अंकिता शर्मा, कवर्धा। NEET एवं CBSE परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के विरोध में शनिवार को कवर्धा में छात्र अधिकार पदयात्रा निकाली गई। गांधी मैदान चौक से शुरू हुई पदयात्रा कांग्रेस भवन होते हुए भारत माता चौक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और नागरिकों ने भाग लेकर निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था तथा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग उठाई।
इस पदयात्रा को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का समर्थन प्राप्त रहा। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर आंदोलन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष शितेष चंद्रवंशी ने कहा कि NEET एवं CBSE परीक्षा में कथित अनियमितताओं और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज ने युवाओं को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और शिक्षा, रोजगार व पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं, एनएसयूआई शहर अध्यक्ष हरदीप पात्रे ने कहा कि पदयात्रा में छात्रों और युवाओं की बड़ी भागीदारी इस बात का संकेत है कि शिक्षा और छात्र अधिकार अब पूरे समाज का मुद्दा बन चुके हैं। उन्होंने निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और छात्र हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही।
पदयात्रा के समापन के लगभग आधे घंटे बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा हुई। इस पर आंदोलन में शामिल छात्रों ने इसे देशभर में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन की बड़ी लोकतांत्रिक सफलता बताया।
कार्यक्रम में शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भीष्म पांडे, एनएसयूआई के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।