अंकिता शर्मा, कवर्धा। जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने के लिए क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। सांसद ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) द्वारा अधोसंरचना संबंधी कारणों का हवाला देते हुए मान्यता नहीं दिए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार कराने का आग्रह किया है।
सांसद पांडेय ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि केंद्र सरकार पहले ही कबीरधाम जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दे चुकी है तथा राज्य सरकार द्वारा भवन निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है। मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इस शैक्षणिक सत्र से वैकल्पिक भवन में कॉलेज संचालन की तैयारी थी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए जिला अस्पताल के समीप स्थित आयुष भवन उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर निकट स्थित उद्योग भवन का भी उपयोग किया जा सकता है। वहीं छात्र-छात्राओं के आवास हेतु पुराने तहसील कार्यालय को चिन्हित किया गया है। इसके अलावा जिला अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए किया जा सकता है।
सांसद ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया है कि जिले के हित और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एनएमसी को इस मामले में पुनर्विचार के निर्देश दिए जाएं, ताकि मेडिकल कॉलेज को शीघ्र मान्यता मिल सके और छात्रों को लाभ प्राप्त हो।
मेडिकल कॉलेज के लिए लगातार प्रयासरत रहे सांसद
सांसद संतोष पांडेय लंबे समय से कबीरधाम जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए प्रयासरत रहे हैं। वर्ष 2021 में उन्होंने लोकसभा में यह मुद्दा उठाते हुए तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखा था। इसके बाद वर्ष 2023 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात कर जिले में मेडिकल कॉलेज की मांग दोहराई थी। उनके लगातार प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति प्रदान की। वहीं भवन निर्माण के लिए राज्य सरकार से स्वीकृति दिलाने हेतु उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी मुलाकात की थी, जिसके बाद निर्माण कार्य को मंजूरी मिली।
सांसद के पत्र के बाद अब मेडिकल कॉलेज की मान्यता को लेकर केंद्र और एनएमसी के स्तर पर आगे की कार्रवाई पर जिलेवासियों की नजरें टिकी हैं।