अंकिता शर्मा, कवर्धा। कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बीरनपुर कला में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में किसान और उसके पुत्र की करंट लगने से मौत हो गई। जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए खेत में लगाए गए अवैध विद्युत झटका तार (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) की चपेट में आने से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बीरनपुर कला निवासी गोकरण पटेल (55) अपने पुत्र परमेश पटेल (22) के साथ सुबह धान की बुआई के लिए खेत पहुंचे थे। खेत की मेड़ पर जंगली जानवरों से फसल बचाने के उद्देश्य से विद्युत झटका तार लगाया गया था। लगातार बारिश के कारण खेत में पानी भरा हुआ था, जिससे करंट का खतरा और बढ़ गया था।
काम के दौरान अचानक परमेश पटेल करंट की चपेट में आ गए। बेटे को बचाने के लिए गोकरण पटेल तुरंत उसकी ओर दौड़े, लेकिन वे भी करंट की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों के पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो चुकी थी।
काफी देर तक घर नहीं लौटने पर गोकरण पटेल की पत्नी भोजन लेकर खेत पहुंचीं। वहां पति और पुत्र को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखकर उन्होंने शोर मचाया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बिजली का प्रवाह बंद कराया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही सहसपुर लोहारा पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि खेत में लगाए गए झटका तार में बिजली का कनेक्शन किस प्रकार लिया गया था तथा इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में जंगली जानवरों से फसल बचाने के नाम पर अवैध विद्युत फेंसिंग का चलन बढ़ता जा रहा है। पूर्व में भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें ग्रामीणों, मवेशियों और वन्यजीवों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से अवैध विद्युत फेंसिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की है।