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July 4, 2026 12:24 am

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कवर्धा: 4 जुलाई से शुरू होगी भोरमदेव ईको ट्रेल 2026, हर वीकेंड मिलेगा जंगल ट्रेक का रोमांच

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Ankita Sharma

अंकिता शर्मा, कवर्धा। प्रकृति, वन्यजीव एवं सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा भोरमदेव ईको ट्रेल 2026 का शुभारंभ 4 जुलाई से किया जा रहा है। यह विशेष कार्यक्रम भोरमदेव अभ्यारण्य के करियामा गेट स्थित भोरमदेव ईको कैंप से प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को संचालित किया जाएगा।

वन मंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि ईको ट्रेल के दौरान प्रतिभागियों को अनुभवी नेचर गाइड के मार्गदर्शन में भोरमदेव के घने वनों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान विभिन्न वृक्ष प्रजातियों, औषधीय पौधों, पक्षियों, तितलियों एवं वन्यजीवों की उपस्थिति के संकेतों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही जैव विविधता संरक्षण और जिम्मेदार ईको-पर्यटन के महत्व से भी अवगत कराया जाएगा।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे भोरमदेव ईको बेस कैंप में प्रतिभागियों के आगमन एवं स्वागत से होगी। इसके बाद सुरक्षा संबंधी जानकारी और ट्रेल परिचय दिया जाएगा। सुबह 8:30 बजे से जंगल ट्रेक प्रारंभ होगा, जिसमें पक्षी एवं तितली अवलोकन, वनस्पतियों की पहचान, प्राकृतिक फोटोग्राफी तथा वन्यजीवों से जुड़ी जानकारियां शामिल रहेंगी।

वन भ्रमण के बाद प्रतिभागियों को स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिलेगा। दोपहर में विश्राम एवं प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने के पश्चात प्रतिभागी ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर और विरासत परिसर का भ्रमण करेंगे, जहां मंदिर की स्थापत्य कला, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी जाएगी।

वन विभाग ने इस ईको ट्रेल के लिए प्रति प्रतिभागी शुल्क 1,000 रुपये निर्धारित किया है। सीमित सीटों को देखते हुए इच्छुक प्रतिभागियों से समय रहते पंजीयन कराने की अपील की गई है। प्रतिभागियों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था भी की गई है।

अधीक्षक श्रीमती अनिता साहू केशरवानी ने विद्यार्थियों, युवाओं, प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों से इस अनूठी पहल में शामिल होकर प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। वन विभाग के अनुसार भोरमदेव ईको ट्रेल का उद्देश्य लोगों को प्रकृति के करीब लाना, पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाना और क्षेत्र में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना है।

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