कवर्धा। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। जबलपुर–मंडला–छत्तीसगढ़ सीमा–कवर्धा–सिमगा–रायपुर मार्ग को 6-लेन एक्सप्रेसवे के रूप में उन्नत किए जाने की योजना है। इसके साथ ही जबलपुर–भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को भी मंजूरी दी गई है।
क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। सांसद ने बताया कि दोनों परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा करीब 15 हजार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
प्रस्तावित कॉरिडोर मध्यप्रदेश के भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला को छत्तीसगढ़ से जोड़ेगा। छत्तीसगढ़ में यह मार्ग चिल्फीघाटी, कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा होते हुए रायपुर तक पहुंचेगा। करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत से जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा, कवर्धा होते हुए रायपुर तक के मार्ग को 6-लेन एक्सप्रेसवे के रूप में अपग्रेड किए जाने की योजना है।
सांसद संतोष पांडेय के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद भोपाल और रायपुर के बीच यात्रा का समय वर्तमान 14–15 घंटे से घटकर लगभग 6–7 घंटे रह सकता है। वहीं जबलपुर से रायपुर की दूरी तय करने में लगने वाला समय भी वर्तमान 7–8 घंटे से घटकर करीब 3.5–4 घंटे होने की उम्मीद है।
यह इंटर-स्टेट कॉरिडोर मध्यभारत के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक और परिवहन मार्ग साबित होगा। इससे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच व्यापार, पर्यटन, उद्योग तथा आवागमन को गति मिलने के साथ दोनों राज्यों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह कनेक्टिविटी काफी अहम मानी जा रही है।
सांसद पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकसित हो रहे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में मध्यभारत की कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ‘विकसित भारत’ के संकल्प को गति देने के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विकास एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगी।