अंकिता शर्मा, कवर्धा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत कबीरधाम जिले के 16 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की महिलाओं के लिए ग्राम महाराजपुर स्थित पंचायत प्रशिक्षण केंद्र में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, व्यवहारिक ज्ञान और सामूहिक सीख के माध्यम से सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में सीएलएफ की दीदियों एवं सामुदायिक कैडरों ने ब्रेनस्टॉर्मिंग और को-लर्निंग के सिद्धांतों पर आधारित गतिविधियों में भाग लिया। महिलाओं ने अपने-अपने व्यवसायों, आजीविका गतिविधियों, वित्तीय समावेशन, बैंक लिंकेज तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े अनुभव साझा किए। इस दौरान मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में को-लर्निंग की अवधारणा के तहत महिलाओं ने एक-दूसरे के व्यवसायिक अनुभवों से सीख ली। पंडरिया क्षेत्र की एक महिला द्वारा गुड़ उद्योग की जानकारी साझा किए जाने पर अन्य महिलाओं ने भी इस व्यवसाय से जुड़ने में रुचि दिखाई। वहीं ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र में कुकुट पालन व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक महिला की समस्याओं का समाधान अन्य अनुभवी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा कर किया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण में नई पद्धतियों को शामिल कर इसे अधिक रोचक और व्यवहारिक बनाया गया है। उन्होंने महिलाओं को आपसी व्यापार बढ़ाने और समूहों के उत्पादों के लिए एक-दूसरे को बाजार उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि नवाचार और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनकी आय में वृद्धि करना मिशन का प्रमुख उद्देश्य है।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पीआरपी, एफएलसीआरपी एवं आरबीके को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की रुचि, कौशल और व्यवहारिक ज्ञान के समन्वय से बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।