कवर्धा। जिला कबीरधाम पुलिस ने वर्ष 2017 के एक 8 साल पुराने अंधे कत्ल के सनसनीखेज प्रकरण का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कबीरधाम श्री धर्मेन्द्र सिंह (भापुसे) के निर्देशन में की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र कुमार बघेल एवं श्री पंकज पटेल के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कवर्धा श्री भूपत सिंह के सतत पर्यवेक्षण में थाना कुकदूर पुलिस टीम द्वारा यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 17 मई 2017 को थाना कुकदूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमनिया निवासी 14 वर्षीय बालिका राजबाई गोड का शव कोलिहामाड़ा नाला के पास भेलवा पेड़ पर उसकी चुनरी से फांसी के फंदे में लटका हुआ मिला था। प्रारंभिक जांच में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें डॉक्टर द्वारा मृत्यु का कारण गला दबाने से दम घुटना बताया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि मामला आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 52/2017 धारा 302 एवं 201 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया, किंतु वर्षों तक यह प्रकरण अंधा कत्ल बना रहा।
वर्ष 2025 में कबीरधाम पुलिस द्वारा पुराने लंबित मामलों की पुनः समीक्षा के दौरान इस केस को प्राथमिकता में लिया गया। सघन विवेचना, मुखबिर तंत्र की सक्रियता एवं लगातार पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए। साक्षी लक्ष्मण टेकाम द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर न्यायालय में धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत बयान दर्ज कराया गया।
जांच के दौरान आरोपी रमला उर्फ राम धुर्वे एवं दयाल उर्फ दयालाल बैगा की भूमिका सामने आई। पूछताछ में यह तथ्य उजागर हुआ कि मृतिका की गला दबाकर हत्या की गई थी और हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पेड़ पर लटकाया गया। आरोपी दयाल उर्फ दयालाल बैगा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गौरतलब है कि कबीरधाम पुलिस ने विगत एक वर्ष में जिले के कुल 14 पुराने ब्लाइंड मर्डर मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है, जिनमें चर्चित डॉक्टर दंपत्ति हत्याकांड सहित अन्य गंभीर प्रकरण शामिल हैं।
इस कार्रवाई में थाना कुकदूर पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही। निरीक्षक संग्राम सिंह धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सतत फील्डवर्क एवं सटीक विवेचना के माध्यम से ठोस साक्ष्य संकलित किए।
कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अपराध चाहे कितने भी पुराने क्यों न हों, अपराधी कानून से बच नहीं सकते। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी कार्यवाहियां निरंतर जारी रहेंगी।