कवर्धा। जिले के बंशापुर गांव में सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय का घेराव कर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष चूल्हा-बर्तन लेकर कार्यालय पहुंचे और वहीं चूल्हा जलाकर चावल पकाते हुए सड़क निर्माण जल्द शुरू करने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
बताया जा रहा है कि प्राण खैरा से बंशापुर और धौराबंध तक करीब 3 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी लागत लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते पहले जारी टेंडर को निरस्त कर दिया गया, जिसके कारण अब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका। वहीं ठेकेदार की लापरवाही और धीमी कार्यप्रणाली के कारण भी एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी सड़क निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क के कारण उन्हें रोजाना आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने PWD कार्यालय पहुंचकर विभाग का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि कबीरधाम जिले के इतिहास में पहली बार किसी विभाग के कार्यालय का इस तरह घेराव कर प्रदर्शन किया गया है।
इधर PWD अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य शुरू नहीं करने के कारण उसे 4 से 5 बार नोटिस जारी किया गया था। बावजूद इसके काम शुरू नहीं होने पर टेंडर निरस्त कर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि अधिकारियों की समझाइश के बावजूद ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और जल्द सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि ग्रामीणों के इस विरोध के बाद प्रशासन कब तक इस मामले में ठोस कदम उठाता है।