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September 21, 2026 10:25 pm

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कवर्धा: नामदेव समाज भवन विवाद में नया मोड़, जिलाध्यक्ष अभिताभ नामदेव के समर्थन में समाज पदाधिकारियों का बड़ा बयान

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Ankita Sharma

अंकिता शर्मा, कवर्धा। संत श्री नामदेव सामाजिक भवन से जुड़े विवाद ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। समाज के सचिव कैलाश नामदेव एवं संरक्षक विद्या नामदेव ने संयुक्त रूप से प्रेस के माध्यम से अपना पक्ष रखते हुए जिलाध्यक्ष अभिताभ नामदेव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें समाज को गुमराह करने की साजिश करार दिया है।

जारी बयान में कहा गया कि पूर्व में आयोजित समाज की बैठकों में चंद्रा नामदेव एवं बसंत नामदेव द्वारा बाहरी लोगों को लाकर बैठक का माहौल खराब करने और विवाद की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया गया था। इस मामले में समाज की बैठक में निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया था।

समाज पदाधिकारियों का दावा है कि 26 जुलाई को सामाजिक भवन में अतिरिक्त कक्ष के पूजन कार्यक्रम के दौरान भी कुछ लोगों द्वारा तोड़फोड़ कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया। इसके बाद स्वयं को बचाने के लिए जिलाध्यक्ष अभिताभ नामदेव के खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए तथा पुराने पुलिस जांच से जुड़े वीडियो को संपादित कर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।

बयान में कहा गया कि अभिताभ नामदेव समाज की सर्वसम्मति से लगातार पांचवीं बार निर्विरोध जिलाध्यक्ष चुने गए हैं। समाज का कहना है कि उनके नेतृत्व में सामाजिक भवन का निर्माण हुआ, जिसका लाभ पूरे समाज को मिल रहा है।

 

समाज पदाधिकारियों ने यह भी दावा किया कि समाज का कोई नया पंजीयन नहीं कराया गया है और पद के लालच में अभिताभ नामदेव पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह असत्य हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक निजी समाचार कार्यालय में दबाव बनाकर रजिस्टर में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया गया था, जिसे बाद में समाज के लोगों की सहमति से निरस्त कर दिया गया।

सचिव कैलाश नामदेव ने कहा कि जिस दिन समाज का चुनाव हुआ, उस दिन चंद्रा नामदेव, बसंत नामदेव एवं उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे। ऐसे में अभिताभ नामदेव को “स्वयंभू जिलाध्यक्ष” कहना समाज के लोकतांत्रिक निर्णय और पूरे समाज का अपमान है।

समाज पदाधिकारियों ने अपील की कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा समाज की एकता और सौहार्द बनाए रखा जाए।

(नोट: यह समाचार समाज के सचिव कैलाश नामदेव एवं संरक्षक विद्या नामदेव द्वारा जारी बयान पर आधारित है। मामले में दूसरे पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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