छत्तीसगढ़। के बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बुधवार को हुई भीषण मुठभेड़ में बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान में लगभग 20 नक्सलियों के ढेर होने की जानकारी सामने आई है, जबकि अब तक 15 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। क्षेत्र में सर्चिंग अभियान अभी भी जारी है।
नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा बटालियन के जवानों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन लॉन्च किया था। केशकुतुल के घने जंगलों में सर्चिंग के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ कई घंटों तक चली। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में नक्सलियों को ढेर किया।
इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जहां बड़ी सफलता हासिल की है, वहीं तीन जवानों ने अपनी जान देश के लिए कुर्बान कर दी। शहीद जवानों में प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी और आरक्षक दुकारू गोंडे शामिल हैं। इसके अलावा दो जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें सोमदेव यादव को इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक हाल ही में कुख्यात नक्सली कमांडर माडवी हिडमा के मारे जाने के बाद से नक्सली संगठन लगातार कमजोर हो रहा है। ऐसे में बीजापुर-दंतेवाड़ा क्षेत्र में सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सल मोर्चे पर एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है। इलाके में अभी भी रुक-रुक कर गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं और जवान पूरे जंगल में सघन सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।