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May 28, 2026 1:32 am

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आला रे आला गोविंदा आला” की गूंज के बीच कवर्धा में शुरू हुआ दही हांड़ी उत्सव, गांधी मैदान व भारत माता चौक में होगा भव्य आयोजन

आला रे आला गोविंदा आला” की गूंज के बीच कवर्धा में शुरू हुआ दही हांड़ी उत्सव, गांधी मैदान व भारत माता चौक में होगा भव्य आयोजन
आला रे आला गोविंदा आला” की गूंज से गूंजा कवर्धा।
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Ankita Sharma

कवर्धा। कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रविवार को कवर्धा शहर दही हांड़ी उत्सव की रौनक में डूब गया। सर्व यादव समाज द्वारा आयोजित इस पारंपरिक उत्सव की शुरुआत सुबह 8 बजे हवन और पूजन से हुई। सामाजिक अतिथियों की मौजूदगी में श्री राधाकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद “दही लूट” का शुभारंभ हुआ।

ग्वालों की टोली निकली, 31 गोपियां बनीं आकर्षण

खेडापति हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद ग्वालों की टोली शहरभर में निकली। डीजे, धुमाल और बैंड की धुन पर गोविंदा नाचते-गाते आगे बढ़े। रैली में 31 गोपियां सिर पर दही की मटकियां सजाकर शामिल हुईं, जो आकर्षण का केंद्र रहीं। टोली के पहुंचते ही गलियों में जयकारे गूंज उठे और लोग दर्शन व सहभागिता के लिए उमड़ पड़े।

जगह-जगह मटकियों के फूटने का रोमांच

उत्सव की शुरुआत राधाकृष्ण मंदिर के पास मटकी फोड़ने से हुई। इसके बाद करपात्री चौक, शीतला मंदिर और ठाकुर पारा में भी दही हांड़ी का उल्लास चरम पर पहुंचा। हर मटकी फूटते ही दही-माखन की बौछार और हर्षोल्लास का नजारा देखने लायक रहा। हालांकि अभी शहर के कई प्रमुख स्थानों मेन मार्केट, दर्री पारा आदि सहित नगर में मटकियां फोड़ने का कार्यक्रम बाकी है। गोविंदाओं की टोली वहां पहुंचने को तैयार है और लोग अगले नजारे के इंतजार में हैं।

शाम को होगा भव्य आयोजन

शहरवासियों की निगाहें अब शाम को होने वाले विशेष आयोजन पर टिकी हैं। नगर के गांधी मैदान और भारत माता चौक में जंक्शन परिवार की ओर से दही हांड़ी का बड़ा कार्यक्रम रखा गया है। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे और ग्वालों का अभिनंदन करेंगे।

सुरक्षा और परंपरा दोनों का ख्याल

सर्व यादव समाज ने बताया कि परंपरा को जीवित रखने के साथ-साथ सुरक्षा पर भी पूरा ध्यान दिया गया है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी 20 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगी मटकियों को नहीं फोड़ा जाएगा। वहीं पुलिस और समाज के स्वयंसेवक पूरी चौकसी में जुटे हैं ताकि भीड़भाड़ के बीच किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

अभी महोत्सव जारी है और ग्वालों की टोली एक-एक कर शहर की गलियों में मटकियां फोड़ते हुए आगे बढ़ रही है। लोग बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं कि अगली मटकी कहां फूटेगी और शाम के भव्य आयोजन में कैसा नजारा होगा।

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