अंकिता शर्मा, कवर्धा। लगातार हो रही बारिश के बीच कवर्धा जिले के वनांचल क्षेत्र में गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। विकासखंड पंडरिया के ढोलढोली रपटे पर 20 से 25 यात्रियों से भरी एक एसएमएल माजदा तेज बहाव के बीच रपटे के मध्य फंस गई। वाहन में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी सवार थे, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण ढोलढोली रपटे पर पानी का बहाव काफी तेज था। इसी दौरान यात्रियों से भरी माजदा रपटे को पार करने का प्रयास कर रही थी, तभी वाहन बीच धार में फंस गया। वाहन रुकते ही यात्रियों में दहशत फैल गई और मदद के लिए आवाजें लगाई जाने लगीं।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तेज बहाव के बीच एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। काफी मशक्कत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। ग्रामीणों की तत्परता के चलते एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ढोलढोली रपटा छिंदीडीह, सारपानी, भाकुर, पीपरटोला, सेंदुरखार और देवान पटपर समेत दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। मानसून के दौरान रपटे पर पानी का बहाव बढ़ने से लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में यहां ऐसी स्थिति निर्मित होती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। क्षेत्रवासी लंबे समय से यहां ऊंचे पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुरक्षित हो सके।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से संवेदनशील रपटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने तथा ढोलढोली रपटे पर स्थायी पुल निर्माण के लिए शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।