौजूदगी और प्रशासन की एकतरफा भूमिका लोगों के बीच असंतोष का कारण बन रही है।
अब देखना यह होगा कि राज्योत्सव के शेष दो दिनों में यह राजनीतिक दूरी कम होती है या नहीं, और क्या प्रशासन इस भव्य उत्सव को सच में जनभागीदारी का पर्व बना पाएगा, या यह आयोजन भी सिर्फ औपचारिकता तक सीमित रह जाएगा।




