कवर्धा/पंडरिया। छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और प्रदेशवासियों के मंगल की कामना को लेकर अमरकंटक से भोरमदेव तक निकली 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा पांचवें दिन पंडरिया पहुंची। पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में करीब 600 कांवड़ यात्रियों के नगर में पहुंचते ही पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठा। जगह-जगह शिवभक्तों, भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक एवं हिंदू संगठनों ने पुष्पवर्षा और बाजे-गाजे के साथ कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया।
यात्रा की शुरुआत ग्राम मोहतरा से हुई, जहां स्थानीय रामधुनी मंडली ने भगवान भोलेनाथ के भजनों की प्रस्तुति दी। भक्तिमय माहौल के बीच कांवड़िये झूमते नजर आए। इसके बाद सभी कांवड़िये ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ जलेश्वर महादेव मंदिर, ग्राम डोंगरिया के लिए रवाना हुए। यहां कांवड़ियों ने पवित्र नर्मदा जल से भगवान जलेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और प्रदेशवासियों के मंगलमय जीवन की कामना की।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दी शुभकामनाएं
यात्रा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधायक भावना बोहरा और कांवड़ यात्रियों से फोन पर बातचीत कर उन्हें इस पुण्य यात्रा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विधानसभा अध्यक्ष की शुभकामनाओं से कांवड़ियों में उत्साह और ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
पंडरिया में उमड़ा शिवभक्तों का जनसैलाब
कांवड़ यात्रा के पंडरिया नगर पहुंचने पर बड़ी संख्या में शिवभक्त सड़क पर उतर आए। नगर में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया गया। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा पंडरिया भगवामय नजर आया। यात्रा के मार्ग में आने वाले मोहतरा खुर्द, तेंदुवाडीह, पंडरिया, रौहा, परसवारा, दशरंगपुर, चारभांठा और डोंगरिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने कांवड़ियों के प्रति अपनी आस्था और उत्साह का प्रदर्शन किया।
यह यात्रा आस्था, संकल्प और जन-जन के स्नेह का अनुभव”
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह यात्रा केवल 151 किलोमीटर की पदयात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संकल्प और जन-जन के स्नेह से जुड़ने का आध्यात्मिक अनुभव है। हर पड़ाव पर लोगों से मिल रहा अपनत्व और आशीर्वाद कांवड़ियों के लिए ऊर्जा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के पावन जल को लेकर भोरमदेव धाम तक पहुंचने का संकल्प लगातार आगे बढ़ रहा है। कठिन रास्तों और लंबी दूरी के बावजूद कांवड़ियों के कदमों में उत्साह और मन में भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था बनी हुई है।
विधायक ने बताया कि 16 अगस्त को भोरमदेव पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। उन्होंने यात्रा के दौरान स्वागत और सहयोग के लिए क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति, आस्था, परंपरा और सामूहिक एकता का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।