दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और सांसद संतोष पांडेय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की मुलाकात, बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना को मिली स्वीकृति
कवर्धा। बहुप्रतीक्षित डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
गुरुवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू तथा सांसद संतोष पांडेय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में डोंगरगढ़ से कटघोरा तक नई रेल लाइन के साथ ही बस्तर क्षेत्र की दो नई रेल परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई, जिन्हें केंद्रीय रेल मंत्री ने स्वीकृति प्रदान की।
सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन की मांग वे लगातार लोकसभा में उठाते रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कई बार केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात कर परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह भी किया था। उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना के शुरू होने से कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित आसपास के जिलों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा यातायात और व्यापार की नई संभावनाएं विकसित होंगी।
लगातार प्रयासों का मिला परिणाम
सांसद पांडेय पिछले कई वर्षों से इस परियोजना को लेकर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 14 दिसंबर 2023 को भी नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कराने का आग्रह किया था। इसके बाद भी वे लगातार इस विषय को केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहे। उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम अब परियोजना की स्वीकृति के रूप में सामने आया है।
वर्ष 2018 में हुआ था शिलान्यास
डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन परियोजना को पूर्व में केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी थी तथा अक्टूबर 2018 में इसका शिलान्यास भी किया गया था। हालांकि परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भू-अधिग्रहण एवं राज्यांश जैसी प्रक्रियाओं में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भाजपा का आरोप है कि प्रदेश में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान आवश्यक पहल नहीं होने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब नई स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ होने की उम्मीद जताई जा रही है।