कवर्धा। जिला कबीरधाम के थाना कुकदूर क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई लूट की तीन अलग-अलग घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक नाबालिग सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नगदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुकदूर थाना क्षेत्र में राह चलते लोगों को डरा-धमकाकर नगदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल लूटने की घटनाएं सामने आई थीं। प्रारंभ में पीड़ित भय के कारण रिपोर्ट दर्ज कराने से कतरा रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा समझाइश एवं सुरक्षा का भरोसा दिलाए जाने के बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र बघेल एवं श्री अमित पटेल के निर्देशन तथा एसडीओपी पंडरिया श्री भूपत सिंह धनश्री के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने सघन पतासाजी, तकनीकी साक्ष्य संकलन और मुखबिर तंत्र सक्रिय कर आरोपियों की पहचान की।
तीन प्रमुख वारदातें इस प्रकार रहीं:
07 फरवरी 2026: ग्राम कबराटोला निवासी वाहन चालक से भुरभुसपानी घाटी के पास डंडा दिखाकर 5,000 रुपये नगद लूटे गए।
19 फरवरी 2026: ग्राम छिन्दीडीह निवासी युवक को दमगढ़-नेऊर मार्ग पर पुल के पास रोककर मारपीट कर उसकी मोटरसाइकिल लूट ली गई।
26 फरवरी 2026: ग्राम सिंगपुर निवासी युवक से कुई-बदना मार्ग पर बुडूनरान नाला के पास मारपीट कर मोबाइल फोन, नगदी और मोटरसाइकिल की चाबी लूटी गई।
इन मामलों में थाना कुकदूर में अपराध क्रमांक 10/2026, 11/2026 एवं 12/2026 दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को चिन्हित किया, जिनमें से एक विधि से संघर्षरत बालक है। 5 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया है। पहचान परेड की कार्यवाही शेष होने के कारण आरोपियों के नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। नाबालिग के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत पृथक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
आरोपियों की निशानदेही पर तीनों घटनाओं में लूटा गया सामान — नगद राशि, मोबाइल फोन एवं मोटरसाइकिल — बरामद कर लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपराधिक घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें और भयभीत न हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक हीरेंद्र प्रताप सिंह, मनोज तिवारी, संजू झारिया तथा आरक्षक अजय कांत तिवारी, संदीप पांडेय, दूज राम, पंचराम बघेल, रामकुमार पाटले, कृष्ण कुमार धुर्वे एवं ईश्वर चंद्रवंशी का विशेष योगदान रहा।