कवर्धा: ग्राम कापा में पीडीएस चावल में प्लास्टिक पन्नी में नमक-आटा मिलने का आरोप, जांच पर उठे सवाल

कवर्धा बोड़ला। जिले के विकासखंड बोड़ला अंतर्गत ग्राम कापा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित किए जा रहे चावल को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि बोड़ला स्थित गोदाम से आए चावल के बोरे के भीतर प्लास्टिक की झिल्ली में नमक और आटा जैसी सामग्री पाई गई, जिससे गांव में आक्रोश का माहौल बन गया।
ग्रामीणों के अनुसार, मामले की शिकायत किए जाने पर संबंधित विभाग द्वारा जांच के लिए पदस्थ क्वालिटी इंस्पेक्टर (QI) पुष्पराज कश्यप को मौके पर भेजा गया। आरोप है कि बिना किसी लिखित आदेश के पहुंचे अधिकारी ने एक बोरे में पन्नी मिलने को सामान्य बात बताते हुए ग्रामीणों से बहस की। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आक्रोश बढ़ने पर अधिकारी मौके से लौट गए।
जांच प्रक्रिया पर सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि गोदाम में चावल की आवक और वितरण से पहले गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी किसकी है? यदि संबंधित क्वालिटी इंस्पेक्टर या विभागीय कर्मचारियों का दायित्व बनता है, तो अब तक क्या कार्रवाई की गई है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि संबंधित अधिकारी को हटाने का मौखिक आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण शांत हुए थे, लेकिन बाद में उन्हें पुनः जिले में पदस्थ कर दिया गया। इस पर ग्रामीणों ने विभागीय पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों ने लेन-देन की आशंका भी जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विभाग की चुप्पी
मामले में अब तक खाद्य विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल ग्राम कापा में पीडीएस सामग्री की गुणवत्ता को लेकर असंतोष बना हुआ है और लोग उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।




